{"_id":"5fb56b098ebc3e9bb350c3b1","slug":"tigress-terror-pilibhit-news-bly4272612113","type":"story","status":"publish","title_hn":"खारजा नहर पुल के पास ढाबे पर पहुंची बाघिन, बढ़ी दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खारजा नहर पुल के पास ढाबे पर पहुंची बाघिन, बढ़ी दहशत
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माधोटांडा में खारजा नहर पुल के समीप बाघिन के पैरों के निशान देखते डीएफओ संजीव कुमार
- फोटो : PILIBHIT
माधोटांडा। खारजा नहर क्षेत्र में घूम रही बाघिन से क्षेत्रवासियों में दहशत बढ़ती जा रही है। मंगलवार रात बाघिन खारजा नहर पुल के समीप एक ढाबे के पास पहुंच गई। बुधवार सुबह बाघिन के पैरों के निशान देखे जाने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। बाघिन की सक्रियता बढ़ने के बाद सामाजिक वानिकी के डीएफओ संजीव कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने वन कर्मियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
बराही जंगल से निकली एक बाघिन और बाघ की पिछले कई दिनों से चहलकदमी देखी जा रही है। खारजा नहर की पटरी की झाड़ियों में शरण लिए बाघिन कस्बे के निकट तक घूम रही है। नहर क्षेत्र से सटे खेतों और मुख्य मार्ग पर बाघिन की मौजूदगी देखे जाने से ग्रामीण दहशत में हैं।
उधर, मंगलवार रात बाघिन खारजा नहर पुल के निकट कस्बा निवासी बनवारी लाल के ढाबे के पीछे तक पहुंच गई। अगले दिन बुधवार सुबह ढाबा मालिक ने पैरों के निशान देखे तो सूचना वन कर्मियों को दी। बुधवार पूरे दिन वनकर्मी गश्त कर बाघिन की लोकेशन तलाशते रहे। उधर, सामाजिक वानिकी प्रभाग के डीएफओ संजीव कुमार भी मौके पर पहुंचे और वन कर्मियों के साथ खारजा नहर क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने वनकर्मियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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बढ़ाया जाएगा स्टाफ, पीटीआर के वनकर्मी भी रखेंगे नजर
खारजा नहर क्षेत्र में बाघिन की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए डीएफओ संजीव कुमार ने स्टाफ में बढ़ोतरी कर निगरानी तेज करने की बात कही है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के वन कर्मियों को भी निगरानी में लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर से वार्ता की जाएगी।
मृत पड़े मवेशियों ने बढ़ा दी बाघिन की सक्रियता
बाघिन की बढ़ती सक्रियता को देख वन विभाग ने इस पर भी मंथन शुरू कर दिया है कि आखिर बाघिन इस इलाके में क्यों डेरा डाले है। बताते हैं कि कलीनगर मोड़ पर खारजा नहर क्षेत्र में मृत मवेशियों को डाला जा रहा है। वन विभाग को पता चला कि मृत मवेशियों को कलीनगर नगर पंचायत यहां डाल रही है। बताते हैं कि क्षेत्रीय वन दरोगा अजमेर सिंह ने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी से मिलकर मवेशियों को खारजा नहर क्षेत्र में न डालने की बात कही है।
खारजा नहर क्षेत्र के आसपास बाघिन की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए निगरानी के लिए स्टाफ बढ़ाया जाएगा। पीटीआर के वनकर्मी भी सहयोग करेंगे। किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। - संजीव कुमार, डीएफओ, सामाजिक वानिकी प्रभाग
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बराही जंगल से निकली एक बाघिन और बाघ की पिछले कई दिनों से चहलकदमी देखी जा रही है। खारजा नहर की पटरी की झाड़ियों में शरण लिए बाघिन कस्बे के निकट तक घूम रही है। नहर क्षेत्र से सटे खेतों और मुख्य मार्ग पर बाघिन की मौजूदगी देखे जाने से ग्रामीण दहशत में हैं।
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उधर, मंगलवार रात बाघिन खारजा नहर पुल के निकट कस्बा निवासी बनवारी लाल के ढाबे के पीछे तक पहुंच गई। अगले दिन बुधवार सुबह ढाबा मालिक ने पैरों के निशान देखे तो सूचना वन कर्मियों को दी। बुधवार पूरे दिन वनकर्मी गश्त कर बाघिन की लोकेशन तलाशते रहे। उधर, सामाजिक वानिकी प्रभाग के डीएफओ संजीव कुमार भी मौके पर पहुंचे और वन कर्मियों के साथ खारजा नहर क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने वनकर्मियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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बढ़ाया जाएगा स्टाफ, पीटीआर के वनकर्मी भी रखेंगे नजर
खारजा नहर क्षेत्र में बाघिन की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए डीएफओ संजीव कुमार ने स्टाफ में बढ़ोतरी कर निगरानी तेज करने की बात कही है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के वन कर्मियों को भी निगरानी में लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर से वार्ता की जाएगी।
मृत पड़े मवेशियों ने बढ़ा दी बाघिन की सक्रियता
बाघिन की बढ़ती सक्रियता को देख वन विभाग ने इस पर भी मंथन शुरू कर दिया है कि आखिर बाघिन इस इलाके में क्यों डेरा डाले है। बताते हैं कि कलीनगर मोड़ पर खारजा नहर क्षेत्र में मृत मवेशियों को डाला जा रहा है। वन विभाग को पता चला कि मृत मवेशियों को कलीनगर नगर पंचायत यहां डाल रही है। बताते हैं कि क्षेत्रीय वन दरोगा अजमेर सिंह ने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी से मिलकर मवेशियों को खारजा नहर क्षेत्र में न डालने की बात कही है।
खारजा नहर क्षेत्र के आसपास बाघिन की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए निगरानी के लिए स्टाफ बढ़ाया जाएगा। पीटीआर के वनकर्मी भी सहयोग करेंगे। किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। - संजीव कुमार, डीएफओ, सामाजिक वानिकी प्रभाग