पीलीभीत टाइगर रिजर्व में हादसा: क्षमता से तीन गुना अधिक सैलानी चढ़ने से 50 फुट ऊंचा वॉच टावर टूटा, 16 घायल
महोफ रेंज में कई सैलानी एकाएक वॉच टावर पर चढ़ गए। क्षमता से अधिक वजह हो जाने के कारण वॉच टावर टूट गया। जिससे कई सैलानी नीचे आ गिरे।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में बृहस्पतिवार शाम 50 फुट ऊंचा जर्जर वॉच टावर टूटने से 16 सैलानी घायल हो गए। उस पर क्षमता से तीन गुना अधिक लोग चढ़ गए थे। वहां घूमने आए लखनऊ के शिया कॉलेज के समूह में शामिल दो छात्राओं के हाथों की हड्डियां टूट गईं। अफसरों ने घायलों का माधोटांडा कस्बे के एक अस्पताल में इलाज कराकर उन्हें निजी वाहन से लखनऊ भिजवा दिया।
लखनऊ से करीब 30 छात्र-छात्राएं कॉलेज स्टाफ के साथ बृहस्पतिवार को ही टाइगर रिजर्व पहुंचे थे। मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस पर वाहन खड़े करने के बाद सभी लोग शाम की शिफ्ट में जंगल सफारी वाहन से सैर को निकले। करीब पांच बजे पक्की पटरी नहर मार्ग पर बारहसिंगा ताल पर बने वॉच टावर के पास सफारी वाहन रुका। वहां की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के लिए 11 छात्र-छात्राएं टावर पर चढ़ गए।
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उन्हें देखकर पांच अन्य सैलानी भी चढ़ गए। क्षमता से अधिक लोगों के चढ़ने से टावर टूटकर गिर गया। छात्र-छात्राएं और सैलानी नीचे गिरकर घायल हो गए। नीचे खड़े गाइड रहमत और चालक सूरज भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे से पीटीआर में खलबली मच गई। मुस्तफाबाद से रेंजर हरेंद्र यादव मौके पर पहुंचे और घायल छात्र-छात्राओं को माधोटांडा स्थित एक निजी क्लीनिक पर ले जाकर इलाज कराया। इसके बाद रेंजर ने वाहन से विद्यार्थियों को लखनऊ के लिए रवाना कर दिया। मामूली रूप से घायल हुए सैलानी भी खुद चले गए।
जर्जर हो चुका था टावर, अधिकारियों ने नहीं दिया ध्यान
घायल छात्र-छात्राओं के मुताबिक टावर कमजोर और कई जगह से गला हुआ प्रतीत हो रहा था। उन्हें किसी गाइड और चालक ने ऊपर चढ़ने के लिए मना नहीं किया। अचानक टावर टूट गया। हादसे के बाद सभी सैलानी काफी दहशत में नजर आए। टावर की जर्जर हालत पर अधिकारियों ने कभी ध्यान नहीं दिया।
पीटीआर में उपचार की नहीं कोई व्यवस्था
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस में जहां पर्यटक इकट्ठा होते हैं वहां सैलानियों को महज टिकट दिया जाता है जबकि उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। हद तो यह है कि प्राथमिक चिकित्सा तक के इंतजाम नहीं है। यही कारण रहा कि बृहस्पतिवार को हादसे के बाद घायलों को माधोटांडा कस्बे में एक निजी चिकित्सक के यहां ले जाया गया।
मुस्तफाबाद के रेंजर ने बताया कि टावर पर एक समय में पांच-छह लोगों को ही चढ़ने देने के लिए गाइड और चालकों को निर्देश थे। जबकि करीब 16 लोग उस पर पहुंच गए, इसी वजह से हादसा हुआ। मामले की जांच कराई जाएगी।