{"_id":"27c2473e0a0a738c19d8bef31a86583e","slug":"the-train-will-run-from-july-on-a-major-rail-line-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक जुलाई से बड़ी रेल लाइन पर दौड़ेगी ट्रेन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक जुलाई से बड़ी रेल लाइन पर दौड़ेगी ट्रेन
पीलीभीत।
Updated Thu, 10 Dec 2015 10:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वर्षों से इंतजार कर रहे जिलेवासी एक जुलाई से बड़ी लाइन पर सफर कर सकेंगे। इसकी तैयारी के लिए एक जनवरी से छह महीने तक भोजीपुरा-पीलीभीत के बीच ट्रेनों का संचालन बंद रहेगा।
महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे राजीव मिश्रा ने बताया कि भोजीपुरा-पीलीभीत रेल रूट पर पहली जनवरी से ब्लाक लिया जाएगा। 31 मार्च तक लिंकिंग करा दी जाएगी। अनुमति आदि मिलने में काफी वक्त लग जाता है।
इस कारण 30 जून तक सारा कार्य पूरा करा लिया जाएगा। पहली जुलाई से बड़ी रेल लाइन पर ट्रेनों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। बताया कि रेल ब्लाक केवल पीलीभीत-भोजीपुरा रेल मार्ग पर लिया जा रहा है। अन्य रूटों पर ट्रेनों का संचालन होता रहेगा।
विज्ञापन
मालूम हो कि भोजीपुरा-पीलीभीत-टनकपुर रेल मार्ग आमान परिवर्तन कार्य को वर्ष 2007 में मंजूरी मिली थी। तब से इस रेल मार्ग पर ब्राडग्रेज कार्य किया जा रहा है। मझोला रेलवे स्टेशन के बारे में उन्होंने बताया कि पीलीभीत-टनकपुर रूट पर अभी कार्य शुरू नहीं कराया जा रहा है।
मझोला रेलवे स्टेशन को हॉल्ट बनाना प्रस्तावित था। केंद्रीय रेल मंत्री ने इसे रेलवे स्टेशन ही रहने की बात कही थी। जल्द इसका प्रपोजल बनाकर भेजा जाएगा।
एमएसटी बनाने पर रोक लगाने के दिए निर्देश
भोजीपुरा-टनकपुर रेलमार्ग एक जनवरी से बंद होने के बाबत जीएम रेलवे ने अधिकारियों को मासिक सीजन टिकट बनाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
आरएमएस सेवा शुरू करने का दिया आश्वासन
केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी के पीआरओ रंजीत कुमार ने जीएम से दो साल से बंद पड़ी आरएमएस (रेलवे डाक सेवा) को शुरू कराने का आग्रह किया। इस पर उन्होंने डाक सेवा शुरू कराने का आश्वासन दिया। उनके साथ नगर पंचायत चेयरमैन अजय गोयल, रामनरेश वर्मा, सूरज कश्यप आदि मौजूद रहे।
जीएम रेलवे ने ब्राडगेज कार्यों की जानी स्थिति
पीलीभीत। महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे राजीव मिश्रा ने निरीक्षण कर ब्राडगेज कार्य की स्थिति जानी। उन्होंने रेलवे परिसर में खड़े निष्प्रोज्य रैक व अन्य सामान 31 दिसंबर तक हटाने के निर्देश दिए। परिसर में स्थापित की जा रही क्रेन को सही स्थान पर न रखे जाने पर वह नाराज हो गए।
जीएम गुरुवार शाम करीब साढ़े तीन बजे विशेष सैलून से रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने रेलवे स्टेशन के पश्चिम में बनाए गए सिंगनल रूम (एसएनटी) का निरीक्षण कर अधिकारियों को यहां बैट्री आदि स्थापित कर कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।
प्लेटफार्म नंबर एक का निरीक्षण करते हुए वह प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंचे। यहां उन्होंने निष्प्रोज्य खड़ी रैकों व अन्य सामान को 31 दिसंबर तक हर हाल में हटाकर इज्जतनगर भेजने के निर्देश दिए। खानपान के एक स्टाल का भी निरीक्षण किया।
