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Pilibhit News: 15 शिक्षकों के कंधों पर 1958 छात्राओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी
Tue, 03 Oct 2023 12:25 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 03 Oct 2023 12:25 AM IST
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शहर का राजकीय बालिका इंटर कॉलेज । संवाद
पीलीभीत। शहर के एकमात्र राजकीय बालिका इंटर काॅलेज में काफी समय से शिक्षकों की भारी कमी है। काॅलेज में विभिन्न विषयों के सहायक अध्यापक और प्रवक्ता के कुल 46 पद हैं, लेकिन मात्र 15 शिक्षकों से ही काम चलाया जा रहा है। कॉलेज में 1958 छात्राएं अध्ययनरत हैं। ऐसे में चाहकर भी शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है।
नियमानुसार 40 बच्चों पर एक शिक्षक होना चाहिए, लेकिन यहां तो एक शिक्षक पर 130 से भी अधिक बच्चों की जिम्मेदारी है। ऐसे में पढ़ाई की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि काॅलेज में हिंदी विषय का तो एक भी शिक्षक नहीं हैं। हिंदी के सहायक अध्यापक व प्रवक्ता के कुल आठ पद स्वीकृत हैं, लेकिन छह सालों से एक भी शिक्षक नहीं है।
अंग्रेजी विषय के पांच सहायक अध्यापक होने चाहिए, लेकिन तीन सालों से एक भी नहीं हैं। गनीमत है कि अंग्रेजी विषय की पढ़ाई दो प्रवक्ताओं के सहारे जैसे-तैसे कराई जा रहा है। इसी तरह संगीत, कला, संस्कृत, उर्दू, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र, भूगोल आदि विषयों के शिक्षकों की संख्या भी शून्य है। हालांकि कॉलेज प्रशासन का दावा है कि स्टाफ की कमी के चलते कुछ दिक्कतें तो आती हैं, लेकिन काॅलेज की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने का प्रयास हमेशा रहता है।
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सहायक अध्यापक के स्वीकृत पद-- -- तैनाती
हिंदी- 5-- -- -- -0
अंग्रेजी-5-- -- -- -0
सामान्य विज्ञान-5-- -- 3
विज्ञान- 5-- -- -- 3
गणित -2-- -- -- 2
उर्दू- 1-- -- -- -- 0
संस्कृत-2-- -- -- 0
संगीत-1-- -- -- -0
कला-2-- -- -- -- 0
गृह विज्ञान-4-- -- 2
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प्रवक्ता के स्वीकृत पद-- -- -- तैनाती
हिंदी-3-- -- -- -- 0
अंग्रेजी-2-- -- -- -2
साइंस-3-- -- -- -3
गणित-1-- -- -- -0
उर्दू-1-- -- -- -- -0
विज्ञान-1-- -- -- -0
भूगोल-1-- -- -- -0
अर्थशास्त्र-1-- -- -0
मनोविज्ञान-1-- -- -0
गृह विज्ञान-1-- -- -0
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वर्जन
काॅलेज में शिक्षकों की कमी है। इसके चलते कुछ दिकक्तें तो आती हैं, लेकिन काॅलेज प्रशासन का पूरा प्रयास रहता है कि शिक्षा व्यवस्था बाधित न हो। समय निकालकर मैं खुद भी बच्चों को पढ़ाती हूं। - अनीता सिंह, उप प्रधानाचार्य, राजकीय बालिका इंटर काॅलेज
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नियमानुसार 40 बच्चों पर एक शिक्षक होना चाहिए, लेकिन यहां तो एक शिक्षक पर 130 से भी अधिक बच्चों की जिम्मेदारी है। ऐसे में पढ़ाई की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि काॅलेज में हिंदी विषय का तो एक भी शिक्षक नहीं हैं। हिंदी के सहायक अध्यापक व प्रवक्ता के कुल आठ पद स्वीकृत हैं, लेकिन छह सालों से एक भी शिक्षक नहीं है।
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अंग्रेजी विषय के पांच सहायक अध्यापक होने चाहिए, लेकिन तीन सालों से एक भी नहीं हैं। गनीमत है कि अंग्रेजी विषय की पढ़ाई दो प्रवक्ताओं के सहारे जैसे-तैसे कराई जा रहा है। इसी तरह संगीत, कला, संस्कृत, उर्दू, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र, भूगोल आदि विषयों के शिक्षकों की संख्या भी शून्य है। हालांकि कॉलेज प्रशासन का दावा है कि स्टाफ की कमी के चलते कुछ दिक्कतें तो आती हैं, लेकिन काॅलेज की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने का प्रयास हमेशा रहता है।
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सहायक अध्यापक के स्वीकृत पद
हिंदी- 5
अंग्रेजी-5
सामान्य विज्ञान-5
विज्ञान- 5
गणित -2
उर्दू- 1
संस्कृत-2
संगीत-1
कला-2
गृह विज्ञान-4
प्रवक्ता के स्वीकृत पद
हिंदी-3
अंग्रेजी-2
साइंस-3
गणित-1
उर्दू-1
विज्ञान-1
भूगोल-1
अर्थशास्त्र-1
मनोविज्ञान-1
गृह विज्ञान-1
वर्जन
काॅलेज में शिक्षकों की कमी है। इसके चलते कुछ दिकक्तें तो आती हैं, लेकिन काॅलेज प्रशासन का पूरा प्रयास रहता है कि शिक्षा व्यवस्था बाधित न हो। समय निकालकर मैं खुद भी बच्चों को पढ़ाती हूं। - अनीता सिंह, उप प्रधानाचार्य, राजकीय बालिका इंटर काॅलेज