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Pilibhit News: विद्यार्थियों के सीखने के स्तर, विषयगत समझ और शैक्षणिक प्रगति की होगी नियमित निगरानी
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पीलीभीत। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने नए मानक तय किए हैं। अब कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों के सीखने के स्तर, विषयगत समझ और शैक्षणिक प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी। इसके लिए हिंदी, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) विषयों पर विशेष फोकस किया जाएगा।
केंद्र सरकार की निपुण भारत मिशन योजना के तहत अब तक कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान विकसित करने पर जोर दिया जा रहा था। विभाग ने कक्षा चार और पांच के विद्यार्थियों के लिए भी सीखने के स्पष्ट मानक निर्धारित किए हैं। इसके आधार पर बच्चों की उपलब्धियों का मूल्यांकन किया जाएगा।
बीएसए रोशनी सिंह ने बताया कि विद्यालयों में ऐसा सकारात्मक और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, जहां बच्चे बिना किसी दबाव के सीख सके। नई व्यवस्था के तहत, केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने के बजाय यह भी देखा जाएगा कि छात्र विषयों को कितनी अच्छी तरह समझ रहे हैं। उनका व्यावहारिक उपयोग कर पा रहे हैं या नहीं। उन्होंंने बताया कि शिक्षकों को नियमित मूल्यांकन के माध्यम से बच्चों की प्रगति पर नजर रखनी होगी। जिन विद्यार्थियों का सीखने का स्तर अपेक्षित मानकों से कम मिलेगा, उन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। संवाद
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केंद्र सरकार की निपुण भारत मिशन योजना के तहत अब तक कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान विकसित करने पर जोर दिया जा रहा था। विभाग ने कक्षा चार और पांच के विद्यार्थियों के लिए भी सीखने के स्पष्ट मानक निर्धारित किए हैं। इसके आधार पर बच्चों की उपलब्धियों का मूल्यांकन किया जाएगा।
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बीएसए रोशनी सिंह ने बताया कि विद्यालयों में ऐसा सकारात्मक और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, जहां बच्चे बिना किसी दबाव के सीख सके। नई व्यवस्था के तहत, केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने के बजाय यह भी देखा जाएगा कि छात्र विषयों को कितनी अच्छी तरह समझ रहे हैं। उनका व्यावहारिक उपयोग कर पा रहे हैं या नहीं। उन्होंंने बताया कि शिक्षकों को नियमित मूल्यांकन के माध्यम से बच्चों की प्रगति पर नजर रखनी होगी। जिन विद्यार्थियों का सीखने का स्तर अपेक्षित मानकों से कम मिलेगा, उन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। संवाद
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