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टाहपौटा गांव के निकट खेत में पहुंचा बाघ

Sat, 15 Jul 2017 08:01 PM IST
न्यूरिया
न्यूरिया Updated Sat, 15 Jul 2017 08:01 PM IST
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Tigers reaching the farm near Tahpouta village
Tigers reaching the farm near Tahpouta village - फोटो : Tigers reaching the farm near Tahpouta village
वनकटी क्षेत्र में बाघ की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। जंगल से करीब डेढ़ किमी दूर टाहपौटा और इससे सटे मेवातपुर के खेतों में सुबह बाघ देखा गया। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों को भी बाघ की चहल कदमी दिखी। इस पर टीम के माध्यम से गई खेतों में उसकी तलाशी कर उसे जंगल खदेड़ने के प्रयास किए, लेकिन शाम तक सफलता नहीं मिली।
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माला रेंज के वनकटी क्षेत्र में पिछले करीब तीन चार माह से बाघों का आतंक है। कई लोग अब तक बाघ का शिकार भी हो चुके है। शनिवार को सुबह करीब नौ बजे मेवातपुर निवासी राजेंद्र कुमार अपने धान के खेत में खाद डाल रहा था। इस दौरान उसे पड़ोसी मोतीराम के खेत की ओर जाता हुआ बाघ दिखा। बाघ को देखकर राजेंद्र के होश उड़ गए और वह खाद छोड़कर वहां से भाग गया। राजेंद्र की सूचना गांव वाले पहुंचे और उन्होंने वन विभाग को सूचना दी। कुछ देर बाद डीएफओ टाइगर रिजर्व कैलाश प्रकाश, डीएफओ सामाजिक वानिकी आदर्श कुमार, माला रेंजर डीके श्रीवास्तव, बराही रेंजर अनिल शाह कई वनकर्मियों और गाड़ियों के साथ पहुंच गए साथ ही न्यूरिया थाना प्रभारी जसपाल ग्वाल भी टीम के साथ पहुंचे। वनकर्मियों ने गन्ने के खेत में घुसकर सर्च आपरेशन शुरू किया। करीब 10.30 बजे पटाखे दागने पर बाघ गन्ने के खेत से निकलकर सड़क की ओर दौड़ा लेकिन ग्रामीणों, वन विभाग पुलिस कर्मियों के गाड़ियों को देख बाघ फिर दूसरे खेत में घुस गया। वनकर्मियों ने पुन: उसे खदेड़ने का प्रयास किया, लेकिन दो प्रयासों के बाद भी सफलता नहीं किया। इस बीच माला रेंज से दो हाथी मंगवाए गए। अधिकारियों ने हाथी पर बैठकर गन्ने के खेत में घुसने की तैयारी की, लेकिन खेत स्वामी मोतीराम ने गन्ना खराब हो जाने की बात कहकर हाथियों को अंदर ले जाने से रोक दिया। अंधेरा होने तक बाघ गन्ने के खेत में ही छिपा बताया जा रहा है। बाघ के जंगल न जाने से ग्रामीणों में दहशत है।
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पहले प्रयास में बाघ खेत से निकल सड़क की ओर आया था जिसे मैंने स्वयं देखा था, लेकिन वाहनों और भीड़ को देखकर लौट गया। दो टीमों को रात्रि निगरानी के लिए लगाया जा रहा है। सुबह फिर सर्च आपरेशन चलाया जाएगा।
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कैलाश प्रकाश, डीएफओ, टाइगर रिजर्व

जंगल से पकड़ा संदिग्ध, जेल भेजा      
पीलीभीत। एक ओर बाघ के आतंक से लोग भयभीत हैं वहीं दूसरी ओर घने जंगल में एक व्यक्ति संदिग्ध हालत में घूमता मिला है। वन विभाग ने न्यूरिया पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। शनिवार को बाघ के जंगल से बाहर निकलने की सूचना पर वनक्षेत्राधिकारी बराही अनिल शाह टीम के साथ घटना स्थल आ रहे थे। मुस्तफाबाद से जंगल में प्रवेश करने के बाद रास्ते में उन्हें एक व्यक्ति मिला जो रास्ते के किनारे आराम से लेटा हुआ था। पूछताछ करने पर वह मंदबुद्धि प्रतीत हुआ, लेकिन बाद में उसने नाम कैलाश पिता का नाम प्रहलाद निवासी रायपुर मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़ बताया। इस पर रेंजर शाह उसे अपने साथ ले आए। डीएफओ कैलाश प्रकाश ने भी उसे पूछताछ की लेकिन कोई सही जानकारी हासिल नहीं हुई। इस पर रेंजर अनिल शाह ने डीएफओ के निर्देश उसे न्यूरिया पुलिस के सुपुर्द कर दिया। डीएफओ ने बताया कि इतनी दूर का व्यक्ति यहां तक कैसे पहुंचा और उसका मकसद क्या है यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल बाघ के सर्च आपरेशन की व्यस्तता के चलते से पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
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