UP: पीलीभीत के रसिया खानपुर में बुखार का कहर, 24 घंटे में तीन और मौत; 21 दिन में सात ग्रामीणों की गई जान
पीलीभीत जिले के गांव रसिया खान पुर में बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा है। बीते 24 घंटे में गांव के तीन लोगों की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक ये सभी बुखार से पीड़ित थे। उपचार चल रहा था।
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पीलीभीत जिले के तहसील बीसलपुर के गांव रसिया खानपुर में वायरल बुखार की चपेट में आकर 24 घंटे में तीन और मरीजों की मौत हो गई। मृतकों के परिजन अुनसार बुखार आने के बाद मौत हुई है। बुखार से तीन मौतों की सूचना पर मंगलवार दोपहर एसडीएम बीसलपुर मृतकों के परिजनों से जाकर मिले। उन्होंने सीएचसी अधीक्षक को जांच के निर्देश दिए हैं। लगातार हो रही मौतों से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
रसिया खानपुर में तीन सप्ताह में सात लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें तीन मौत सोमवार से मंगलवार के 24 घंटे के बीच हुई। गांव के अल्लू खान की 20 वर्षीय पुत्री सकीना पांच दिन से बीमार थी, जिसकी मंगलवार को बरेली ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। वहीं रिजवान की 60 वर्षीय मां पूती बेगम चार दिन से तेज बुखार से पीड़ित थीं। सोमवार शाम घर पर ही उनकी मौत हो गई।
गांव के रेहान हुसैन (22) पुत्र एजाज हुसैन को पांच दिन से तेज बुखार आ रहा था। बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने के बाद मंगलवार दोपहर उसकी भी मौत हो गई। 24 घंटे में हुई तीन मौतों की सूचना पर मंगलवार दोपहर एसडीएम नागेंद्र पांडे व प्रशासनिक अमले के साथ गांव पहुंचे व मृतकों के परिजनों से बात की। एसडीएम की ओर से तीनों मौतों के मामले में सीएचसी अधीक्षक को जांच के निर्देश दिए गए हैं।
बीते सप्ताह चार लोगों की हुई थी मौत
बता दें रसिया खानपुर में बीते सप्ताह हुईं चार मौतों के बाद प्रशासन जागा था। अफसरों ने गांव में पहुंचकर स्थिति को परखने के बाद स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कई दिनों तक मलेरिया, डेंगू, टाइडफाइड, फायलेरिया आदि बुखार जांचने के लिए तीन सौ लोगों के ब्लड सैंपल लिए। हालांकि विभाग का दावा है कि कोई भी व्यक्ति वायरल बुखार सहित गंभीर संक्रमण रोग की चपेट में नहीं आया। अब फिर तीन लोगों की मौत और परिजनों के वायरल बुखार के दावे से स्वास्थ्य विभाग सवालों के घेरे में है।
सीएमओ डॉ. आलोक कुमार कुमार शर्मा ने कहा कि रसिया खानपुर गांव में तीन और लोगों की मौत की सूचना मिली है। स्थलीय निरीक्षण कर जांच कराई जा रही है। स्वास्थ्य कैंप लगाकर भी लोगों के सैंपल कराए जा रहे हैं। जांच के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी।