महंगाई से बिगड़ा रसोई का बजट: पीलीभीत में त्योहारों से पहले चीनी 64 रुपये के पार, प्याज ने भी निकाले आंसू
त्योहारों से पहले प्याज और चीनी के दाम बढ़ गए हैं। पीलीभीत में चीनी 48 रुपये से 64 रुपये हो गई है। प्याज भी 30 रुपये से बढ़कर 50 रुपये पार पहुंच गया है। त्योहारी मांग और आपूर्ति बाधित होने से रसोई का बजट प्रभावित हुआ है।
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इन दिनों चीनी की मिठास महंगाई की कड़वाहट घोल रही है। पीलीभीत में त्योहारों से पहले बाजार में 48 के भाव में बिकने वाली चीनी इन दिनों 64 रुपये पहुंच गई। अब प्याज के बढ़े भाव ने लोगों को झटका दिया है। प्याज के 50 रुपये पार पहुंचने के बाद आम आदमी से लेकर कारोबारी तक चिंतित हैं। त्योहारी सीजन, मांग में तेजी और उत्पादन से जुड़े कारणों से रसोई का बजट बिगड़ गया है। इधर, प्रशासन ने भी मामले में जमाखोरी को रोकने के लिए टीमों का गठन किया है। निगरानी के लिए टीमों को लगा दिया है।
बता दें पिछले कुछ दिनों से प्याज के आयात प्रभावित होने के चलते इंदौर के प्याज के दाम एकदम से आसमान छूने लगे हैं। बाजार में प्याज की वैरायटी खत्म होने से महंगा प्याज लेना लोगों की मजबूरी बन गया है। घर की रसोई से लेकर मिष्ठान भंडार आदि स्थानों पर दोनों की खाद्य पदार्थों पर महंगाई असर डाल रही है।
चीनी एक ऐसी खाद्य सामग्री है, जो सुबह की चाय से लेकर शाम के तक व्यंजनों में घरों में उपयोग होती है। बीते कुछ दिनों पहले जो चीनी बाजार में 46 के भाव थोक विक्रेताओं को मिल रही थी। अब वही चीनी बाजार में 62 रुपये प्रति किलो के भाव से 6200 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रही है। दाम बढ़ने के बाद शासन ने चीनी की जमाखोरी पर भी सख्ती बरती है। इससे कारोबारियों सहित चीनी उत्पादन करने वाली फैक्टरियों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है।
बारिश की मार से राजस्थान से प्याज की आपूर्ति बाधित
इस सप्ताह बारिश की मार से राजस्थान से प्याज आना बंद हो गया है। इससे बाजार में सिर्फ इंदौर का ही प्याज बाजार में पहुंच रहा है। जो आने वाले दिनों में त्योहारों पर जायके का स्वाद बिगाड़ेगा। रेस्टोरेंट अन्य व्यापार से जुड़े कारोबारी भी अभी से प्याज पर बढ़ते दाम, चीनी के बढ़ते दाम को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। कुछ दिन पहले प्याज 30 रुपये किलो बिक रहा था, लेकिन मांग बढ़ने के बाद यह 50 रुपये पार पहुंच गया है।
महंगाई से गृहिणियां चिंतित
चीनी व प्याज पर त्योहार से चंद दिनों पहले उछले दामों ने महिलाओं की रसोई का बजट ही हिला दिया है। भाई-बहनों के त्योहार रक्षाबंधन पर जहां घरों में लजीज पकवान व खीर, सेवई आदि चीनी से तैयार होती हैं व अन्य पकवान तैयार होते हैं। उसको बनाने में महिलाओं का खर्च बढ़ जाएगा। महिलाओं ने कहा है कि प्रत्येक सब्जी में प्याज का जायका रहता है। व्यंजनों में चीनी भी अधिक खर्च होने वाली खाद्य सामग्री है। ऐसे में मध्यम परिवार में रसोई का त्योहार पर बजट बिगड़ जाएगा। एक-दो किलो प्याज के साथ महंगी चीनी लेने से ही मध्यम परिवारों को दिक्कतें होंगी।
गृहिणी संगीता अग्रवाल ने कहा कि चीनी सुबह से शाम तक प्रत्येक मीठे व्यंजन में डालने वाली सामग्री है। ऐसे ही प्याज भी प्रत्येक सब्जी में पड़ता ही है। दोनों की महंगाई से मध्यम परिवार की दिक्कतें बढ़ जाएंगी। गृहिणी पूजा अग्रवाल ने कहा कि त्योहार करीब है। ऐसे में चीनी की महंगाई लोगों को दिक्कत में डालेगी। प्याज महंगा होने से तो काफी समस्या होती है। हालांकि त्योहार पर अगर दाम गिरे तो कुछ ठीक रहेगा।
प्याज के बढ़े दाम से घटे ग्राहक
सब्जी कारोबारी रहीस अहमद ने कहा कि सब्जी का दाम जब भी बढ़ा है। बाजार में ग्राहक कम होते हैं। प्याज सब्जी बाजार की मुख्य सब्जी है। ऐसे में प्याज की महंगाई से कारोबार प्रभावित रहेगा। सब्जी कारोबारी फहीम ने कहा कि बाजार में इन दिनों सब्जी वैसे ही महंगी चल रही है कि प्याज का दाम बढ़ने से दुकान पर ग्राहक जरूरत के अनुसार से भी कम प्याज ले रहा है। मध्यम वर्ग के परिवार को दिक्कत होती है।
व्यापारी बोले- चीनी का स्टॉक उतना नहीं, जितना हो रहा दावा
कारोबारी पंकज महातिया ने बताया कि चीनी का स्टॉक उतना बाजार में नहीं है, जितना सरकार शिकंजा कस रही है। इससे व्यापार पर गलत प्रभाव पड़ता है। चीनी पर महंगाई से दिक्कतें सभी को होंगी। किराना कारोबारी राम सिंह ने कहा कि चीनी आमतौर पर किराने की दुकान का मुख्य बिक्री सामग्री है। ऐसे में अगर चीनी पर भाव बढ़ेगा तो बिक्री कम हो जाएगी। व्यापार भी प्रभावित रहेगा।
जिले की चीनी मिलों में स्टॉक मीट्रिक टन में
42,403.50 - पीलीभीत एलएचएसएफ मिल
1,485.10 - बरखेड़ा बजाज शुगर फैक्टरी
14,147.70 - बीसलपुर सहकारी
7,615.50 - पूरनपुर सहकारी
65,651.80 - कुल स्टॉक
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि चीनी व प्याज की कोई भी व्यापारी जमाखोरी न कर पाए, इसके लिए टीमों का गठन किया गया है। सभी तहसीलों में एसडीएम व संबंधित विभागों के अधिकारी इसके लिए नियमित निरीक्षण कर रहे हैं। यदि कहीं कोई गड़बड़ी मिलेगी तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।