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Pilibhit News: सीएम की दिलचस्पी से पीलीभीत के पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद
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वन कटी रोड पर बना टाईगर रिजर्व का गेंट । फाइल फोटो
कलीनगर। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के दौरे के बाद से ही सीएम योगी आदित्यनाथ पर्यटन के लिहाज से पीलीभीत को और विकसित करने पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने यहां चूका में हेलिकाप्टर सेवा शुरू करने के निर्देश भी दिए थे। सोमवार को प्रदेश सरकार का बजट आना है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि पीलीभीत के पर्यटन को लेकर कई अहम घोषणाएं हो सकती हैं।
वर्ष 2014 में पीटीआर का दर्जा मिलने के बाद पीलीभीत के जंगल को नई पहचान मिली। चूका बीच पर्यटन का प्रमुख केंद्र बिंदु बना। बाघों की संख्या बढ़ने से सैलानियों की पीटीआर की ओर दिलचस्पी अधिक बढ़ी। छह अक्तूबर को सीएम योगी आदित्यनाथ वन्यजीव सप्ताह के तहत कार्यक्रम का समापन करने के लिए पीटीआर के मुस्तफाबाद पहुंचे थे। इस दौरान चूका बीच की खूबसूरती को देख वह काफी प्रभावित हुए।
सीएम ने यहां पर्यटन को विस्तार देने पर बल दिया था। उन्होंने सैलानियों की सुविधा के लिए जंगल और उससे सटे इलाके में होम स्टे विकसित करने की बात कही थी। इसके साथ ही पीटीआर और दुधवा में हेलिकाप्टर सेवा शुरू करने के निर्देश दिए थे। सोमवार को प्रदेश सरकार का बजट आ रहा है। ऐसे में क्षेत्रीय लोगों की उम्मीदें बढ़ गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि सीएम की रूचि के चलते पर्यटन के लिहाज से पीलीभीत के लिए कई अहम घोषणाएं हो सकती है।
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बराही रेंज में पर्यटन विकसित करने की अपार संभावनाएं
चूका बीच की तर्ज पर पीटीआर की बराही रेंज में भी पर्यटन विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। जंगल में ग्रासलैंड के अलावा कोर और बफर जोन का क्षेत्र भी पर्याप्त है। पूर्व में वन संरक्षक रहे वीके गुप्ता ने बराही रेंज में पर्यटन विकसित करने के प्रयास शुरू किए थे। पत्राचार भी हुए, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया।
डैम के बाहरी क्षेत्र की खूबसूरती को भी लग सकते हैं चारचांद
शारदा डैम का नजारा भी सैलानियों को काफी पसंद आता है। सालभर सैलानियों की आमद होती है। एक ओर डैम में हिलोरे लेता पानी, दूसरी ओर जंगल और तलहटी में बसी छोटी-छोटी कॉलोनी सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहती है। पूर्व में पर्यटन विकसित करने पर जोर दिया गया, लेकिन अमल नहीं हो सका। ऐसे में डैम क्षेत्र को भी पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की बजट से उम्मीद लगाई जा रही है।
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वर्ष 2014 में पीटीआर का दर्जा मिलने के बाद पीलीभीत के जंगल को नई पहचान मिली। चूका बीच पर्यटन का प्रमुख केंद्र बिंदु बना। बाघों की संख्या बढ़ने से सैलानियों की पीटीआर की ओर दिलचस्पी अधिक बढ़ी। छह अक्तूबर को सीएम योगी आदित्यनाथ वन्यजीव सप्ताह के तहत कार्यक्रम का समापन करने के लिए पीटीआर के मुस्तफाबाद पहुंचे थे। इस दौरान चूका बीच की खूबसूरती को देख वह काफी प्रभावित हुए।
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सीएम ने यहां पर्यटन को विस्तार देने पर बल दिया था। उन्होंने सैलानियों की सुविधा के लिए जंगल और उससे सटे इलाके में होम स्टे विकसित करने की बात कही थी। इसके साथ ही पीटीआर और दुधवा में हेलिकाप्टर सेवा शुरू करने के निर्देश दिए थे। सोमवार को प्रदेश सरकार का बजट आ रहा है। ऐसे में क्षेत्रीय लोगों की उम्मीदें बढ़ गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि सीएम की रूचि के चलते पर्यटन के लिहाज से पीलीभीत के लिए कई अहम घोषणाएं हो सकती है।
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बराही रेंज में पर्यटन विकसित करने की अपार संभावनाएं
चूका बीच की तर्ज पर पीटीआर की बराही रेंज में भी पर्यटन विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। जंगल में ग्रासलैंड के अलावा कोर और बफर जोन का क्षेत्र भी पर्याप्त है। पूर्व में वन संरक्षक रहे वीके गुप्ता ने बराही रेंज में पर्यटन विकसित करने के प्रयास शुरू किए थे। पत्राचार भी हुए, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया।
डैम के बाहरी क्षेत्र की खूबसूरती को भी लग सकते हैं चारचांद
शारदा डैम का नजारा भी सैलानियों को काफी पसंद आता है। सालभर सैलानियों की आमद होती है। एक ओर डैम में हिलोरे लेता पानी, दूसरी ओर जंगल और तलहटी में बसी छोटी-छोटी कॉलोनी सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहती है। पूर्व में पर्यटन विकसित करने पर जोर दिया गया, लेकिन अमल नहीं हो सका। ऐसे में डैम क्षेत्र को भी पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की बजट से उम्मीद लगाई जा रही है।