{"_id":"6730439c582f8b6f9455d5f079688ef4","slug":"the-drama-of-czech-farmers-in-relief-distribution-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहत चेक वितरण में किसानों का हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राहत चेक वितरण में किसानों का हंगामा
माधोटांडा/पीलीभीत।
Updated Wed, 15 Apr 2015 11:33 PM IST
विज्ञापन
फसल के नुकसान पर राजस्व प्रशासन की ओर से बुधवार को चेक वितरित किए गए। विधायक और एसडीएम ने गांव पहुंचकर चेक बांटे। किसानों ने यहां काफी कम लोगों को मुआवजा देने और सर्वे ठीक न करने का आरोप लगाकर हंगामा किया। इस दौरान उनकी लेखपाल से नोकझोंक भी हुई।
बुधवार को लेखपाल सचिन कुमार ने क्षेत्र के किसानों को सूचना दी कि फसल नुकसान में मुआवजे के चेक वितरित किए जाएंगे। इस पर बड़ी संख्या में किसान पंचायत घर में एकत्र हो गए। जानकारी करने पर किसानों को पता चला कि मात्र 264 लोगों की ही सूची बनी है और इन्हीं को चेक दिए जाएंगे।
इस पर किसान भड़क गए और जमकर हंगामा काटा और लेखपाल से नोकझोंक भी हुई। इस बीच विधायक पीतमराम और एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार सिंह भी पहुंच गए। किसानों ने उनसे भी शिकायत की। एसडीएम ने बताया कि यह पहली सूची है, अभी सर्वे चल रहा है और शेष किसानों को भी जल्द मुआवजा वितरित किया जाएगा।
विज्ञापन
किसानों के शांत होने पर विधायक और एसडीएम ने किसानों को चेक वितरित किए। इस बीच तराई क्षेत्र के ग्राम गुनहाल, रमनगरा, पुरैना, गभिया, सेल्हा आदि के ग्रामीणों ने एसडीएम व विधायक से क्षेत्र में सर्वे न होने की शिकायत की।
दो गांवों में बांटे डेढ़ लाख के चेक
बिलसंडा। गांव अमखिड़िया एवं मकरंदपुर तालुके सिमरोली में राजस्व विभाग द्वारा 143 कृषकों को करीब 1.55 लाख रुपए के चेक बांटे गए। चेक वितरण पूर्व ब्लाक प्रमुख राकेश प्रताप सिंह ने किया। इस मौके पर राजस्व निरीक्षक रक्षपाल जायसवाल, प्रधान रामकृष्ण वर्मा समेत कई लोग थे।
किसानाें ने लगाया गड़बड़ी का आरोप, प्रदर्शन
पूरनपुर। लेखपाल पर सर्वे में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए एसडीएम कार्यालय के बाहर गांव ककरौआ के किसानों ने प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन दिया।
बुधवार को तमाम किसान तहसील पहुंचे। किसानों का आरोप है ओलावृष्टि और बेमौसम बरसात बर्बाद गेहूं की फसल की सर्वे करने तहसील लेखपाल गांव पहुंचे। आरोप है कि सर्वे के दौरान लेकर ने गड़बड़ी की है। बुधवार को लेखपाल की गड़बड़ी से नाराज ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
ज्ञापन में बर्बाद फसल की दुबारा सर्वे करने की मांग की गई है। प्रदर्शन करने वालों में जमुना प्रसाद, गोकरन, रूपलाल, राममूर्ति, लक्ष्मन प्रसाद, लेखराज, हीरालाल, रामचरन, गयादीन, श्यामाचरन आदि लोग शामिल रहे।
विज्ञापन
बुधवार को लेखपाल सचिन कुमार ने क्षेत्र के किसानों को सूचना दी कि फसल नुकसान में मुआवजे के चेक वितरित किए जाएंगे। इस पर बड़ी संख्या में किसान पंचायत घर में एकत्र हो गए। जानकारी करने पर किसानों को पता चला कि मात्र 264 लोगों की ही सूची बनी है और इन्हीं को चेक दिए जाएंगे।
विज्ञापन
इस पर किसान भड़क गए और जमकर हंगामा काटा और लेखपाल से नोकझोंक भी हुई। इस बीच विधायक पीतमराम और एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार सिंह भी पहुंच गए। किसानों ने उनसे भी शिकायत की। एसडीएम ने बताया कि यह पहली सूची है, अभी सर्वे चल रहा है और शेष किसानों को भी जल्द मुआवजा वितरित किया जाएगा।
विज्ञापन
किसानों के शांत होने पर विधायक और एसडीएम ने किसानों को चेक वितरित किए। इस बीच तराई क्षेत्र के ग्राम गुनहाल, रमनगरा, पुरैना, गभिया, सेल्हा आदि के ग्रामीणों ने एसडीएम व विधायक से क्षेत्र में सर्वे न होने की शिकायत की।
दो गांवों में बांटे डेढ़ लाख के चेक
बिलसंडा। गांव अमखिड़िया एवं मकरंदपुर तालुके सिमरोली में राजस्व विभाग द्वारा 143 कृषकों को करीब 1.55 लाख रुपए के चेक बांटे गए। चेक वितरण पूर्व ब्लाक प्रमुख राकेश प्रताप सिंह ने किया। इस मौके पर राजस्व निरीक्षक रक्षपाल जायसवाल, प्रधान रामकृष्ण वर्मा समेत कई लोग थे।
किसानाें ने लगाया गड़बड़ी का आरोप, प्रदर्शन
पूरनपुर। लेखपाल पर सर्वे में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए एसडीएम कार्यालय के बाहर गांव ककरौआ के किसानों ने प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन दिया।
बुधवार को तमाम किसान तहसील पहुंचे। किसानों का आरोप है ओलावृष्टि और बेमौसम बरसात बर्बाद गेहूं की फसल की सर्वे करने तहसील लेखपाल गांव पहुंचे। आरोप है कि सर्वे के दौरान लेकर ने गड़बड़ी की है। बुधवार को लेखपाल की गड़बड़ी से नाराज ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
ज्ञापन में बर्बाद फसल की दुबारा सर्वे करने की मांग की गई है। प्रदर्शन करने वालों में जमुना प्रसाद, गोकरन, रूपलाल, राममूर्ति, लक्ष्मन प्रसाद, लेखराज, हीरालाल, रामचरन, गयादीन, श्यामाचरन आदि लोग शामिल रहे।