{"_id":"5fd50c298ebc3e3b6366ecb0","slug":"tiger-walks-out-of-bushes-after-apccf-leaves-pilibhit-news-bly429909452","type":"story","status":"publish","title_hn":"एपीसीसीएफ के जाने के बाद झाड़ियों से बाहर निकला बाघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एपीसीसीएफ के जाने के बाद झाड़ियों से बाहर निकला बाघ
विज्ञापन
माधोटांडा। कस्बे से सटी हरदोई ब्रांच नहर क्षेत्र में डेरा जमाए बाघ शनिवार की शाम अचानक झाड़ियों से बाहर निकल आया। बाघ को देखने के लिए रोजाना की ही भांति नहर के पुल पर लोगों का पहले से ही मजमा लगा हुआ था। वनकर्मियों ने बमुश्किल लोगों को हटाया। फिलहाल रेंजरों के नेतृत्व में टीम लगातार बाघ की निगरानी कर रही है।
हरदोई ब्रांच नहर क्षेत्र में पिछले तीन दिन से एक बाघ डेरा जमाए हुए हैं। बाघ की निगरानी के लिए टाइगर रिजर्व के बराही रेंज के रेंजर डीके गोयल और सामाजिक वानिकी के रेंजर अयूब हसन के नेतृत्व में वनकर्मियों की टीमें लगी हुई हैं। एक दिन पहले बाघ की कोई लोकेशन नहीं दिखी थी, मगर बाघ के नहर की पटरी पर खड़ी झाड़ियों में छिपे होने की आशंका जताई जा रही थी।
उधर, शनिवार को जंगल से बाहर घूम रहे बाघों की हकीकत जानने के लिए लखनऊ से पहुंचे उप प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रोजेक्ट टाइगर कमलेश कुमार ने भी नहर क्षेत्र का दौरा किया, हालांकि शनिवार सुबह से बाघ दिखाई नहीं दिया। उधर, उप प्रधान मुख्य संरक्षक के जाने के कुछ देर बाद ही बाघ झाड़ियों ने निकलकर चहलकदमी करते देखा गया। बाघ को देखने के लिए रोज की तरह ही शनिवार शाम को भी पुल पर पहले से ही लोगों का मजमा लगा हुआ था। पुल पर खड़े लोगों ने अपने मोबाइल से बाघ की तस्वीरें कैद करने की कोशिश की, मगर दूरी अधिक होने के कारण वह सफल नहीं हो सके। उधर, बढ़ती भीड़ को देखते हुए वनकर्मियों ने पुल पर पहुंचकर लोगों को बमुश्किल हटाया। बावजूद इसके कुछ लोग फिर भी पुल के आसपास जमे रहे।
विज्ञापन
अब न्यूरिया क्षेत्र में दिखे बाघ के पदचिह्न
मझोला। न्यूरिया क्षेत्र के मझारा फार्म निवासी किसान रक्षपाल सिंह का खेत मझोला-डूनीडाम मार्ग के सूरजपुर मोड़ पर है। शुक्रवार शाम को उन्होंने गेहूं के खेत की सिंचाई की थी। शनिवार की दोपहर बाद वह मजदूरों के साथ खेत देखने पहुंचे। इस दौरान उन्हें खेत की मेड़ पर बाघों के पैरों के निशान दिखाई दिए। रक्षपाल सिंह की सूचना पर वन दरोगा सोनिया सिंह समेत कई वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर पैरों के निशान ट्रेस किए। वन दरोगा ने बताया कि बाघ उत्तराखंड की सीमा के दाहा ढाकी फार्म से खेत की ओर आया था। पदचिह्नों के मुताबिक, बाघ उत्तराखंड सीमा की ओर चला गया है। उन्होंने किसानों से सतर्क रहने की अपील की।
विज्ञापन
हरदोई ब्रांच नहर क्षेत्र में पिछले तीन दिन से एक बाघ डेरा जमाए हुए हैं। बाघ की निगरानी के लिए टाइगर रिजर्व के बराही रेंज के रेंजर डीके गोयल और सामाजिक वानिकी के रेंजर अयूब हसन के नेतृत्व में वनकर्मियों की टीमें लगी हुई हैं। एक दिन पहले बाघ की कोई लोकेशन नहीं दिखी थी, मगर बाघ के नहर की पटरी पर खड़ी झाड़ियों में छिपे होने की आशंका जताई जा रही थी।
विज्ञापन
उधर, शनिवार को जंगल से बाहर घूम रहे बाघों की हकीकत जानने के लिए लखनऊ से पहुंचे उप प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रोजेक्ट टाइगर कमलेश कुमार ने भी नहर क्षेत्र का दौरा किया, हालांकि शनिवार सुबह से बाघ दिखाई नहीं दिया। उधर, उप प्रधान मुख्य संरक्षक के जाने के कुछ देर बाद ही बाघ झाड़ियों ने निकलकर चहलकदमी करते देखा गया। बाघ को देखने के लिए रोज की तरह ही शनिवार शाम को भी पुल पर पहले से ही लोगों का मजमा लगा हुआ था। पुल पर खड़े लोगों ने अपने मोबाइल से बाघ की तस्वीरें कैद करने की कोशिश की, मगर दूरी अधिक होने के कारण वह सफल नहीं हो सके। उधर, बढ़ती भीड़ को देखते हुए वनकर्मियों ने पुल पर पहुंचकर लोगों को बमुश्किल हटाया। बावजूद इसके कुछ लोग फिर भी पुल के आसपास जमे रहे।
विज्ञापन
अब न्यूरिया क्षेत्र में दिखे बाघ के पदचिह्न
मझोला। न्यूरिया क्षेत्र के मझारा फार्म निवासी किसान रक्षपाल सिंह का खेत मझोला-डूनीडाम मार्ग के सूरजपुर मोड़ पर है। शुक्रवार शाम को उन्होंने गेहूं के खेत की सिंचाई की थी। शनिवार की दोपहर बाद वह मजदूरों के साथ खेत देखने पहुंचे। इस दौरान उन्हें खेत की मेड़ पर बाघों के पैरों के निशान दिखाई दिए। रक्षपाल सिंह की सूचना पर वन दरोगा सोनिया सिंह समेत कई वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर पैरों के निशान ट्रेस किए। वन दरोगा ने बताया कि बाघ उत्तराखंड की सीमा के दाहा ढाकी फार्म से खेत की ओर आया था। पदचिह्नों के मुताबिक, बाघ उत्तराखंड सीमा की ओर चला गया है। उन्होंने किसानों से सतर्क रहने की अपील की।