फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   The remains of Bilaikhera mound are medieval... damaged by mining

Pilibhit News: मध्यकालीन हैं बिलईखेड़ा टीले के अवशेष... खनन से क्षतिग्रस्त हुआ

Sun, 29 Jun 2025 10:42 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 29 Jun 2025 10:42 PM IST
विज्ञापन
The remains of Bilaikhera mound are medieval... damaged by mining
16 फरवरी के अंक में प्रकाशित खबर।
पीलीभीत। खनन की भेंट चढ़े पुरा महत्व के बिलईखेड़ा टीले में मिले अवशेष मध्यकालीन युग के हैं। यह बात राज्य पुरातत्व विभाग ने अपनी सर्वे रिपोर्ट में लिखी थी। बावजूद इसके अब खनन से टीले के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण उसने इसे संरक्षण में लेने से इन्कार कर दिया है। इसके अलावा शहर की मेंस्टन धर्मशाला और शाहगढ़ के राजा वेणु के टीले को संरक्षित करने के लिए जिला प्रशासन से अभिलेख मांगे हैं। उधर, सामाजिक कार्यकर्ता शिवम कश्यप ने बिलईखेड़ा टीले को नुकसान पहुंचाने पर एनएचएआई और खनन अधिकारी की शिकायत मुख्यमंत्री से की है।
विज्ञापन


शहर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता शिवम कश्यप ने 28 जनवरी 2025 को तत्कालीन डीएम को शिकायती पत्र देकर जहानाबाद कस्बे के मोहल्ला बिलई पसियापुर से सटे पुरातात्विक महत्व के बिलई टीले का सर्वे कराने की मांग की थी। कहा था कि बरेली-सितारगंज हाईवे निर्माण में एनएचएआई ने टीले को मनमाने तरीके से खोद दिया है।
विज्ञापन

टीले में पुरा महत्व के मिट्टी के बर्तन और अन्य अवशेष निकल रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता के पत्र पर तत्कालीन डीएम संजय कुमार सिंह ने पांच फरवरी को राज्य पुरातत्व विभाग को पत्र भेजा। सामाजिक कार्यकर्ता ने भी राज्य पुरातत्व विभाग के अफसरोंं से संपर्क किया। इसके बाद राज्य पुरातत्व विभाग ने बिलईखेड़ा टीला, शहर के गौरीशंकर मंदिर, मेंस्टन धर्मशाला और शाहगढ़ के वेणु के किले का सर्वे किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रिपोर्ट में बताया कि बिलईखेड़ा टीले में मिले मृदभांड व अन्य अवशेष मध्यकालीन प्रतीत हो रहे हैं। यह भी लिखा कि टीले के बीच से राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण हो रहा है। इससे टीला पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसे संरक्षण में लेना उचित नहीं होगा।
--

एनएचएआई और खनन अधिकारी की शिकायत
पुरा महत्व के टीले को नुकसान पहुंचाने को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। लिखा है कि टीले का अलेक्जेंडर कनिंघम ने प्रथम पुरातात्विक सर्वे रिपोर्ट में जिक्र किया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं जिला खनन अधिकारी पीलीभीत ने इसे क्षति पहुंचाई है। इस वजह से राज्य पुरातत्व विभाग ने इसे संरक्षित धरोहर घोषित करने से मना किया है। शिवम ने पुरातत्व संरक्षण अधिनियम 1958 की सुसंगत धारा में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं जिला खनन अधिकारी पीलीभीत पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।


--
एनओसी की आड़ में खोदा गया पुरा महत्व का टीला
पुरा महत्व के बिलईखेड़ा टीले पर खनन को लेकर अमर उजाला ने भी आवाज उठाई थी। 16 फरवरी के अंक में खनन विभाग ने एनओसी दी..एनएचआई ने खोद डाला पुरा महत्व का बिलईखेड़ा टीला शीर्षक से खबर प्रकाशित की। 17 फरवरी के अंक में भी एनओसी की आड़ में खोदा टीला, अब करतूत छिपाने में लगे शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इस पर राज्य पुरातत्व विभाग के अफसरों ने टीले को संज्ञान में लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed