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Pilibhit News: बरखेड़ा में हाईवे के चौड़ीकरण के लिए भवन ध्वस्त करने पहुंची टीम लौटाई
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बरखेड़ा ब्लॉक तिराहे पर अतिक्रमण का विरोध करते लोग । संवाद
बरखेड़ा। बिना मुआवजा दिए मकान और दुकानें तोड़ने आई एनएचएआई की टीम को भवन स्वामियों ने लौटा दिया। इस दौरान भवन स्वामियों की नायब तहसीलदार से नोकझोंक भी हुई। भवन स्वामियों का कहना है कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा वे ध्वस्तीकरण नहीं होने देंगे।
शाहजहांपुर से पीलीभीत तक राष्ट्रीय राजमार्ग को चौड़ा किया जा रहा है। बरखेड़ा नगर में ब्लॉक तिराहे से स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया तक हाईवे के चौड़ीकरण में कई रिहायशी भवन और दुकानें बाधक बन रही हैं। इनका चिह्नीकरण करने के बाद भवन स्वामियों को नोटिस भी दिए जा चुके हैं। अधिकारियों ने भवनों को ध्वस्त करने के लिए चिह्नित तो कर लिया है, लेकिन मुआवजा राशि अब तक नहीं दी है।
शनिवार को हाईवे किनारे चिह्नित दुकानों और मकानों को ध्वस्त करने के लिए एनएचएआई व राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची। टीम ने ब्लॉक तिराहे पर जेसीबी चलाकर भवनों को ध्वस्त करना शुरू किया तो बढ़ी संख्या में लोग एकत्र होकर विरोध करने लगे। इनका कहना है कि अब तक उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया है। जब तक मुआवजा नहीं मिल जाता वे भवन नहीं तोड़ने देंगे।
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मौके पर पहुंचे पूर्व चेयरमैन जमील अहमद ने नायब तहसीलदार अवधेश कुमार से कहा कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक कोई भी मकान या दुकान नहीं तोड़ने देंगे। अगर कोशिश की तो आंदोलन किया जाएगा। इसे लेकर नायब तहसीलदार की विरोध कर रहे लोगों से तीखी नोकझोंक भी हो गई, लेकिन टीम को बिना ध्वस्तीकरण किए ही लौटना पड़ा।
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शाहजहांपुर से पीलीभीत तक राष्ट्रीय राजमार्ग को चौड़ा किया जा रहा है। बरखेड़ा नगर में ब्लॉक तिराहे से स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया तक हाईवे के चौड़ीकरण में कई रिहायशी भवन और दुकानें बाधक बन रही हैं। इनका चिह्नीकरण करने के बाद भवन स्वामियों को नोटिस भी दिए जा चुके हैं। अधिकारियों ने भवनों को ध्वस्त करने के लिए चिह्नित तो कर लिया है, लेकिन मुआवजा राशि अब तक नहीं दी है।
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शनिवार को हाईवे किनारे चिह्नित दुकानों और मकानों को ध्वस्त करने के लिए एनएचएआई व राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची। टीम ने ब्लॉक तिराहे पर जेसीबी चलाकर भवनों को ध्वस्त करना शुरू किया तो बढ़ी संख्या में लोग एकत्र होकर विरोध करने लगे। इनका कहना है कि अब तक उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया है। जब तक मुआवजा नहीं मिल जाता वे भवन नहीं तोड़ने देंगे।
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मौके पर पहुंचे पूर्व चेयरमैन जमील अहमद ने नायब तहसीलदार अवधेश कुमार से कहा कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक कोई भी मकान या दुकान नहीं तोड़ने देंगे। अगर कोशिश की तो आंदोलन किया जाएगा। इसे लेकर नायब तहसीलदार की विरोध कर रहे लोगों से तीखी नोकझोंक भी हो गई, लेकिन टीम को बिना ध्वस्तीकरण किए ही लौटना पड़ा।