वैंडरों से उन्होंने खाने को खुले में न बेचकर जनता खाना (खाने का पैकेट) में बिक्री करने की हिदायत दी। इससे पूर्व उन्होंने भोजीपुरा से पीलीभीत तक किए जा रहे ब्राडगेज कार्यों का निरीक्षण किया।
क्रेन देख बोले जीएम - आई एम अनहैप्पी
रेलवे परिसर में पिछले चार दिनों से स्थापित की जा रही क्रेन को देखकर जीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने रेल अफसरों से पूछा कि इसे यहां क्यों रखवाया गया है। इस बाबत उन्होंने अफसरों से इसका नक्शा मांगा। जिस पर अधिकारी जीएम को नक्शा नहीं दिखा सके।
जीएम क्रेन को दीवार के किनारे खड़ा करने व बिना प्लेटफार्म स्थापित किए जाने पर नाराज दिखे। उन्होंने इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी से क्रेन रखने के एप्रूवल के बाबत पूछा। पता चला कि इसका एप्रूवल डीआरएम तक से नहीं लिया गया। इस पर उन्होंने अधिकारियों से आईलैंड बनाकर क्रेन स्थापित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक चंद्रमोहन जिंदल, मंडल वाणिज्य प्रबंधक यशपाल सिंह, सीनियर डिवीजनल मैकेनिकल इंजीनियर समेत स्थानीय रेल अधिकारी मौजूद दिखे।
96 घंटों की मेहनत पर फिरा पानी
रेलवे बोर्ड ने मीटरगेज रेल लाइन के खत्म होने पर धरोहर स्वरूप एक क्रेन को रेलवे परिसर में स्थापित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों द्वारा परिसर में स्थान चिह्नित करने के बाद करीब चार दिन पूर्व से पटरी बिछाकर क्रेन को स्थापित करने का प्रयास शुरू कर दिया गया।
रेलकर्मी दिन रात मेहनत बुधवार को क्रेन को परिसर में ले आए। रंगरोगन कर उसे सजाने संवारने का काम शुरू किया, लेकिन बृहस्पतिवार को निरीक्षण को आए जीएम द्वारा क्रेन को गलत स्थान पर रखने की बात कहते हुए नाराजगी जताने पर काम में लगे कर्मचारियों के मुंह लटक गए।
विज्ञापन
महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे राजीव मिश्रा ने बताया कि भोजीपुरा-पीलीभीत रेल रूट पर पहली जनवरी से ब्लाक लिया जाएगा। 31 मार्च तक लिंकिंग करा दी जाएगी। अनुमति आदि मिलने में काफी वक्त लग जाता है।
विज्ञापन
इस कारण 30 जून तक सारा कार्य पूरा करा लिया जाएगा। पहली जुलाई से बड़ी रेल लाइन पर ट्रेनों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। बताया कि रेल ब्लाक केवल पीलीभीत-भोजीपुरा रेल मार्ग पर लिया जा रहा है। अन्य रूटों पर ट्रेनों का संचालन होता रहेगा।
विज्ञापन
मालूम हो कि भोजीपुरा-पीलीभीत-टनकपुर रेल मार्ग आमान परिवर्तन कार्य को वर्ष 2007 में मंजूरी मिली थी। तब से इस रेल मार्ग पर ब्राडग्रेज कार्य किया जा रहा है। मझोला रेलवे स्टेशन के बारे में उन्होंने बताया कि पीलीभीत-टनकपुर रूट पर अभी कार्य शुरू नहीं कराया जा रहा है।
मझोला रेलवे स्टेशन को हॉल्ट बनाना प्रस्तावित था। केंद्रीय रेल मंत्री ने इसे रेलवे स्टेशन ही रहने की बात कही थी। जल्द इसका प्रपोजल बनाकर भेजा जाएगा।
एमएसटी बनाने पर रोक लगाने के दिए निर्देश
भोजीपुरा-टनकपुर रेलमार्ग एक जनवरी से बंद होने के बाबत जीएम रेलवे ने अधिकारियों को मासिक सीजन टिकट बनाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
