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Pilibhit News: मुसीबत बनी कटी सड़क, जिम्मेदार बेपरवाह
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नबाबगंज बरखेड़ा राजमार्ग पर क्षतिग्रस्त सड़क पर नही लगा संकेतक।संवाद
बरखेड़ा। बाढ़ केे पानी में कटे बरखेड़ा-नवाबगंज मार्ग की विभाग ने अब तक मरम्मत नहीं कराई है। करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी में कटे इस मार्ग पर सुरक्षा संकेतक और सूचना बोर्ड तक नहीं लगाए गए हैं। जगह-जगह मिट्टी के छोटे-छोटे ढेर लगाकर सुरक्षा इंतजाम के नाम पर खानापूरी की गई है।
बरखेड़ा-नवाबगंज मार्ग को बरेली जाने वाले लोग शार्टकट के तौर पर प्रयोग करते हैं। बरखेड़ा, दियोरिया, मधवापुर, गजरौला आदि क्षेत्रों के लोग इस सड़क से आवागमन करते हैं।
इस मार्ग से बरेली जाने पर करीब 30 से 35 किमी की बचत होती है। जुलाई-अगस्त में आई बाढ़ में देवहा नदी और गाजीपुर कुंडा के बीच करीब 1500 मीटर लंबी सड़क एक किनारे से कट गई। इतनी दूरी पर इस सड़क पर केवल एक तरफ का रास्ता अब भी चल रहा है।
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सड़क कटने से खाईनुमा गड्ढा हो गया है। जरा सा चूकने पर वाहन चालक हादसे का शिकार हो सकते हैं। रात के समय आवागमन में सबसे ज्यादा खतरा रहता है। कुछ लोग चोटिल भी हो चुके हैं।
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सुरक्षा इंतजाम के नाम पर डाली सिर्फ मिट्टी
डेढ़ किलोमीटर लंबी कटी हुई सड़क हादसे को दावत दे रही है। वाहन चालक आए दिन चोटिल भी हो रहे हैं। बावजूद इसके लोक निर्माण विभाग ने अब तक सड़क की मरम्मत शुरू नहीं कराई है। सुरक्षा संकेतक और सूचना बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। सड़क के कटे किनारों के पास जगह-जगह मिट्टी के छोटे-छोटे ढेर लगाकर काम चलाया गया है। और तो और कई स्थानों पर मिट्टी के ढेर भी नदारद हैं।
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लोक निर्माण के अधिकारियों से इस मामले में बात की जाएगी। सड़क की मरम्मत और सुरक्षा संकेतक आदि कार्य कराए जाएंगे।
- नागेंद्र पांडेय, एसडीएम बीसलपुर
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बरखेड़ा-नवाबगंज मार्ग को बरेली जाने वाले लोग शार्टकट के तौर पर प्रयोग करते हैं। बरखेड़ा, दियोरिया, मधवापुर, गजरौला आदि क्षेत्रों के लोग इस सड़क से आवागमन करते हैं।
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इस मार्ग से बरेली जाने पर करीब 30 से 35 किमी की बचत होती है। जुलाई-अगस्त में आई बाढ़ में देवहा नदी और गाजीपुर कुंडा के बीच करीब 1500 मीटर लंबी सड़क एक किनारे से कट गई। इतनी दूरी पर इस सड़क पर केवल एक तरफ का रास्ता अब भी चल रहा है।
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सड़क कटने से खाईनुमा गड्ढा हो गया है। जरा सा चूकने पर वाहन चालक हादसे का शिकार हो सकते हैं। रात के समय आवागमन में सबसे ज्यादा खतरा रहता है। कुछ लोग चोटिल भी हो चुके हैं।
सुरक्षा इंतजाम के नाम पर डाली सिर्फ मिट्टी
डेढ़ किलोमीटर लंबी कटी हुई सड़क हादसे को दावत दे रही है। वाहन चालक आए दिन चोटिल भी हो रहे हैं। बावजूद इसके लोक निर्माण विभाग ने अब तक सड़क की मरम्मत शुरू नहीं कराई है। सुरक्षा संकेतक और सूचना बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। सड़क के कटे किनारों के पास जगह-जगह मिट्टी के छोटे-छोटे ढेर लगाकर काम चलाया गया है। और तो और कई स्थानों पर मिट्टी के ढेर भी नदारद हैं।
लोक निर्माण के अधिकारियों से इस मामले में बात की जाएगी। सड़क की मरम्मत और सुरक्षा संकेतक आदि कार्य कराए जाएंगे।
- नागेंद्र पांडेय, एसडीएम बीसलपुर

नबाबगंज बरखेड़ा राजमार्ग पर क्षतिग्रस्त सड़क पर नही लगा संकेतक।संवाद