Corona in Pilibhit: कलीनगर के एसडीएम समेत तीन लोग संक्रमित, सक्रिय मरीजों की संख्या हुई 15
पीलीभीत जिले में कोरोना तेजी के साथ पैर पसार रहा है। अफसर सतर्कता बढ़ाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन हकीकत इससे अलग है। तीन नए मरीजों मिलने से जिले में 15 सक्रिय केस हो गए हैं।
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पीलीभीत जिले में कोरोना के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। दो दिन पूर्व आई रिपोर्ट में एडीएम एफआर राम सिंह गौतम कोरोना संक्रमित निकले थे। शनिवार को आई रिपोर्ट में एसडीएम कलीनगर शिखा शुक्ला समेत तीन मामले और सामने आए हैं। नए मामलों में एसडीएम के अलावा अमरिया क्षेत्र के दो संक्रमित शामिल हैं। सक्रिय मरीजों की संख्या 15 हो गई है।
सीएमओ डॉक्टर आलोक कुमार ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद संक्रमितों की खोज कर हकीकत को परखा गया। जिसमें सर्दी जुकाम के लक्षण मिले। संक्रमितों के संपर्क में आने वाले लोगों को भी खोजने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना एक हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन बचाव के लिए न तो मास्क का इस्तेमाल किया जा रहा है और न ही जांचें हो रही हैं। डॉक्टर सर्दी, खांसी, जुकाम के मरीजों की कोरोना जांच के लिए लिख ही नहीं रहे हैं। सिर्फ ऑपरेशन कराने वाले मरीजों की ही कोरोना जांच की जा रही है। ऐसे में खतरा बढ़ रहा है।
जिले में अब 15 संक्रमित
कोरोना के लेकर देश और प्रदेश में सतर्कता बढ़ाने के बाद जनपद में भी जांचों को बढ़ाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। एक सप्ताह पूर्व बीसलपुर और अमरिया क्षेत्र से दो संक्रमित सामने आए थे। इसके बाद स्थिति बिगड़ती चली गई। इस समय 15 सक्रिय संक्रमित हैं। इसके बाद मुख्यालय के अलावा सीएचसी स्तर पर जांच का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए गए। दावा किया जा रहा है कि रोजाना सात सौ से एक हजार लोगों की कोरोना जांच की रही है, लेकिन हकीकत इससे परे है।
शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में एक हजार से अधिक मरीज पहुंचे। फिजीशियन कक्ष में मरीजों की भीड़ लगी रही। सर्वाधिक मरीज खांसी, जुकाम और बुखार के थे, लेकिन डॉक्टर इन लोगों की कोरोना जांच नहीं करा रहे थे। इतना ही नहीं बचाव के लिहाज से मरीज मास्क तक नहीं लगाए थे।
नाममात्र मरीज जागरूक नजर आए जो मास्क लगाए थे। अस्पताल प्रशासन की ओर से ऑपरेशन वाले मरीजों की कोरोना जांच पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा चिकित्सक के परामर्श देने के बाद ही मरीजों की जांच की जा रही है। यहां बता दें इस समय जिला अस्पताल में रोजाना दो से चार लोगों की ही कोरोना जांच हो रही है।
ओपीडी का समय बदला
एक अप्रैल से जिला अस्पताल समेत सीएचसी और पीएचसी में ओपीडी का समय बदल गया है शनिवार को सुबह आठ बजे से दो बजे तक की ओपीडी शुरू हो गई। ऐसे में जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की कतार लगी रही, एक हजार मरीज ओपीडी में दर्ज किए गए।