फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   The student was neither kidnapped nor thrown from the car

Pilibhit News: छात्रा का न अपहरण हुआ और न ही उसे कार से फेंका गया

Sun, 23 Jun 2024 03:28 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jun 2024 03:28 AM IST
विज्ञापन
The student was neither kidnapped nor thrown from the car
पीलीभीत। नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा के अपहरण की जिस घटना ने पुलिस को परेशान कर दिया। उसके खुलासे में हैरान करने वाली कहानी सामने आई है। दामाद के छोटे भाई को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए पिता समेत परिजनों ने ही दो अन्य साथियों के साथ मिलकर झूठी कहानी रची थी। छात्रा का न अपहरण हुआ और न ही उसे कार से फेंका गया था।
विज्ञापन

पुलिस लाइन में शनिवार को एसपी अविनाश पांडेय ने 72 घंटे के अंदर घटना का खुलासा करते हुए बताया कि 14 जून को सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र और अब शहर के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने पत्नी के साथ थाना सेहरामऊ उत्तरी पहुंचकर अपनी पुत्री जो नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा है, के गायब होने की गुमशुदगी दर्ज कराई।
विज्ञापन

उनका कहना था कि 12 जून को मैजिक से पीलीभीत से पूरनपुर पहुंचने के बाद उनका पुत्री से संपर्क बंद हो गया। 19 जून को लखीमपुर जनपद में चिमनी गांव के पास हाईवे किनारे से बरामद होने के बाद परिजनों के कहने पर छात्रा को पीलीभीत के मेडिकल कॉलेज में लाकर भर्ती कराया गया। जहां आईजी डा. राकेश सिंह ने भी पहुंचकर स्थिति को परखा।
विज्ञापन
विज्ञापन

पूरे मामले को एसपी अविनाश पांडेय ने गंभीरता से लेकर जांच के लिए तीन टीमें लगाईं। पिता के बताए अनुसार पुलिस ने जांच शुरू की तो घटना संदिग्ध प्रतीत होने लगी। पुलिस की टीमों ने छात्रा के घर से निकलने से लेकर पूरनपुर पहुंचने तक हकीकत को परखने के लिए साक्ष्य जुटाए।
सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने पड़ोस के जनपदों के अलावा सीतापुर से भी कुछ साक्ष्य हासिल किए। जिसके बाद पुलिस खुलासे तक पहुंच सकी। शनिवार को पुलिस ने छात्रा के पिता और सीतापुर के थाना हरगांव क्षेत्र के एक गांव निवासी चिकित्सक को गिरफ्तार करने के साथ घटनाक्रम में प्रयोग की गई कार और बाइक को भी बरामद कर लिया। कानूनी कार्रवाई के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। एक अन्य की तलाश अब भी जारी है।
--
इस तरह अपने ही कहानी में फंसा आरोपी पिता
आरोपी पिता ने अपने बड़े दामाद के छोटे भाई को फंसाने के लिए जो कहानी रची, उसमें वह खुद फंस गया। पुलिस ने गहनता से जांच की तो शुरुआती कहानी ही संदिग्ध निकली। पुलिस वीडियो साक्ष्य के साथ घटना के खुलासे तक पहुंचने के प्रयास में जुट गई। आरोपी के किरायेदार से भी पुलिस को अहम जानकारियां मिली। जांच के दौरान पिता द्वारा स्वयं ही पुत्री को सीतापुर स्थित दोस्त के घर छोड़ने के बाद 19 जून को योजनाबद्ध तरीके से चिकित्सक व एक अन्य साथी के साथ लखीमपुर के चिमनी के निकट पुत्री को कार से उतारकर चले जाने की बात स्पष्ट हुई।
---
मुकदमेे की पैरवी को रोकने के लिए बनाई थी योजना
आरोपी पिता की बड़ी पुत्री ने पिछले साल पीएसी के एक जवान से प्रेम विवाह किया था। परिवार के लोग विवाह से खुश नहीं थे, अब छात्रा भी अपने जीजा से शादी करना चाहती थी। पूर्व में छात्रा ने दुष्कर्म का एक मुकदमा भी दर्ज कराया था। बहनोई का छोटा भाई मुकदमे की पैरवी कर रहा था। जिसको रोकने के लिए पिता ने दामाद के छोटे भाई को जेल भेजने की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस ने उसकी योजना को फेल कर दिया।

---
पिता ने अपने बड़े दामाद के भाई को फंसाने के लिए परिजनों के साथ मिलकर पुत्री के अपहरण की झूठी कहानी बनाई थी। घटना में सीतापुर निवासी दोस्त के अलावा एक अन्य व्यक्ति के साथ षड्यंत्र रचा गया था। साक्ष्यों के साथ घटना का खुलासा करते हुए गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
- अविनाश पांडेय, एसपी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed