फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   The world of butterflies is unique along with tigers, two species out of 90 are extremely rare

Pilibhit News: बाघों के साथ तितलियों की भी अनोखी दुनिया, 90 में दो प्रजातियां बेहद दुर्लभ

Sun, 17 Aug 2025 11:45 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Sun, 17 Aug 2025 11:45 PM IST
विज्ञापन
The world of butterflies is unique along with tigers, two species out of 90 are extremely rare
कामन पायरेट तितली। - फोटो : संवाद
पीलीभीत। बाघों की दहाड़ और घने जंगलों की सरसराहट के बीच पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में एक और अद्भुत संसार बसा है, जहां रंग-बिरंगी तितलियां हैं। यहां की हरियाली और अनुकूल जलवायु ने तितलियों को सुरक्षित आश्रय दिया है। टरक्वाइज वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन सोसायटी की ओर से किए गए सर्वे ने खुलासा किया है कि पीटीआर और इसके बफर क्षेत्र में करीब 90 प्रजातियों की तितलियां मौजूद हैं। इनमें दो प्रजातियां बेहद दुर्लभ हैं। खास बात यह है कि असम के बाद पहली बार यहां कलर सर्जेंट तितली देखी गई है।
विज्ञापन

पीलीभीत टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता के लिए देश-दुनिया में पहचान बना चुका है। चार सालों में बाघों की संख्या दोगुनी होने पर पीटीआर को अंतरराष्ट्रीय टी-एक्स-टू अवाॅर्ड मिल चुका है। वर्तमान में यहां 72 से अधिक बाघों के साथ तेंदुआ, भालू, हिरन, पक्षी और सरीसृप की कई प्रजातियां मौजूद हैं। इसके साथ ही तितलियों का यह संसार जंगल की खूबसूरती और पर्यावरणीय महत्व को और भी बढ़ा रहा है। वैसे तो तितलियाें की 90 प्रजातियों में दो प्रजातियां दुर्लभ हैं। इसके अलावा यहां लेमन पैंसी, टॉनी कॉस्टर, ग्रास येलो, कॉमन जेजेबेल, ब्लू टाइगर और ग्रेट एगफ्लाई जैसी कई आम तितलियां भी पाई जाती हैं। संवाद
विज्ञापन

----------
प्रमुख प्रजातियां में ये हैं शामिल
कलर सर्जेंट : यह तितली अपनी चमकदार और कलात्मक रंगों की वजह से पहचानी जाती है। यह दुर्लभ तितली असम के अतिरिक्त सिर्फ पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पाई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कामन पायरेट: काली और सफेद धारियों वाला यह प्रजाति स्वरूप से बेहद आकर्षक है और इसे दुर्लभ श्रेणी में गिना जाता है। इसको भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के प्रथम सेड्यूल में स्थान प्राप्त है।
--------
संरक्षण की चुनौतियां
विशेषज्ञाें के अनुसार तितलियों के अस्तित्व को कई चुनौतियां हैं। इसमें वन्य आवास का सिकुड़ना, कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग, जलवायु परिवर्तन, मानवीय हस्तक्षेप शामिल है। इन कारणों से तितलियों की संख्या पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में संरक्षण की दिशा में पहल करते हुए पीटीआर प्रबंधन और स्थानीय समुदाय मिलकर इनके आवास को सुरक्षित रखने का कार्य कर रहे हैं। तितली जोन का निर्माण, जागरूकता कार्यक्रम, प्राकृतिक वनस्पतियों का संरक्षण और रासायनिक दवाओं का न्यूनतम प्रयोग इस दिशा में प्रमुख प्रयास हैं।

---------
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की तितलियां यहां के प्राकृतिक संतुलन और जैव विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनकी रंगीन उड़ान न केवल पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करती है, बल्कि यह हमें प्रकृति और संरक्षण के गहरे संदेश भी देती है। यदि इन नन्हीं कीटों को सुरक्षित रखा जाए तो यह रिजर्व आने वाले समय में और भी अधिक समृद्ध एवं जीवंत बन सकेगा। - अख्तर मियां खान, अध्यक्ष, टरक्वाइज वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन सोसायटी

कामन पायरेट तितली।

कामन पायरेट तितली।- फोटो : संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed