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Pilibhit News: बाघ की दहाड़ ने बदली पीटीआर की पहचान
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देश के टॉप-5 अनएक्सप्लोर्ड डेस्टिनेशन में पीलीभीत को दूसरा स्थान
पीलीभीत। तराई के जंगलों में बाघों की बढ़ती आबादी और सफारी के दौरान आसानी से होने वाली टाइगर साइटिंग ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) को पर्यटन के नक्शे पर अलग पहचान दिला दी है। अब इसकी गूंज जंगल और वन्यजीवों के दायरे से निकलकर देश के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर तक पहुंच गई है। एक निजी होटल्स के सीईओ ने पीटीआर को जिम कॉर्बेट से भी बेहतर बताते हुए देश के टॉप-5 अनएक्सप्लोर्ड टूरिस्ट डेस्टिनेशन में दूसरे स्थान पर रखा है। उनके इस बयान से पीटीआर की पर्यटन संभावनाओं को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
हाल ही में एक पॉडकास्ट कार्यक्रम में देश के उन पांच शहरों के बारे में पूछा गया, जहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन अभी तक उन्हें पूरी तरह एक्सप्लोर नहीं किया गया है। उन्होंने महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग को पहले, पीलीभीत को दूसरे, राजस्थान के अलवर को तीसरे, केरल के पूवर को चौथे और हिमाचल प्रदेश के सोलन व चैल को पांचवें स्थान पर रखा। पीलीभीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वाइल्डलाइफ टूरिज्म तेजी से बढ़ रहा है। उनके निजी विचार में पीलीभीत टाइगर रिजर्व जिम कॉर्बेट से भी कहीं बेहतर है।
उन्होंने यह भी कहा कि हर पर्यटक को जीवन में कम से कम एक बार पीलीभीत जरूर आना चाहिए। पीटीआर के डीएफओ मनीष सिंह के अनुसार 30 जून को समाप्त हुए सात माह के पर्यटन सत्र में करीब 95 फीसदी पर्यटकों को बाघ दिखाई दिए। कई पर्यटकों को एक साथ तीन से चार बाघों के दीदार हुए। कुछ पर्यटकों ने एक ही सफारी के दौरान तीन अलग-अलग स्थानों पर बाघ देखे। इस सत्र में शावकों के साथ विचरण करती बाघिनों ने भी पर्यटकों को खासा आकर्षित किया। बाघिनों और शावकों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब प्रसारित हुए।
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फील्ड डायरेक्टर पीपी सिंह के मुताबिक देश के प्रमुख दिग्गजों और विशेषज्ञों द्वारा पीटीआर की सराहना किया जाना गौरव की बात है। आगामी पर्यटन सत्र में सैलानियों को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। संवाद
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पीलीभीत। तराई के जंगलों में बाघों की बढ़ती आबादी और सफारी के दौरान आसानी से होने वाली टाइगर साइटिंग ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) को पर्यटन के नक्शे पर अलग पहचान दिला दी है। अब इसकी गूंज जंगल और वन्यजीवों के दायरे से निकलकर देश के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर तक पहुंच गई है। एक निजी होटल्स के सीईओ ने पीटीआर को जिम कॉर्बेट से भी बेहतर बताते हुए देश के टॉप-5 अनएक्सप्लोर्ड टूरिस्ट डेस्टिनेशन में दूसरे स्थान पर रखा है। उनके इस बयान से पीटीआर की पर्यटन संभावनाओं को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
हाल ही में एक पॉडकास्ट कार्यक्रम में देश के उन पांच शहरों के बारे में पूछा गया, जहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन अभी तक उन्हें पूरी तरह एक्सप्लोर नहीं किया गया है। उन्होंने महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग को पहले, पीलीभीत को दूसरे, राजस्थान के अलवर को तीसरे, केरल के पूवर को चौथे और हिमाचल प्रदेश के सोलन व चैल को पांचवें स्थान पर रखा। पीलीभीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वाइल्डलाइफ टूरिज्म तेजी से बढ़ रहा है। उनके निजी विचार में पीलीभीत टाइगर रिजर्व जिम कॉर्बेट से भी कहीं बेहतर है।
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उन्होंने यह भी कहा कि हर पर्यटक को जीवन में कम से कम एक बार पीलीभीत जरूर आना चाहिए। पीटीआर के डीएफओ मनीष सिंह के अनुसार 30 जून को समाप्त हुए सात माह के पर्यटन सत्र में करीब 95 फीसदी पर्यटकों को बाघ दिखाई दिए। कई पर्यटकों को एक साथ तीन से चार बाघों के दीदार हुए। कुछ पर्यटकों ने एक ही सफारी के दौरान तीन अलग-अलग स्थानों पर बाघ देखे। इस सत्र में शावकों के साथ विचरण करती बाघिनों ने भी पर्यटकों को खासा आकर्षित किया। बाघिनों और शावकों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब प्रसारित हुए।
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फील्ड डायरेक्टर पीपी सिंह के मुताबिक देश के प्रमुख दिग्गजों और विशेषज्ञों द्वारा पीटीआर की सराहना किया जाना गौरव की बात है। आगामी पर्यटन सत्र में सैलानियों को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। संवाद