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अगस्त माह में 21 सौ लोगों को कुत्तों ने काटकर पहुंचाया अस्पताल
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पीलीभीत। घनी आबादी के बीच आवारा कुत्तों के हमले अचानक बढ़ गए हैं। शहर से देहात तक लोग इनसे परेशान हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में जिले में 21 सौ लोगों को कुत्तों ने काटा है। इनमें 1427 लोगों ने जिला अस्पताल आकर एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाई है।
अगस्त माह में अचानक कुत्तों के हमले बढ़ गए। इनके हमलों का शिकार हुए 21 सौ लोगों में हर आयु वर्ग के लोग शामिल हैं। चिकित्सक भी इस संख्या को देखकर हैरान हैं। कुत्तों के हमलों को देेखते हुए सभी सीएचसी पर एआरवी रखवा दी गई है ताकि लोगों को भटकना न पड़े। अगस्त माह में जिले की सभी नौ सीएचसी में कुत्ता काटे के शिकार 700 लोग आए। इन्हें वहीं एआरवी लगाई गई। हालांकि पीएचसी स्तर पर वैक्सीन की उपलब्धता ठीक नहीं है। कुछ पीएचसी पर टीके न होने से लोग जिला अस्पताल या सीएचसी पहुंच रहे हैं।
देशनगर और चिड़ियादाह से रोज आ रहे लोग
जिला अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में शहर में अकेले देशनगर मोहल्ले से 30 लोग एआरवी लगवाने आ चुके हैं। कुछ ऐसा ही हाल चिड़ियादाह गांव का है। यहां से भी रोज एक-दो लोग जिला अस्पताल में एआरवी लगवाने पहुंच रहे हैं।
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कुत्ते पकड़ने के कोई इंतजाम नहीं
जिले में आवारा कुत्तों को पकड़ने के कोई इंतजाम नहीं है। शहर में नगर पालिका ने आवारा कुत्तों को पकड़ने का कोई ठेका नहीं दिया। यही कारण है कि इन पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा पंचायत विभाग का भी यही हाल है।
अगस्त माह में एआरवी लगवाने वालों की संख्या बढ़ी है। इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उलपब्ध है। - डॉ बीएस यादव, सीएमएस, जिला अस्पताल
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अगस्त माह में अचानक कुत्तों के हमले बढ़ गए। इनके हमलों का शिकार हुए 21 सौ लोगों में हर आयु वर्ग के लोग शामिल हैं। चिकित्सक भी इस संख्या को देखकर हैरान हैं। कुत्तों के हमलों को देेखते हुए सभी सीएचसी पर एआरवी रखवा दी गई है ताकि लोगों को भटकना न पड़े। अगस्त माह में जिले की सभी नौ सीएचसी में कुत्ता काटे के शिकार 700 लोग आए। इन्हें वहीं एआरवी लगाई गई। हालांकि पीएचसी स्तर पर वैक्सीन की उपलब्धता ठीक नहीं है। कुछ पीएचसी पर टीके न होने से लोग जिला अस्पताल या सीएचसी पहुंच रहे हैं।
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देशनगर और चिड़ियादाह से रोज आ रहे लोग
जिला अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में शहर में अकेले देशनगर मोहल्ले से 30 लोग एआरवी लगवाने आ चुके हैं। कुछ ऐसा ही हाल चिड़ियादाह गांव का है। यहां से भी रोज एक-दो लोग जिला अस्पताल में एआरवी लगवाने पहुंच रहे हैं।
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कुत्ते पकड़ने के कोई इंतजाम नहीं
जिले में आवारा कुत्तों को पकड़ने के कोई इंतजाम नहीं है। शहर में नगर पालिका ने आवारा कुत्तों को पकड़ने का कोई ठेका नहीं दिया। यही कारण है कि इन पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा पंचायत विभाग का भी यही हाल है।
अगस्त माह में एआरवी लगवाने वालों की संख्या बढ़ी है। इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उलपब्ध है। - डॉ बीएस यादव, सीएमएस, जिला अस्पताल