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Pilibhit News: मानसून की शुरुआत में ही क्षतिग्रस्त हुए तटबंध अब सता रहा बाढ़ का डर
Sun, 21 Jul 2024 05:21 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 21 Jul 2024 05:21 AM IST
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नोमैंस लैंड के निकट भारतीय क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुआ बांध।संवाद
पीलीभीत। बाढ़ से बचाव के दावों के बीच मानसून की शुरुआत में नदियों ने जिले में हर तरफ हाहाकार मचाया। अधिकांश इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए। पूरनपुर और कलीनगर क्षेत्र में शारदा नदी से नुकसान अधिक हुआ। कई बाढ़ नियंत्रण योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। अब विभाग बचाव कार्य करा रहा है, लेकिन ग्रामीण बेचैन हैं। उनका कहना है तटबंधों के क्षतिग्रस्त होने से नुकसान की संभावना बढ़ गई। बरसात के सीजन में अभी लंबा समय बकाया है।
जनपद में हर साल शारदा नदी का विकराल रूप देखने को मिलता है। कलीनगर और पूरनपुर तहसील क्षेत्र के 30 से अधिक गांव नदी की चपेट में आ जाते हैं। इस बार नौ जुलाई के बाद हालत बिगड़ गए थे। करीब 40 गांवों में बाढ़ का प्रकोप देखने के लिए मिला। कलीनगर के नौजल्हा और पूरनपुर के कई इलाकों में बांध कट गए। जिससे पानी का बहाव तेजी के साथ आबादी क्षेत्र में घुस आया था।
अब सिंचाई विभाग की ओर से क्षतिग्रस्त बाढ़ योजनाओं की मरम्मत कराई जा रही है, लेकिन ग्रामीण काम से संतुष्ट नहीं दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि बरसात की शुरूआत में ही नदी ने तबाही मचा दी। अब जो कार्य कराए जा रहे हैं उनके जलस्तर बढ़ने के बाद नदी की भेंट चढ़ने की संभावना बढ़ जाएगी। नौजल्हा क्षेत्र में नोमैंस लैंड के निकट बमनी, जगबूढ़ा और शारदा नदी की प्रवाह एक साथ मिलकर तेजी के साथ जनपद सीमा में टकराता है। ऐसे में अगर पानी ज्यादा बढ़ता है तो नौजल्हा क्षेत्र में अधिक नुकसान होने की संभावना है।
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जनपद में हर साल शारदा नदी का विकराल रूप देखने को मिलता है। कलीनगर और पूरनपुर तहसील क्षेत्र के 30 से अधिक गांव नदी की चपेट में आ जाते हैं। इस बार नौ जुलाई के बाद हालत बिगड़ गए थे। करीब 40 गांवों में बाढ़ का प्रकोप देखने के लिए मिला। कलीनगर के नौजल्हा और पूरनपुर के कई इलाकों में बांध कट गए। जिससे पानी का बहाव तेजी के साथ आबादी क्षेत्र में घुस आया था।
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अब सिंचाई विभाग की ओर से क्षतिग्रस्त बाढ़ योजनाओं की मरम्मत कराई जा रही है, लेकिन ग्रामीण काम से संतुष्ट नहीं दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि बरसात की शुरूआत में ही नदी ने तबाही मचा दी। अब जो कार्य कराए जा रहे हैं उनके जलस्तर बढ़ने के बाद नदी की भेंट चढ़ने की संभावना बढ़ जाएगी। नौजल्हा क्षेत्र में नोमैंस लैंड के निकट बमनी, जगबूढ़ा और शारदा नदी की प्रवाह एक साथ मिलकर तेजी के साथ जनपद सीमा में टकराता है। ऐसे में अगर पानी ज्यादा बढ़ता है तो नौजल्हा क्षेत्र में अधिक नुकसान होने की संभावना है।
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