आरएमएस सेवा शुरू करने का दिया आश्वासन
केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी के पीआरओ रंजीत कुमार ने जीएम से दो साल से बंद पड़ी आरएमएस (रेलवे डाक सेवा) को शुरू कराने का आग्रह किया। इस पर उन्होंने डाक सेवा शुरू कराने का आश्वासन दिया। उनके साथ नगर पंचायत चेयरमैन अजय गोयल, रामनरेश वर्मा, सूरज कश्यप आदि मौजूद रहे।
जीएम रेलवे ने ब्राडगेज कार्यों की जानी स्थिति
पीलीभीत। महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे राजीव मिश्रा ने निरीक्षण कर ब्राडगेज कार्य की स्थिति जानी। उन्होंने रेलवे परिसर में खड़े निष्प्रोज्य रैक व अन्य सामान 31 दिसंबर तक हटाने के निर्देश दिए। परिसर में स्थापित की जा रही क्रेन को सही स्थान पर न रखे जाने पर वह नाराज हो गए।
जीएम गुरुवार शाम करीब साढ़े तीन बजे विशेष सैलून से रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने रेलवे स्टेशन के पश्चिम में बनाए गए सिंगनल रूम (एसएनटी) का निरीक्षण कर अधिकारियों को यहां बैट्री आदि स्थापित कर कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।
प्लेटफार्म नंबर एक का निरीक्षण करते हुए वह प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंचे। यहां उन्होंने निष्प्रोज्य खड़ी रैकों व अन्य सामान को 31 दिसंबर तक हर हाल में हटाकर इज्जतनगर भेजने के निर्देश दिए। खानपान के एक स्टाल का भी निरीक्षण किया।
वैंडरों से उन्होंने खाने को खुले में न बेचकर जनता खाना (खाने का पैकेट) में बिक्री करने की हिदायत दी। इससे पूर्व उन्होंने भोजीपुरा से पीलीभीत तक किए जा रहे ब्राडगेज कार्यों का निरीक्षण किया।
क्रेन देख बोले जीएम - आई एम अनहैप्पी
रेलवे परिसर में पिछले चार दिनों से स्थापित की जा रही क्रेन को देखकर जीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने रेल अफसरों से पूछा कि इसे यहां क्यों रखवाया गया है। इस बाबत उन्होंने अफसरों से इसका नक्शा मांगा। जिस पर अधिकारी जीएम को नक्शा नहीं दिखा सके।
जीएम क्रेन को दीवार के किनारे खड़ा करने व बिना प्लेटफार्म स्थापित किए जाने पर नाराज दिखे। उन्होंने इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी से क्रेन रखने के एप्रूवल के बाबत पूछा। पता चला कि इसका एप्रूवल डीआरएम तक से नहीं लिया गया। इस पर उन्होंने अधिकारियों से आईलैंड बनाकर क्रेन स्थापित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक चंद्रमोहन जिंदल, मंडल वाणिज्य प्रबंधक यशपाल सिंह, सीनियर डिवीजनल मैकेनिकल इंजीनियर समेत स्थानीय रेल अधिकारी मौजूद दिखे।
96 घंटों की मेहनत पर फिरा पानी
रेलवे बोर्ड ने मीटरगेज रेल लाइन के खत्म होने पर धरोहर स्वरूप एक क्रेन को रेलवे परिसर में स्थापित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों द्वारा परिसर में स्थान चिह्नित करने के बाद करीब चार दिन पूर्व से पटरी बिछाकर क्रेन को स्थापित करने का प्रयास शुरू कर दिया गया।
रेलकर्मी दिन रात मेहनत बुधवार को क्रेन को परिसर में ले आए। रंगरोगन कर उसे सजाने संवारने का काम शुरू किया, लेकिन बृहस्पतिवार को निरीक्षण को आए जीएम द्वारा क्रेन को गलत स्थान पर रखने की बात कहते हुए नाराजगी जताने पर काम में लगे कर्मचारियों के मुंह लटक गए।