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इस बार सैलानियों को टाइगर रिजर्व में 15 टूरिज्म प्वाइंटों के होंगे दीदार
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महोफ रेंज कार्यालय के समीप सैलानियों के लिए बनाए गए प्रकृति चित्रण केंद्र के अंदर का दृश्य।
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। एक नवंबर से प्रारंभ होने वाले टाइगर रिजर्व के पर्यटन सत्र की तैयारी तेज हो चुकी हैं। कोरोना काल के बाद सैलानियों को जंगल की प्राकृतिक छटा तो लुभाएगी ही, वहीं यहां आने सैलानी चूका बीच के अलावा 14 अन्य टूरिज्म प्वाइंट की भी सैर कर सकेंगे। टूरिस्ट गाइड सैलानियों को इन प्वाइंटों पर ले तो जाएंगे ही बाकायदा इनकी खूबियों के बारे में भी बताएंगे। इतना ही नहीं टाइगर रिजर्व प्रशासन सैलानियों को आकर्षित करने के लिए शारदा सागर डैम का बोटिंग एरिया बढ़ाने के लिए भी प्रयासरत है।
टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र बारिश के मौसम में हर साल पांच माह के लिए बंद कर दिया जाता है। कोरोनाकाल में पीटीआर प्रशासन नए पर्यटन सत्र को 15 नवंबर के बजाय एक नवंबर से शुरू करने का निर्णय ले चुका है। इस बार सैलानियों को टाइगर रिजर्व के भ्रमण के दौरान बहुत कुछ बदला मिलेगा। इस बार मिनी गोवा कहे जाने वाले महोफ रेंज स्थित इको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच को पांच करोड़ रुपये की लागत से सजाया संवारा गया है। पर्यटन विभाग की देखरेख में चूका बीच में अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। गेस्ट हाउस और मुख्यद्वार रंग-रोगन किए गए हैं। उन्हें आकर्षक रूप दिए जाने का काम अंतिम चरण में है। चूका बीच रात को सोलर लाइटों से जगमगाएगा। सैलानी बिना किसी व्यवधान के पर्यटन का पूरा आनंद ले सके, इसका पूरा ध्यान रखा गया है।
इन टूरिज्म प्वाइंटों को उठा सकेंगे लुत्फ
पीलीभीत में देवहा, गोमती, खन्नौत, माला और खकरा नदी बहती हैं। जिला मुख्यालय से करीब 51 किमी दूरी पर शारदा सागरा जलाशय है। साल का एक बड़ा जंगल जलाशय की खूबसूरती में चार चांद लगाता है। इससे सटे दो हेक्टेयर क्षेत्रफल में इको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच है। चूका बीच में एक बैंबो हट, चार थारू हट, वाटर हट, अरण्य कुटी और एक ट्री हट है। इनमें सैलानी रात्रि विश्राम कर सकते हैं। वहीं पर्यटकों की जानकारी के लिए एक फोटो गैलरी है। उसमें वन क्षेत्र के प्रमुख स्थान और वन्यजीवों की जानकारी दी गई है। कैंटीन की भी सुविधा दी गई। नए पर्यटन सत्र में पीटीआर प्रशासन से सैलानियों को चूका बीच समेत 15 टूरिज्म प्वाइंटों के दीदार कराने की तैयारी की है। इन सभी टूरिज्म प्वाइंटों की अलग-अलग विशेषताएं हैं। इन प्वाइंटों पर भ्रमण के दौरान सैलानियों को वन्यजीवों, पक्षियों के अलावा प्राकृतिक नजारे देखने को मिलेंगे।
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यह है कुछ खास टूरिस्ट प्वाइंट
- चूका बीच
- सप्त सरोवर
- बाइफरकेशन
- भीमताल
- लड़सिया ताल
- बराही वन क्षेत्र
- महोफ प्रकृति चित्रण केंद्र, सेल्फी प्वाइंट
- सांभर ताल
- लाल पुल आदि
शारदा डैम में बोटिंग एरिया बढ़ाने पर मंथन
टाइगर रिजर्व में भ्रमण के दौरान सैलानी चूका बीच पहुंचने पर शारदा डैम में बोटिंग कर सकेंगे। सैलानियों को आकर्षित करने के लिए पीटीआर प्रशासन इस बार शारदा डैम में बोटिंग एरिया बढ़ाने की दिशा में प्रयासरत है। इसको लेकर वन अफसर सिंचाई अभियंताओं से मंथन कर रहे हैं। इस योजना के तहत शारदा डैम के किनारे के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी कराए जाने की संभावना है। यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो सैलानी शारदा सागर डैम के एक बड़े क्षेत्र में बोटिंग का आनंद ले सकेंगे।
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास चल रहे हैं। नए पर्यटन सत्र को लेकर तैयारियां तेज की जा चुकी है। सैलानियों को इस बार 15 टूरिज्म प्वाइंट पर घूमने की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा सैलानियों को क्या नई सुविधाएं दी जा सकती है, इस पर भी मंथन चल रहा है।
- नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र बारिश के मौसम में हर साल पांच माह के लिए बंद कर दिया जाता है। कोरोनाकाल में पीटीआर प्रशासन नए पर्यटन सत्र को 15 नवंबर के बजाय एक नवंबर से शुरू करने का निर्णय ले चुका है। इस बार सैलानियों को टाइगर रिजर्व के भ्रमण के दौरान बहुत कुछ बदला मिलेगा। इस बार मिनी गोवा कहे जाने वाले महोफ रेंज स्थित इको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच को पांच करोड़ रुपये की लागत से सजाया संवारा गया है। पर्यटन विभाग की देखरेख में चूका बीच में अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। गेस्ट हाउस और मुख्यद्वार रंग-रोगन किए गए हैं। उन्हें आकर्षक रूप दिए जाने का काम अंतिम चरण में है। चूका बीच रात को सोलर लाइटों से जगमगाएगा। सैलानी बिना किसी व्यवधान के पर्यटन का पूरा आनंद ले सके, इसका पूरा ध्यान रखा गया है।
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इन टूरिज्म प्वाइंटों को उठा सकेंगे लुत्फ
पीलीभीत में देवहा, गोमती, खन्नौत, माला और खकरा नदी बहती हैं। जिला मुख्यालय से करीब 51 किमी दूरी पर शारदा सागरा जलाशय है। साल का एक बड़ा जंगल जलाशय की खूबसूरती में चार चांद लगाता है। इससे सटे दो हेक्टेयर क्षेत्रफल में इको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच है। चूका बीच में एक बैंबो हट, चार थारू हट, वाटर हट, अरण्य कुटी और एक ट्री हट है। इनमें सैलानी रात्रि विश्राम कर सकते हैं। वहीं पर्यटकों की जानकारी के लिए एक फोटो गैलरी है। उसमें वन क्षेत्र के प्रमुख स्थान और वन्यजीवों की जानकारी दी गई है। कैंटीन की भी सुविधा दी गई। नए पर्यटन सत्र में पीटीआर प्रशासन से सैलानियों को चूका बीच समेत 15 टूरिज्म प्वाइंटों के दीदार कराने की तैयारी की है। इन सभी टूरिज्म प्वाइंटों की अलग-अलग विशेषताएं हैं। इन प्वाइंटों पर भ्रमण के दौरान सैलानियों को वन्यजीवों, पक्षियों के अलावा प्राकृतिक नजारे देखने को मिलेंगे।
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यह है कुछ खास टूरिस्ट प्वाइंट
- चूका बीच
- सप्त सरोवर
- बाइफरकेशन
- भीमताल
- लड़सिया ताल
- बराही वन क्षेत्र
- महोफ प्रकृति चित्रण केंद्र, सेल्फी प्वाइंट
- सांभर ताल
- लाल पुल आदि
शारदा डैम में बोटिंग एरिया बढ़ाने पर मंथन
टाइगर रिजर्व में भ्रमण के दौरान सैलानी चूका बीच पहुंचने पर शारदा डैम में बोटिंग कर सकेंगे। सैलानियों को आकर्षित करने के लिए पीटीआर प्रशासन इस बार शारदा डैम में बोटिंग एरिया बढ़ाने की दिशा में प्रयासरत है। इसको लेकर वन अफसर सिंचाई अभियंताओं से मंथन कर रहे हैं। इस योजना के तहत शारदा डैम के किनारे के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी कराए जाने की संभावना है। यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो सैलानी शारदा सागर डैम के एक बड़े क्षेत्र में बोटिंग का आनंद ले सकेंगे।
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास चल रहे हैं। नए पर्यटन सत्र को लेकर तैयारियां तेज की जा चुकी है। सैलानियों को इस बार 15 टूरिज्म प्वाइंट पर घूमने की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा सैलानियों को क्या नई सुविधाएं दी जा सकती है, इस पर भी मंथन चल रहा है।
- नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व