फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   The beach has started to look beautiful, tigers will become the first choice of tourists

Pilibhit News: संवरने लगा चूका बीच, सैलानियों की पहली पसंद बनेंगे बाघ

Fri, 25 Oct 2024 02:33 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 25 Oct 2024 02:33 AM IST
विज्ञापन
The beach has started to look beautiful, tigers will become the first choice of tourists
चूका बीच में बनी वाटर हट। फाइल फोटो
पीलीभीत। हरे-भरे जंगल और शारदा डैम के किनारे स्थित चूका बीच और बाघों के कारण पहचान बनाने वाला पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) सजने-संवरने लगा है। नया पर्यटन सत्र शुरू होने में अभी 13 दिन शेष हैं ऐसे में तैयारी तेज कर दी गईं हैं। इस बार भी बाघ का दीदार सैलानियों की पहली पसंद रहेगा।
विज्ञापन


पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज में स्थित चूका बीच सैलानियों को मिनी गोवा का एहसास कराता है। जंगल में बाघों की बेहतर संख्या और दीदार होने से पर्यटन ने इसको नई पहचान दिलाई है। छह माह तक चलने वाले पर्यटन सत्र के दौरान हजारों सैलानी यहां आकर प्राकृतिक सुंदरता को करीब से निहारते हैं।
विज्ञापन

इसके अलावा जंगल सफारी के दौरान कभी पेड़ की टहनियों से खेलते तो कभी तैरकर नहर को पार करते बाघों के दीदार ने सैलानियों को यहां बार-बार आने पर मजबूर किया है। इसके परिणाम भी सामने आए हैं। पिछले सत्र में ही सैलानियों की संख्या दोगुना होकर 53 हजार के पार पहुंच गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस बार पर्यटन सत्र की शुरुआत छह नवंबर से हो रही है। इसको लेकर चूका बीच में मरम्मत व रंगाई-पुताई कर हटों को नया रूप दिया जा रहा है। जंगल सफारी के मार्गों को भी दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सत्र के दौरान सैलानी यूपी पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर बुकिंग कराने के बाद चूका बीच की हटों में ठहरते हैं। इस बार मुस्तफाबाद में बनाई गई कैंटीन भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।

--
बार-बार सफारी का आनंद लेते हैं सैलानी
पर्यटन सत्र के दौरान वैसे तो पीटीआर के कई स्थान देखने लायक है, लेकिन सैलानियों की पहली पसंद बाघ के दीदार रहते हैं। जिसके चलते सैलानी कई दिनों तक यहां रुककर बार-बार सफारी का आनंद लेते हैं। उन्हें बाघ के दीदार भी होते हैं। सत्र के दौरान जंगल में विचरण करने वाले कुछ बाघ खास बने रहते हैं। जिनका सैलानियों ने नामकरण भी किया है। इसमें सुल्तान बाघ का परिवार और त्रिशूल बाघ शामिल हैं।

--
जंगल सफारी के वाहन बढ़ने की उम्मीद
पर्यटन सत्र के दौरान निजी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहता है। जिप्सी वाहनों से सैलानियों को जंगल घुमाया जाता है। सैलानियों को जानकारी देने के लिए जंगल से सटे इलाकों के युवाओं को गाइडों की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। वहीं जिले के कई लोगों ने जिप्सी वाहनों को खरीदकर पर्यटन में लगाया है। जिससे वे रोजगार से जुड़ गए हैं। बीते सत्र में जहां 50 जिप्सी वाहन थे, इस सत्र में संख्या इनके 80 तक पहुंचने की उम्मीद है।

--
विदेशी सैलानियों की संख्या भी बढ़ी
पीटीआर देश ही नहीं विदेशों के सैलानियों को भी आकर्षित करने लगा है। जिसके चलते हर साल पर्यटन सत्र में विदेशी सैलानियों की संख्या बढ़ने लगी है। पिछले सत्र में यहां 189 विदेशी सैलानी पहुंचे थे। जो उससे पहले के सत्र से तीन गुना अधिक थे। इसमें जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका के सैलानी शामिल थे।

--
ऐसे पहुंच सकते हैं चूका बीच
पीलीभीत पहुंचने के बाद सैलानियों को गौहनिया चौराहे पर पहुंचना पड़ेगा। इसके बाद माधोटांडा मार्ग पर 30 किलोमीटर की दूरी तय कर कलीनगर के हरदोई ब्रांच नहर के पुल से सटे नहर मार्ग पर एक किलोमीटर चलकर खटीमा मार्ग पर जाना पड़ेगा। यहां से सात किलोमीटर की दूरी तय कर सैलानी मुस्तफाबाद पहुंचेंगे। जंगल सफारी वाहन को बुक करने के बाद वे पर्यटन स्थल का भ्रमण कर सकेंगे।

--
यह हैं जंगल सफारी का खर्च
पीटीआर घूमने आने वाले सैलानियों के लिए शहर के नेहरू पार्क और मुस्तफाबाद गेस्टहाउस से जंगल सफारी वाहनों की व्यवस्था रहती है। इसके लिए शहर के नेहरू पार्क से सफारी वाहन बुक करने के लिए पांच हजार रुपये अदा करने पड़ते हैं। वहीं प्रति व्यक्ति यह शुल्क 1000 रुपये है। जबकि पीटीआर के मुस्तफाबाद गेस्टहाउस से सफारी वाहन बुकिंग करने पर चार हजार रुपये अदा करने पड़ते हैं। प्रति व्यक्ति 800 रुपये शुल्क है। सफारी बुकिंग के दौरान 100 रुपये का सेवा शुल्क भी सैलानियों को देना पड़ता है। जंगल की सैर करने के लिए दिन में दो समय निर्धारित किए गए हैं। जिसमें सुबह छह से नौ बजे और शाम को तीन से छह बजे निर्धारित हैं।


--
पर्यटन सत्र को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। व्यवस्थाओं को सुधारने का कार्य तेज है। चूका बीच में भी मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। सैलानियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए कार्य कराए जा रहे हैं।
- मनीष सिंह, डीएफओ

चूका बीच में बनी वाटर हट। फाइल फोटो

चूका बीच में बनी वाटर हट। फाइल फोटो

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed