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Pilibhit News: अमरिया में तेंदुए तो न्यूरिया और शाहगढ़ में बाघ की दहशत
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लोकाई फार्म के निकट बाघ की निगरानी करते वन कर्मी। स्रोत: वनकर्मी
मझोला/अमरिया। जंगल से बाहर बाघ और तेंदुए की चहलकदमी ग्रामीणों के लिए दहशत का सबब बनी हुई है। इन दिनों जनपद के अमरिया में तेंदुए तो न्यूरिया और शाहगढ़ में बाघ की दहशत है। हिंसक वन्यजीवों के खेतों में चहलकदमी करने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं वन विभाग की टीमें निगरानी तक सीमित हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ और तेंदुए की संख्या बेहतर हैं। यहां के जंगलों में 70 से अधिक बाघ और 100 से अधिक तेंदुए दर्ज किए गए हैं। जंगल से सटे करीब सात सौ गांव हैं, लेकिन 70 गांव में बाघ और तेंदुए की अधिक चहलकदमी रहती है। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बना रहता है।
स्थिति को काबू रखने के लिए वन विभाग की टीमों के अलावा बाघ मित्र भी क्षेत्र में सतर्क रहते हैं। वन्यजीवों पर नजर रखने के साथ ग्रामीणों को जागरूक करने पर जोर दिया जाता है, लेकिन बाघ और तेंदुओं के जंगल से दूर खेतों में लगातार घूमने से ग्रामीण परेशान हो जाते हैं। इन दिनों अमरिया क्षेत्र के सूरजपुर, बिसनपुर व गजरौला फार्म के आसपास तेंदुए की चहलकदमी बनी हुई है। तेंदुए की मौजूदगी से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
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वहीं न्यूरिया क्षेत्र में बाघ की दहशत जारी है। यहां गांव उल्हतापुर की सीमा में बाघ की चहलकदमी बनी हुई हैं। दो दिन पूर्व से बाघ क्षेत्र में चहलकदमी कर दहशत का पर्याय बना हुआ है। क्षेत्रीय वन विभाग की टीम निगरानी कार्य में जुटी हुई है। वन दरोगा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि टीम लगातार निगरानी कर रही है।
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लोकाई फार्म के पास डेरा जमाए बाघ ने मारा छुट्टा पशु
कलीनगर। तहसील के शाहगढ़ गांव के निकट स्थित लोकाई फार्म के आसपास बाघ की दहशत बनी हुई है। तीन दिन पूर्व से बाघ एक बाग और उसके आसपास डेरा जमाए हुए है। मंगलवार को बाघ ने खेतों में घूम रहे एक छुट्टा पशु को मार डाला। बाघ की चहलकदमी से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सूचना के बाद क्षेत्रीय सामाजिक वानिकी की टीम ने बाघ की निगरानी शुरू की है। अभी बाघ क्षेत्र में ही डेरा जमाए हुए हैं। वन दरोगा रामाधार ने बताया कि बाघ की निगरानी जारी है। क्षेत्रीय लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ और तेंदुए की संख्या बेहतर हैं। यहां के जंगलों में 70 से अधिक बाघ और 100 से अधिक तेंदुए दर्ज किए गए हैं। जंगल से सटे करीब सात सौ गांव हैं, लेकिन 70 गांव में बाघ और तेंदुए की अधिक चहलकदमी रहती है। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बना रहता है।
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स्थिति को काबू रखने के लिए वन विभाग की टीमों के अलावा बाघ मित्र भी क्षेत्र में सतर्क रहते हैं। वन्यजीवों पर नजर रखने के साथ ग्रामीणों को जागरूक करने पर जोर दिया जाता है, लेकिन बाघ और तेंदुओं के जंगल से दूर खेतों में लगातार घूमने से ग्रामीण परेशान हो जाते हैं। इन दिनों अमरिया क्षेत्र के सूरजपुर, बिसनपुर व गजरौला फार्म के आसपास तेंदुए की चहलकदमी बनी हुई है। तेंदुए की मौजूदगी से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
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वहीं न्यूरिया क्षेत्र में बाघ की दहशत जारी है। यहां गांव उल्हतापुर की सीमा में बाघ की चहलकदमी बनी हुई हैं। दो दिन पूर्व से बाघ क्षेत्र में चहलकदमी कर दहशत का पर्याय बना हुआ है। क्षेत्रीय वन विभाग की टीम निगरानी कार्य में जुटी हुई है। वन दरोगा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि टीम लगातार निगरानी कर रही है।
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लोकाई फार्म के पास डेरा जमाए बाघ ने मारा छुट्टा पशु
कलीनगर। तहसील के शाहगढ़ गांव के निकट स्थित लोकाई फार्म के आसपास बाघ की दहशत बनी हुई है। तीन दिन पूर्व से बाघ एक बाग और उसके आसपास डेरा जमाए हुए है। मंगलवार को बाघ ने खेतों में घूम रहे एक छुट्टा पशु को मार डाला। बाघ की चहलकदमी से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सूचना के बाद क्षेत्रीय सामाजिक वानिकी की टीम ने बाघ की निगरानी शुरू की है। अभी बाघ क्षेत्र में ही डेरा जमाए हुए हैं। वन दरोगा रामाधार ने बताया कि बाघ की निगरानी जारी है। क्षेत्रीय लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है।

लोकाई फार्म के निकट बाघ की निगरानी करते वन कर्मी। स्रोत: वनकर्मी