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भारत-नेपाल सीमा पर तनाव भड़काने के पीछे तस्करों की भूमिका

Thu, 08 Oct 2020 01:02 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2020 01:02 AM IST
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Tension in Indo nepal border
माधोटांडा। भारत नेपाल सीमा के पिलर नंबर 18 पर एसएसबी और नेपाली नागरिकों के बीच छह अक्टूबर को हुआ विवाद भले ही नोमेंस लैंड एरिया में जलभराव को लेकर था, मगर इस विवाद को भड़काने में तस्करों की अहम भूमिका है। एसएसबी ने नो मेंस लैंड एरिया में नेपाली पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पानी भर दिया था। एसएसबी के इस कदम से तस्कर बौखला गए। तस्करों ने नेपाली नागरिकों को नो मेंस लैंड एरिया में पानी भरने की आड़ में भड़का दिया। उसी वजह से भारत-नेपाल सीमा पर तनाव हो गया। हालांकि एसएसबी ने शांति और धैर्य से संवाद स्थापित कर वहां शांति कायम करा दी है।
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भारत-नेपाल सीमा पर नो मेंस लैंड एरिया के इस इलाके में सर्वाधिक तस्करी होती है। इसके चलते दो साल पहले एसएसबी ने नेपाल जाने वाले सभी कच्चे मार्गों को बंद कर दिया था। अब जो रास्तें बचे हैं, वहां पर एसएसबी की कड़ी चौकसी रहती है। वहीं, इन दिनों भारत-नेपाल के बीच संबंध भी उतने मधुर नहीं हैं, जितने कि कुछ साल पहले थे। नो मेंस लैंड एरिया में पानी भरा होने से भारत में नेपाली सामान की तस्करी आसानी से नहीं हो पाती। नेपाल सीमा स्थित ग्रामीण सूत्रों के अनुसार इस वजह से नेपाल के बड़े तस्कर एसएसबी की चौकसी से बौखला हुए हैं। वह भारत-नेपाल के खराब राजनीतिक संबंधों का फायदा उठाने की कोशिश में नेपाली नागरिकों को आगे करके एसएसबी से जानबूझकर विवाद उत्पन्न कराने की कोशिश में रहते हैं। यह विवाद भी उन तस्करों का ही भड़काया हुआ था, जो अपना धंधा न चलने से निराश और हताश हैं।
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पीलीभीत में 53 किलोमीटर लंबी है भारत-नेपाल सीमा
पीलीभीत एरिया में भारत-नेपाल सीमा 53 किलोमीटर लंबी है। नेपाल और भारत के बीच की जमीन का एरिया दोनों देशों के बीच नोमेंस लैंड माना जाता है। पिलर नंबर 18 की सीमा पर गश्त की जिम्मेदारी नौजल्हा बीओपी चौकी की एसएसबी के जिम्मे है। माधोटांडा क्षेत्र के गांव सुंदर नगर और बंदरभोज की सीमा भी नेपाल से सटी है। इस इलाके में नोमेंस लैंड क्षेत्र में बने कई कच्चे रास्तों से नेपाल से तस्करी का सामान भारत आता है। भारत से तस्करी करके खाने-पीने का सामान नेपाल ले जाया जाता है। एसएसबी आए दिन तस्करों को पकड़ती भी है। दो वर्ष पूर्व इस इलाके में जब तस्करी की घटनाएं अधिक बढ़ने लगी तो एसएसबी ने नौमेंस लैंड के निकट भारतीय क्षेत्र के कच्चे रास्तों को बंद कर दिया। एसएसबी के इस कदम से नेपाल के तस्करों को भारी धक्का लगा। तस्करों ने जंगलों में कुछ बचे हुए रास्तों से सामान की तस्करी जारी रखी। मगर, कुछ दिनों से एसएसबी ने यहां भी तस्करों की घेराबंदी कर सामान पकड़ा।
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पिकअप के नेपाल जाने के बाद भरा पानी
खटीमा से दो पिकअप के नेपाल क्षेत्र में जाने की सूचना जब मिली तो एसएसबी ने भारत-नेपाल सीमा पर तस्करों की घेराबंदी तेजी से शुरू कर दी। पिलर नंबर 18 पर तस्करी के सामान से भरी एक पिकअप को एसएसबी ने बीते दिनों पकड़ लिया। उसमें कई भारतीय तस्कर पकड़े गए। इधर, एसएसबी ने भी नेपाली सामान की तस्करी रोकने के लिए नो मेंस लैंड एरिया में पानी भर दिया। अब वहां पर न तो भारत-नेपाल के बीच बड़े वाहनों का चोरी छुपे आवागमन हो सकता है, न ही आसानी से साइकिल या बाइक से तस्करी की जा सकती है। तस्करी वाले रास्ते पर जलभराव होने से नेपाली तस्करों ने षड्यंत्र करके वहां के नागरिकों को लड़ने झगड़ने के लिए एसएसबी के आगे कर दिया और दोनों देेशों के बीच विवाद जानबूझकर बढ़ना चाहा। हालांकि एसएसबी और नेपाल पुलिस जब आमने-सामने हुई तो बातचीत से मामला शांत हो गया। माधोटांडा का गांव सुंदरनगर, बंदरभोज, नौजल्हा तस्करी का गढ़ माना जाता है। यहां बड़े वाहनों से खाद, सीमेंट, चाइनीज मटर, डीजल, अनाज आदि की तस्करी नेपाल तक होती है। सौंदर्य प्रसाधन का सामान नेपाल से भारत भेजा जाता है क्योंकि वह भारतीय सामान से सस्ता होता है।
एसएसबी और पुलिस ने बढ़ाई गश्त
नोमेंस लैंड पर नेपाली नागरिकों द्वारा हंगामे को देखते हुए एसएसबी और थाना पुलिस सतर्क हो गई है। नोमेंस लैंड एरिया में गश्त बढ़ा दी गई है। एसएसबी जवान गांवों पर नजर रखे हुए हैं।

नो मेंस लैंड पर किसी तरह का अब कोई विवाद नहीं है। तस्करी के चलते सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। - उज्जवल सिंह इंस्पेक्टर, नौजल्हा सीमा चेक पोस्ट एसएसबी
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