{"_id":"699ca39c27dcb66a49002396","slug":"the-district-hospital-building-is-dilapidatedpatients-are-treated-under-the-shadow-of-fear-pilibhit-news-c-121-1-pbt1010-154344-2026-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: जिला अस्पताल का भवन जर्जर...डर के साए में मरीजों का इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: जिला अस्पताल का भवन जर्जर...डर के साए में मरीजों का इलाज
विज्ञापन
जिला अस्पताल के पहले मंजिल पर स्लिप पर दरारें। संवाद
- फोटो : 1
झड़ रहा प्लास्टर तो कहीं पड़ीं दरारें, मरीज व उनके परिजन चिंतित, जल्द पुन: निर्माण का दावा, आवासों की भी स्थिति खराब
पीलीभीत। जिला अस्पताल इन दिनों खुद बीमार नजर आ रहा है। वर्षों पुराने भवन की छतों से झड़ता प्लास्टर, दीवारों में पड़ीं दरारें नियमित परामर्श के लिए आ रहे मरीजों व तीमारदारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। वहीं, चिकित्सकों के परामर्श कक्ष में दीवारों पर जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं। इलाज की उम्मीद लेकर आए मरीजों को असुविधा व खतरा भी महसूस होता है। इसके बावजूद मरम्मत व पुनर्निर्माण को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
जिला अस्पताल के मुख्य भवन सहित वार्डों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। जिला अस्पताल के पहले मंजिल की दीवारों से प्लास्टर गिरने के बाद अब अंदर से सरिए दिखाई देने लगी है। बरामदे की दीवारों का पेंट खराब होने के बाद दीवारों से प्लास्टर दिखने लगा है। अस्पताल के पहली मंजिल से रैंप के रास्ते ऊपर आने-जाने वाले मरीजों के ऊपर ही बनी स्लिप जर्जर होने के चलते खतरे का निशान भी बनी हुई है। आए दिन मरीज स्लिप के नीचे ही बैठे दिखाई देते हैं। अस्पताल के सर्जरी वार्ड में भर्ती बैठे के पीछे दीवारों पर पेंट छुट चुका है, जबकि दीवारों पर दरारें दिख रही हैं। अस्पताल की दीवारें खराब नहीं लगे। इसलिए जगह-जगह प्लास्टर से दाग छुपाए गए हैं। संवाद
--
जर्जर मकानों में रह रहे चिकित्सक
जिला अस्पताल परिसर में लंबे समय से मकान अब जर्जर हो चुके हैं। दीवार ढहने की स्थिति में है, लेकिन अस्पताल परिसर में काम करने वाले चिकित्सक व कर्मचारियों के लिए कोई विकल्प ही नहीं है। मजबूरी में चिकित्सक व कर्मचारियों को इन्हीं जर्जर मकानों में रहकर जीवनव्यापन करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
--
जिला अस्पताल के पुन: निर्माण को लेकर मेडिकल कॉलेज से प्रस्ताव बनाकर गया है। बजट आते ही पुन: निर्माण कार्य शुरू जाएगा। - डॉ. रमाकांत सागर, अधीक्षक, जिला अस्पताल
विज्ञापन
पीलीभीत। जिला अस्पताल इन दिनों खुद बीमार नजर आ रहा है। वर्षों पुराने भवन की छतों से झड़ता प्लास्टर, दीवारों में पड़ीं दरारें नियमित परामर्श के लिए आ रहे मरीजों व तीमारदारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। वहीं, चिकित्सकों के परामर्श कक्ष में दीवारों पर जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं। इलाज की उम्मीद लेकर आए मरीजों को असुविधा व खतरा भी महसूस होता है। इसके बावजूद मरम्मत व पुनर्निर्माण को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
जिला अस्पताल के मुख्य भवन सहित वार्डों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। जिला अस्पताल के पहले मंजिल की दीवारों से प्लास्टर गिरने के बाद अब अंदर से सरिए दिखाई देने लगी है। बरामदे की दीवारों का पेंट खराब होने के बाद दीवारों से प्लास्टर दिखने लगा है। अस्पताल के पहली मंजिल से रैंप के रास्ते ऊपर आने-जाने वाले मरीजों के ऊपर ही बनी स्लिप जर्जर होने के चलते खतरे का निशान भी बनी हुई है। आए दिन मरीज स्लिप के नीचे ही बैठे दिखाई देते हैं। अस्पताल के सर्जरी वार्ड में भर्ती बैठे के पीछे दीवारों पर पेंट छुट चुका है, जबकि दीवारों पर दरारें दिख रही हैं। अस्पताल की दीवारें खराब नहीं लगे। इसलिए जगह-जगह प्लास्टर से दाग छुपाए गए हैं। संवाद
विज्ञापन
जर्जर मकानों में रह रहे चिकित्सक
जिला अस्पताल परिसर में लंबे समय से मकान अब जर्जर हो चुके हैं। दीवार ढहने की स्थिति में है, लेकिन अस्पताल परिसर में काम करने वाले चिकित्सक व कर्मचारियों के लिए कोई विकल्प ही नहीं है। मजबूरी में चिकित्सक व कर्मचारियों को इन्हीं जर्जर मकानों में रहकर जीवनव्यापन करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के पुन: निर्माण को लेकर मेडिकल कॉलेज से प्रस्ताव बनाकर गया है। बजट आते ही पुन: निर्माण कार्य शुरू जाएगा। - डॉ. रमाकांत सागर, अधीक्षक, जिला अस्पताल

जिला अस्पताल के पहले मंजिल पर स्लिप पर दरारें। संवाद- फोटो : 1