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खेत में किसान पर बाघ ने किया हमला, गंभीर घायल
सार
न्यूरिया के गांव बरी में मंगलवार को खेत में सिंचाई कर रहे किसान हरप्रसाद (55) पर बाघ ने हमला कर दिया।इसी दौरान पास के गन्ने के खेत से निकले बाघ ने पिता पर हमला कर दिया।
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जिला अस्पताल में भर्ती बाघ के हमले में घायल हरप्रसाद। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
विस्तार
पीलीभीत। न्यूरिया के गांव बरी में मंगलवार को खेत में सिंचाई कर रहे किसान हरप्रसाद (55) पर बाघ ने हमला कर दिया। किसी तरह वह बच सके। हमले में उनके सिर, गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरे जख्म हो गए हैं। घायल को न्यूरिया सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
अमरिया क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बाघ का आतंक है। बरी गांव निवासी जगदीश ने बताया कि मंगलवार सुबह सात बजे पिता हरप्रसाद के साथ वह खेत पर सिंचाई करने गया था। दोपहर करीब दो बजे इंजन में तेल कम होने पर वह डीजल लेने के लिए चला गया। खेत पर पिता हर प्रसाद अकेले थे। इसी दौरान पास के गन्ने के खेत से निकले बाघ ने पिता पर हमला कर दिया। हालांकि इस दौरान किसान ने हाथ में पकड़े फावड़े से बाघ पर प्रहार कर दिया। जिससे वह उन्हें छोड़कर पास के गन्ने के खेत में चला गया। किसी तरह किसान हरप्रसाद सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। कुछ ही देर में जगदीश वहां पहुंच गया। पिता को घायल देख उसने शोर मचाया। जिसके बाद आस-पास काम कर रहे ग्रामीण इकट्ठा हो गए। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद किसान खेतों से अपने-अपने घरों को चले गए।
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फावड़े ने बचा ली जान
घायल किसान हरप्रसाद का कहना है कि बाघ ने अचानक हमला किया। गर्दन पकड़ने के भी प्रयास किए। फावड़ा हाथ में होने से हिम्मत नहीं टूटी। खुद का बचाव करते हुए उन्होंने बाघ पर प्रहार किया। जिस कारण बाघ ने उन्हें छोड़ दिया। हरप्रसाद का कहना है कि अगर हाथ में फावड़ा न होता तो बाघ उन्हें मार देता।
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सुबह बछड़े का भी किया था शिकार
बरी गांव के निकट स्थित नौवा नगरी में मंगलवार को बाघ ने बछड़े का भी शिकार किया। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पगचिह्न ट्रेस करने के बाद बछड़े के शव को गड्ढा खोदकर दबा दिया। घटना के बाद बाघ की सक्रियता नहीं रुकी। दोपहर बाद कुछ दूरी पर आगे निकलकर बाघ ने किसान पर हमला कर दिया।
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हमले की जानकारी मिली है। घायल से जानकारी जुटाई जा रही है। मौके पर टीम को भेजा गया है।
- शेर सिंह, डिप्टी रेंजर, सामाजिक वानिकी
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अमरिया क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बाघ का आतंक है। बरी गांव निवासी जगदीश ने बताया कि मंगलवार सुबह सात बजे पिता हरप्रसाद के साथ वह खेत पर सिंचाई करने गया था। दोपहर करीब दो बजे इंजन में तेल कम होने पर वह डीजल लेने के लिए चला गया। खेत पर पिता हर प्रसाद अकेले थे। इसी दौरान पास के गन्ने के खेत से निकले बाघ ने पिता पर हमला कर दिया। हालांकि इस दौरान किसान ने हाथ में पकड़े फावड़े से बाघ पर प्रहार कर दिया। जिससे वह उन्हें छोड़कर पास के गन्ने के खेत में चला गया। किसी तरह किसान हरप्रसाद सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। कुछ ही देर में जगदीश वहां पहुंच गया। पिता को घायल देख उसने शोर मचाया। जिसके बाद आस-पास काम कर रहे ग्रामीण इकट्ठा हो गए। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद किसान खेतों से अपने-अपने घरों को चले गए।
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फावड़े ने बचा ली जान
घायल किसान हरप्रसाद का कहना है कि बाघ ने अचानक हमला किया। गर्दन पकड़ने के भी प्रयास किए। फावड़ा हाथ में होने से हिम्मत नहीं टूटी। खुद का बचाव करते हुए उन्होंने बाघ पर प्रहार किया। जिस कारण बाघ ने उन्हें छोड़ दिया। हरप्रसाद का कहना है कि अगर हाथ में फावड़ा न होता तो बाघ उन्हें मार देता।
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सुबह बछड़े का भी किया था शिकार
बरी गांव के निकट स्थित नौवा नगरी में मंगलवार को बाघ ने बछड़े का भी शिकार किया। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पगचिह्न ट्रेस करने के बाद बछड़े के शव को गड्ढा खोदकर दबा दिया। घटना के बाद बाघ की सक्रियता नहीं रुकी। दोपहर बाद कुछ दूरी पर आगे निकलकर बाघ ने किसान पर हमला कर दिया।
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हमले की जानकारी मिली है। घायल से जानकारी जुटाई जा रही है। मौके पर टीम को भेजा गया है।
- शेर सिंह, डिप्टी रेंजर, सामाजिक वानिकी