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वर्ष 1980 के चुनाव में हुई थी कांटे की टक्कर, जीत-हार के बीच था मात्र 45 मतों का अंतर
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पीलीभीत। विधानसभा के चुनाव में पूरनपुर सीट पर सबसे रोचक मुकाबला वर्ष 1980 में हुआ था। यहां 1980 के चुनाव में सबसे छोटी हार मात्र 45 मतों के अंतर से हुई। जबकि सबसे बड़ी जीत 2017 में 39,242 मतों के अंतर दर्ज की गई है। वर्ष 1980 में समय विनोद तिवारी और हर नरायन के बीच दिलचस्प मुकाबला हुआ था। एक-एक वोट के लिए संघर्ष चल रहा था। चुनाव प्रचार से लेकर मतदान तक दोनों प्रत्याशी बिल्कुल मुकाबले में नजर आ रहे थे। मतगणना के दिन जनता की नजरें नतीजों पर टिक गईं थीं। विनोद तिवारी के पाले में 45 मत के अंतर से जीत दर्ज की गई थी।
पूरनपुर विधानसभा सीट के चुनाव परिणामों पर नजर दौड़ाई जाए तो वर्ष वर्ष 1980 के चुनाव को कांटे के मुकाबले के रूप में आज भी याद किया जाता है। चुनाव में आठ उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन कांग्रेस के विनोद तिवारी और हर नरायन के बीच सीधा मुकाबला था। दोनों उम्मीदवार अपनी पूरी ताकत झोंके हुए थे। मतदान होने के बाद मतगणना का समय आया। दोनों उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। उस समय सक्रिय रहे लोगों की माने तो गिनती होने के बाद एक बार तो हर नरायन की जीत को लेकर शोर हो गया था। समर्थकों ने खुशी मनाना शुरू कर दिया था लेकिन आधे घंटे बाद ही विनोद तिवारी को 45 वोटों से जीत घोषित कर दी गई थी। चुनाव आयोग की ओर से जो परिणाम घोषित किया गया उसमें विनोद तिवारी को 24,339 मत मिले, जबकि हर नरायन को 24,294 मत हासिल हुए। इसको लेकर कलक्ट्रेट पर हर नरायण समर्थक आक्रोशित हो गए थे। अधिकारियों को समझाना बुझाना पड़ा था। गहमागहमी का माहौल पैदा हो गया था। लोग उस समय के दिलचस्प मुकाबले की याद आज भी करते हैं।
पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2017 का चुनाव भी दिलचस्प रहा। चुनाव नौ उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा से बाबूराम पासवान और सपा से पीतमराम के बीच चुनाव हुआ। राजनीतिक जानकार कहते हैं कि मोदी लहर के भाजपा की जीत हुई। भाजपा प्रत्याशी बाबूराम पासवान ने पूरनपुर की सीट पर 39,242 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। बाबूराम पासवान को 1,28,493 मत मिले थे जबकि पीतमराम को 89,251 मत प्राप्त हो सके थे।
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पूरनपुर विधानसभा सीट के चुनाव परिणामों पर नजर दौड़ाई जाए तो वर्ष वर्ष 1980 के चुनाव को कांटे के मुकाबले के रूप में आज भी याद किया जाता है। चुनाव में आठ उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन कांग्रेस के विनोद तिवारी और हर नरायन के बीच सीधा मुकाबला था। दोनों उम्मीदवार अपनी पूरी ताकत झोंके हुए थे। मतदान होने के बाद मतगणना का समय आया। दोनों उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। उस समय सक्रिय रहे लोगों की माने तो गिनती होने के बाद एक बार तो हर नरायन की जीत को लेकर शोर हो गया था। समर्थकों ने खुशी मनाना शुरू कर दिया था लेकिन आधे घंटे बाद ही विनोद तिवारी को 45 वोटों से जीत घोषित कर दी गई थी। चुनाव आयोग की ओर से जो परिणाम घोषित किया गया उसमें विनोद तिवारी को 24,339 मत मिले, जबकि हर नरायन को 24,294 मत हासिल हुए। इसको लेकर कलक्ट्रेट पर हर नरायण समर्थक आक्रोशित हो गए थे। अधिकारियों को समझाना बुझाना पड़ा था। गहमागहमी का माहौल पैदा हो गया था। लोग उस समय के दिलचस्प मुकाबले की याद आज भी करते हैं।
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पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2017 का चुनाव भी दिलचस्प रहा। चुनाव नौ उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा से बाबूराम पासवान और सपा से पीतमराम के बीच चुनाव हुआ। राजनीतिक जानकार कहते हैं कि मोदी लहर के भाजपा की जीत हुई। भाजपा प्रत्याशी बाबूराम पासवान ने पूरनपुर की सीट पर 39,242 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। बाबूराम पासवान को 1,28,493 मत मिले थे जबकि पीतमराम को 89,251 मत प्राप्त हो सके थे।
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