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लगातार हो रही बाघ की चहलकदमी, दहशत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Thu, 01 Feb 2018 07:48 PM IST
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तराई क्षेत्र में पिछले दो दिनों से बाघ की लगातार चहलकदमी देखी से दहशत कायम है। मंगलवार की रात ग्राम पुरैना में बाघ ने सांड़ पर हमला कर मार डाला था वहीं बुधवार की रात पुन: खेतों में चहलकदमी देखी गई।
तराई क्षेत्र में बराही के जंगल से बाहर निकलकर आ रहे बाघ ने पिछले दो दिनों से गांव में आतंक मचा रखा हैं। इसके बाद भी वन विभाग कोई सुध नहीं ले रहा हैं। मंगलवार रात जंगल से बाहर आये बाघ ने अवारा घूम रहे सांड़ पर आबादी से सटे ग्राम पुरैना ताल्लुके महाराजपुर निवासी धंनजय सरकार के खेत में हमला कर मार डाला और उसे गन्ने के खेत में ले गया। बुधवार सुबह खेत पर पहुंचे धनंजय ने सांड़ का शव देख घटना की जानकारी ग्रामीणों को दी थी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी।
इधर बुधवार रात बाघ पुन: जंगल से बाहर निकलकर आबादी के निकट पहुंच गया। ग्रामीणों के मुताबिक बाघ धनंजय सरकार के खेत से निकलकर शिवचरन के खेत में होते हुए धुरिया पलिया गांव की ओर गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वनविभाग को दी लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। वनरक्षक ओमप्रकाश ने बताया कि बाघ के हमले की कोई सूचना उन्हें नहीं मिली है। यदि ऐसा है तो वह मौका मुआयना कर बाघ की निगरानी की जाएगी।
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तराई क्षेत्र में बराही के जंगल से बाहर निकलकर आ रहे बाघ ने पिछले दो दिनों से गांव में आतंक मचा रखा हैं। इसके बाद भी वन विभाग कोई सुध नहीं ले रहा हैं। मंगलवार रात जंगल से बाहर आये बाघ ने अवारा घूम रहे सांड़ पर आबादी से सटे ग्राम पुरैना ताल्लुके महाराजपुर निवासी धंनजय सरकार के खेत में हमला कर मार डाला और उसे गन्ने के खेत में ले गया। बुधवार सुबह खेत पर पहुंचे धनंजय ने सांड़ का शव देख घटना की जानकारी ग्रामीणों को दी थी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी।
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इधर बुधवार रात बाघ पुन: जंगल से बाहर निकलकर आबादी के निकट पहुंच गया। ग्रामीणों के मुताबिक बाघ धनंजय सरकार के खेत से निकलकर शिवचरन के खेत में होते हुए धुरिया पलिया गांव की ओर गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वनविभाग को दी लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। वनरक्षक ओमप्रकाश ने बताया कि बाघ के हमले की कोई सूचना उन्हें नहीं मिली है। यदि ऐसा है तो वह मौका मुआयना कर बाघ की निगरानी की जाएगी।
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