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चीनी मिल पर गन्ना की कमी
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Wed, 30 Nov 2016 11:01 PM IST
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चीनी मिल पर गन्ना की कमी
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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गन्ना सप्लाई इंडेंट के अनुसार दि किसान सहकारी चीनी मिल को गन्ना न मिल पाने के कारण चीनी मिल हिचकोले खाकर चल रही है। इससे अफसर परेशान हैं, लेकिन कम गन्ना क्रय केंद्रों और मिल गेट पर पहुंचने के कारण किसानों को लाइन नहीं लगानी पड़ रही है।
पेराई सत्र शुरू होने के आठ दिन बाद भी चीनी मिल गन्ना की कमी से जूझ रही है। मिल के कर्मचारी, अफसरों को गन्ना से भरे वाहनों का इंतजार करना पड़ रहा है। मिल अफसर गन्ना को लेकर किसानों से संपर्क में जुटे हैं। अधिकांश किसान इसकी वजह नोटबंदी बता रहे हैं। उनका कहना है कि पैसा अभाव के चलते उन्हें मजदूर नहीं मिल रहे हैं। प्रधान प्रबंधक एएस पोरस ने बताया कि गन्ना सप्लाई को करीब एक लाख क्विंटल के इंडेंट की पर्चियां किसानों के पास हैं, लेकिन गन्ना उसके मुताबिक मिल को नहीं मिल पा रहा है। एक-एक कर गन्ना से भरे वाहन चीनी मिल पहुंच रहे हैं। हालांकि मिल क्षमता के अनुसार गन्ना पेराई कर रही है। चीनी मिल की रिकवरी 9.15 है। जो रिकार्ड है। इसके अलावा औसतन रिकवरी 9.11 है। जो चीनी मिल के रिकार्ड की सबसे अच्छी रिकवरी है। उन्होंने बताया कि मिल क्षमता से अधिक कार्य कर रही है। क्षेत्र के सारे गन्ना क्रय केंद्रों पर इलेक्ट्रानिक कांटों पर तौल करवा दी गई है।
क्रय केंद्र कटने का नहीं पड़ेगा फर्क
पूरनपुर। चीनी मिल को पांच नए क्रय केंद्र मिले है, जबकि गढ़वाखेड़ा सहित दो बड़े गन्ना क्रय केंद्र चीनी मिल से हटाकर अन्य मिलों को दिए गए हैं। प्रधान प्रबंधक का कहना है कि गढ़वाखेड़ा गन्ना क्रय केंद्र के स्थान पर उनको पांच अन्य गन्ना क्रय केंद्र मिले हैं। गढ़वाखेड़ा अन्य मिल को आवंटित होने पर मिल पर फर्क नहीं पड़ेगा।
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रंपुरा का प्रसादपुर पचपेड़ा सेंटर पर तुलेगा गन्ना
पूरनपुर। पूरनपुर चीनी मिल के रंपुरा फकीरे गन्ना क्रय केंद्र पर अब तक खरीद शुरू नहीं हुई है। इससे गन्ना किसानों में रोष है। भाकियू के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष मंजीत सिंह ने बताया कि सभी क्रय केंद्रों पर शीघ्र गन्ना खरीद शुरू न होने को बर्दास्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा घटतौली हुई तब संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर करवाई जाएगी। जीएम एएस पोरस ने बताया कि रंपुरा फकीरे गन्ना क्रय केंद्र पर मात्र तीन हजार क्विंटल गन्ना है। क्रय केंद्र का पहले ही विरोध किया गया था। अब रंपुरा फकीरे गन्ना क्रय केंद्र के गन्ना को प्रसादपुर पचपेड़ा गन्ना क्रय केंद्र पर तुलवाया जाएगा।
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पेराई सत्र शुरू होने के आठ दिन बाद भी चीनी मिल गन्ना की कमी से जूझ रही है। मिल के कर्मचारी, अफसरों को गन्ना से भरे वाहनों का इंतजार करना पड़ रहा है। मिल अफसर गन्ना को लेकर किसानों से संपर्क में जुटे हैं। अधिकांश किसान इसकी वजह नोटबंदी बता रहे हैं। उनका कहना है कि पैसा अभाव के चलते उन्हें मजदूर नहीं मिल रहे हैं। प्रधान प्रबंधक एएस पोरस ने बताया कि गन्ना सप्लाई को करीब एक लाख क्विंटल के इंडेंट की पर्चियां किसानों के पास हैं, लेकिन गन्ना उसके मुताबिक मिल को नहीं मिल पा रहा है। एक-एक कर गन्ना से भरे वाहन चीनी मिल पहुंच रहे हैं। हालांकि मिल क्षमता के अनुसार गन्ना पेराई कर रही है। चीनी मिल की रिकवरी 9.15 है। जो रिकार्ड है। इसके अलावा औसतन रिकवरी 9.11 है। जो चीनी मिल के रिकार्ड की सबसे अच्छी रिकवरी है। उन्होंने बताया कि मिल क्षमता से अधिक कार्य कर रही है। क्षेत्र के सारे गन्ना क्रय केंद्रों पर इलेक्ट्रानिक कांटों पर तौल करवा दी गई है।
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क्रय केंद्र कटने का नहीं पड़ेगा फर्क
पूरनपुर। चीनी मिल को पांच नए क्रय केंद्र मिले है, जबकि गढ़वाखेड़ा सहित दो बड़े गन्ना क्रय केंद्र चीनी मिल से हटाकर अन्य मिलों को दिए गए हैं। प्रधान प्रबंधक का कहना है कि गढ़वाखेड़ा गन्ना क्रय केंद्र के स्थान पर उनको पांच अन्य गन्ना क्रय केंद्र मिले हैं। गढ़वाखेड़ा अन्य मिल को आवंटित होने पर मिल पर फर्क नहीं पड़ेगा।
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रंपुरा का प्रसादपुर पचपेड़ा सेंटर पर तुलेगा गन्ना
पूरनपुर। पूरनपुर चीनी मिल के रंपुरा फकीरे गन्ना क्रय केंद्र पर अब तक खरीद शुरू नहीं हुई है। इससे गन्ना किसानों में रोष है। भाकियू के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष मंजीत सिंह ने बताया कि सभी क्रय केंद्रों पर शीघ्र गन्ना खरीद शुरू न होने को बर्दास्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा घटतौली हुई तब संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर करवाई जाएगी। जीएम एएस पोरस ने बताया कि रंपुरा फकीरे गन्ना क्रय केंद्र पर मात्र तीन हजार क्विंटल गन्ना है। क्रय केंद्र का पहले ही विरोध किया गया था। अब रंपुरा फकीरे गन्ना क्रय केंद्र के गन्ना को प्रसादपुर पचपेड़ा गन्ना क्रय केंद्र पर तुलवाया जाएगा।