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पर्यटकों के लिए आज से पूरी तरह बंद हो जाएगा टाइगर रिजर्व
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पीलीभीत। टाइगर रिजर्व का छठा पर्यटन सत्र कोविड-19 की भेंट चढ़ गया। देशी-विदेशी पर्यटक 214 दिन के बजाए मात्र 132 दिन तक ही चूका की हरी वादियों का लुत्फ उठा सके। कोविड-19 के चलते 25 मार्च को पर्यटन सत्र बंद होने से वन विभाग को मात्र 17,29,976 रुपये का राजस्व प्राप्त हो पाया। 15 जून यानी सोमवार को टाइगर रिजर्व के दरवाजे पर्यटकों के लिए बंद हो जाएंगे। अगला पर्यटन सत्र अब 15 नवंबर से शुरू होगा। ढाई माह पहले ही पर्यटन सत्र पर रोक लगने से टाइगर रिजर्व और वन निगम को 35 लाख रुपए का नुकसान होने का अनुमान है।
टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज में बना इको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच देश ही नहीं बल्कि विदेशी सैलानियों के भी आकर्षण का केंद्र है। टाइगर रिजर्व का छठा पर्यटन सत्र 15 नवंबर से शुरू हो गया था। विभागीय अफसरों को उम्मीद थी कि छठे पर्यटन सत्र में देशी और विदेशी पर्यटकों की संख्या में खासा इजाफा होगा। शुरूआत भी अच्छी हुई थी। पहले दिन टाइगर रिजर्व की ओर से स्कूली बच्चों समेत करीब 700 पर्यटकों को निशुल्क चूका बीच की सैर कराई गई। शुरूआत होते ही विदेशी पर्यटकों की भी आमद शुरू हो गई। इधर जब कोरोना वायरस ने देश में दस्तक दी तो 15 जून तक चलने वाले छठे पर्यटन सत्र पर 25 मार्च को ही रोक लगा दी गई। गाइडलाइन के मुताबिक पर्यटन सत्र 15 नवंबर से 15 जून तक संचालित किया जाता है, मगर कोविड-19 के चलते पर्यटन सत्र को भी महज 132 दिन बाद ही बंद करना पड़ा। निर्धारित समय से करीब ढाई माह पहले पर्यटन सत्र पर रोक के चलते टाइगर रिजर्व और वन निगम को 30-35 लाख रुपये का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। इधर अब वर्षाकाल के चलते 15 जून से 14 नवंबर तक पर्यटकों के लिए टाइगर रिजर्व बंद कर दिया जाता है।
मात्र 17.29 लाख की ही हुई कमाई
टाइगर रिजर्व के आंकड़ों के मुताबिक 15 नवंबर से 25 मार्च तक 7135 देशी और 13 विदेशी सैलानी शामिल थे। इस दौरान 17,29,976 रुपये की आमदनी हुई। जबकि पिछले पर्यटन सत्र में 15,885 देसी और 23 विदेशी सैलानी जंगल भ्रमण को आए थे। छह माह तक चले पिछले पर्यटन सत्र में 36,72,935 रुपए की आय हुई थी।
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कोविड-19 के चलते टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए 25 मार्च से बंद करना पड़ा था। इस बार कम दिन के लिए टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए खोला गया। 15 जून को छठा पर्यटन सत्र समाप्त हो जाएगा। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व
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टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज में बना इको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच देश ही नहीं बल्कि विदेशी सैलानियों के भी आकर्षण का केंद्र है। टाइगर रिजर्व का छठा पर्यटन सत्र 15 नवंबर से शुरू हो गया था। विभागीय अफसरों को उम्मीद थी कि छठे पर्यटन सत्र में देशी और विदेशी पर्यटकों की संख्या में खासा इजाफा होगा। शुरूआत भी अच्छी हुई थी। पहले दिन टाइगर रिजर्व की ओर से स्कूली बच्चों समेत करीब 700 पर्यटकों को निशुल्क चूका बीच की सैर कराई गई। शुरूआत होते ही विदेशी पर्यटकों की भी आमद शुरू हो गई। इधर जब कोरोना वायरस ने देश में दस्तक दी तो 15 जून तक चलने वाले छठे पर्यटन सत्र पर 25 मार्च को ही रोक लगा दी गई। गाइडलाइन के मुताबिक पर्यटन सत्र 15 नवंबर से 15 जून तक संचालित किया जाता है, मगर कोविड-19 के चलते पर्यटन सत्र को भी महज 132 दिन बाद ही बंद करना पड़ा। निर्धारित समय से करीब ढाई माह पहले पर्यटन सत्र पर रोक के चलते टाइगर रिजर्व और वन निगम को 30-35 लाख रुपये का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। इधर अब वर्षाकाल के चलते 15 जून से 14 नवंबर तक पर्यटकों के लिए टाइगर रिजर्व बंद कर दिया जाता है।
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मात्र 17.29 लाख की ही हुई कमाई
टाइगर रिजर्व के आंकड़ों के मुताबिक 15 नवंबर से 25 मार्च तक 7135 देशी और 13 विदेशी सैलानी शामिल थे। इस दौरान 17,29,976 रुपये की आमदनी हुई। जबकि पिछले पर्यटन सत्र में 15,885 देसी और 23 विदेशी सैलानी जंगल भ्रमण को आए थे। छह माह तक चले पिछले पर्यटन सत्र में 36,72,935 रुपए की आय हुई थी।
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कोविड-19 के चलते टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए 25 मार्च से बंद करना पड़ा था। इस बार कम दिन के लिए टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए खोला गया। 15 जून को छठा पर्यटन सत्र समाप्त हो जाएगा। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व