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Pilibhit News: बारिश में खराब हुए गेहूं की जांच करने पहुंची टीम, खरीद केंद्रों से लिए नमूने
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पूरनपुर की मंडी समिति के गेहूं क्रय केंद्र पर जांच को सैंपल लेती टीम स्रोत: विभाग
पूरनपुर। बारिश में खराब हुए गेहूं की जांच करने के लिए शासन से आई टीम ने सोमवार को पूरनपुर मंडी समिति में छह और कलीनगर क्षेत्र के एक क्रय केंद्र से गेहूं का नमूना लिया। गेहूं की लस्टर लॉस (किसी फसल या अनाज की चमक या सुंदरता खो जाना) की जांच के बाद टीम जिला मुख्यालय रवाना हो गई।
जिले में गेहूं का बाजार भाव शुरूआत से ही सरकारी खरीद केंद्रों के समर्थन मूल्य से अधिक चल रहा है। इस कारण किसान खरीद केंद्रों के बजाय गेहूं की बिक्री व्यापारियों को नकद में अधिक कर रहे हैं। कुछ दिन पूर्व हुई बारिश से गेहूं खराब हो गया। कई स्थानों पर गेहूं का रंग सुनहरे के बजाय सफेद हो गया। गेहूं में खराबी आने के बाद क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक बढ़ गई है।
मंडी के केंद्रों पर खरीद कर 16 अप्रैल को गेहूं गोदाम भेजा गया तो तीन ट्रक गेहूं लौटा दिया गया। इसके बाद खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद फिर सुस्त हो गई। बारिश में भीगने के कारण गेहूं की चमक जाने आदि को लेकर आरएफसी ने शासन को रिपोर्ट भेजी थी।
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शासन से सोमवार को पहुंची दो सदस्यीय टीम ने मंडी समिति के छह और कलीनगर तहसील क्षेत्र के एक खरीद केंद्र पर गेहूं का नमूना लिया। टीम में सहायक डायरेक्टर साइंस एंड रिसर्च आईएमटी हापुड़, एफसीआई के तकनीकि सहायक राकेश बराला आदि शामिल थे। निरीक्षण के दौरान टीम के साथ एफसीआई के सहायक महाप्रबंधक गुण नियंत्रण एमआर हर्षा, पूरनपुर के गुण नियंत्रण प्रबंधक रविंद्र कुमार, डिप्टी आरएमओ विजय कुमार भी रहे।
बाजार में गेहूं का मूल्य अब भी उछाल पर
गोदाम भेजा गया तीन ट्रक गेहू भले ही फेल कर लौटा दिया गया हो, मगर गेहूं का बाजार मूल्य समर्थन मूल्य से अब भी अधिक है। खराब बताया जाने वाला गेहूं फ्लोर मिल मालिक और अन्य व्यापारी 25 सौ रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीद रहे हैं।
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जिले में गेहूं का बाजार भाव शुरूआत से ही सरकारी खरीद केंद्रों के समर्थन मूल्य से अधिक चल रहा है। इस कारण किसान खरीद केंद्रों के बजाय गेहूं की बिक्री व्यापारियों को नकद में अधिक कर रहे हैं। कुछ दिन पूर्व हुई बारिश से गेहूं खराब हो गया। कई स्थानों पर गेहूं का रंग सुनहरे के बजाय सफेद हो गया। गेहूं में खराबी आने के बाद क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक बढ़ गई है।
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मंडी के केंद्रों पर खरीद कर 16 अप्रैल को गेहूं गोदाम भेजा गया तो तीन ट्रक गेहूं लौटा दिया गया। इसके बाद खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद फिर सुस्त हो गई। बारिश में भीगने के कारण गेहूं की चमक जाने आदि को लेकर आरएफसी ने शासन को रिपोर्ट भेजी थी।
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शासन से सोमवार को पहुंची दो सदस्यीय टीम ने मंडी समिति के छह और कलीनगर तहसील क्षेत्र के एक खरीद केंद्र पर गेहूं का नमूना लिया। टीम में सहायक डायरेक्टर साइंस एंड रिसर्च आईएमटी हापुड़, एफसीआई के तकनीकि सहायक राकेश बराला आदि शामिल थे। निरीक्षण के दौरान टीम के साथ एफसीआई के सहायक महाप्रबंधक गुण नियंत्रण एमआर हर्षा, पूरनपुर के गुण नियंत्रण प्रबंधक रविंद्र कुमार, डिप्टी आरएमओ विजय कुमार भी रहे।
बाजार में गेहूं का मूल्य अब भी उछाल पर
गोदाम भेजा गया तीन ट्रक गेहू भले ही फेल कर लौटा दिया गया हो, मगर गेहूं का बाजार मूल्य समर्थन मूल्य से अब भी अधिक है। खराब बताया जाने वाला गेहूं फ्लोर मिल मालिक और अन्य व्यापारी 25 सौ रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीद रहे हैं।