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Pilibhit News: चार युवकों की मौत से कोहराम... गांव में नहीं जले चूल्हे
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अर्जुन का फाइल फोटो।
पूरनपुर। अलीगढ़ में हुए सड़क हादसे में सेहरामऊ उत्तरी गांव के चार युवकों की मौत की खबर बुधवार आधी रात के बाद मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों की भीड़ युवकों के घरों के बाहर जुट गई। बृहस्पतिवार को भी यही हाल रहा। गांव के अधिकांश घरों में चूल्हे नहीं जले। सभी मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने में लगे रहे। घटना की जानकारी पाते ही परिजन अलीगढ़ के लिए रवाना हो गए।
हरियाणा में मजदूरी कर एक माह बाद सभी घर लौट रहे थे। युवकों ने खुद अपने परिजनों और गांव के अन्य लोगों को लौटने की जानकारी दी थी। इस पर परिजनों के अलावा ग्रामीण भी खुश थे। बृहस्पतिवार को सभी अपनों को अपने सामने देखने के इंतजार में परिजन व ग्रामीण रात को सोए, पर कुछ घंटों बाद ही आधी रात के बाद हादसे की जानकारी पाकर सब सन्नाटे में आ गए।
अलीगढ़ में गांव के चार युवकों की मौत की खबर सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया। घायल पांच अन्य युवकों के परिजनों की चिंता भी बढ़ गई। बृहस्पतिवार को भी दिन भर यही हाल रहा। मृतक के घरों में मातम छाया रहा। परिजन बदहवास बैठे नजर आए।
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हंसमुख और मिलनसार थे चारों युवक
ग्रामीणों का कहना है कि मृतक अर्जुन, हरिओम, विपिन और लालता प्रसाद मिलनसार और हंसमुख स्वभाव के थे। गांव में किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। चारों मेहनती थे। गांव के अलावा बाहर जाकर भी मजदूरी करते थे। गांव के विपिन, ऋषिकांत समेत ग्रामीणों का कहना था कि सरकार को चारों के परिजनों को सहायता राशि देनी चाहिए।
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हरिओम और अर्जुन की तीन माह पहले ही हुई थी शादी
हरिओम दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा था। अर्जुन तीन भाइयों में मझला था। विपिन पांच भाइयों में सबसे बड़ा जबकि लालता प्रसाद तीन भाइयों और पांच बहनों में सबसे बड़ा था। विपिन के परिवार में पत्नी के अलावा 11 और आठ वर्षीय पुत्र है। लालता प्रसाद के एक पुत्री है। परिजनों के अनुसार उसकी पत्नी गर्भवती भी है। हरिओम की मार्च में दिल्ली में तो अर्जुन की तीन महीने पहले लखीमपुर खीरी के मझगईं से शादी हुई थी।
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हरियाणा में मजदूरी कर एक माह बाद सभी घर लौट रहे थे। युवकों ने खुद अपने परिजनों और गांव के अन्य लोगों को लौटने की जानकारी दी थी। इस पर परिजनों के अलावा ग्रामीण भी खुश थे। बृहस्पतिवार को सभी अपनों को अपने सामने देखने के इंतजार में परिजन व ग्रामीण रात को सोए, पर कुछ घंटों बाद ही आधी रात के बाद हादसे की जानकारी पाकर सब सन्नाटे में आ गए।
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अलीगढ़ में गांव के चार युवकों की मौत की खबर सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया। घायल पांच अन्य युवकों के परिजनों की चिंता भी बढ़ गई। बृहस्पतिवार को भी दिन भर यही हाल रहा। मृतक के घरों में मातम छाया रहा। परिजन बदहवास बैठे नजर आए।
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हंसमुख और मिलनसार थे चारों युवक
ग्रामीणों का कहना है कि मृतक अर्जुन, हरिओम, विपिन और लालता प्रसाद मिलनसार और हंसमुख स्वभाव के थे। गांव में किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। चारों मेहनती थे। गांव के अलावा बाहर जाकर भी मजदूरी करते थे। गांव के विपिन, ऋषिकांत समेत ग्रामीणों का कहना था कि सरकार को चारों के परिजनों को सहायता राशि देनी चाहिए।
हरिओम और अर्जुन की तीन माह पहले ही हुई थी शादी
हरिओम दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा था। अर्जुन तीन भाइयों में मझला था। विपिन पांच भाइयों में सबसे बड़ा जबकि लालता प्रसाद तीन भाइयों और पांच बहनों में सबसे बड़ा था। विपिन के परिवार में पत्नी के अलावा 11 और आठ वर्षीय पुत्र है। लालता प्रसाद के एक पुत्री है। परिजनों के अनुसार उसकी पत्नी गर्भवती भी है। हरिओम की मार्च में दिल्ली में तो अर्जुन की तीन महीने पहले लखीमपुर खीरी के मझगईं से शादी हुई थी।

अर्जुन का फाइल फोटो।

अर्जुन का फाइल फोटो।

अर्जुन का फाइल फोटो।

अर्जुन का फाइल फोटो।

अर्जुन का फाइल फोटो।

अर्जुन का फाइल फोटो।

अर्जुन का फाइल फोटो।

अर्जुन का फाइल फोटो।