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समायोजित 1664 शिक्षकों की भी बेचैनी बढ़ी
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Tue, 07 Jul 2015 11:51 PM IST
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अब तक 1854 शिक्षामित्र हुए भर्ती
जिले में जिला प्राथमिक शिक्षक कार्यक्रम के तहत वर्ष 2001 में बतौर संविदा शिक्षामित्रों की तैनाती की गई थी। वर्ष 2001-02 में सर्व शिक्षा अभियान शुरू होने के बाद इन शिक्षामित्रों को इससे सम्बद्ध कर दिया गया। वर्ष 2009 में नगरक्षेत्र में शिक्षामित्रों की भर्ती की गई थी। अब तक जिले में कुल 1854 शिक्षामित्रों की भर्ती की गई थी।
1664 शिक्षामित्र हो चुके हैं समायोजित
जिले में समायोजन प्रक्रिया के तहत अब तक दो चरणों में 1664 शिक्षामित्र सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किए जा चुके हैं। इसमें गत वर्ष अगस्त में प्रथम बैच के 550 व इस वर्ष जनवरी से शुरू हुए द्वितीय चरण में 1094 शिक्षामित्रों का समायोजन कर सहायक अध्यापक पर तैनाती दी जा चुकी है। सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद इन समायोजित शिक्षकों में खलबली मची हुई है।
204 शिक्षामित्र अधर में फंसे
बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके प्रथम और द्वितीय बैच के शिक्षामित्र तो शिक्षक बन गए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद तृतीय बैच के प्रशिक्षण प्राप्त 204 शिक्षामित्रों की पक्की नौकरी पाने की संभावनाओं पर ग्रहण लग गया है। चार सेमेस्टर में होने वाले प्रशिक्षण में तीसरे बैच के शिक्षामित्र दो सेमेस्टर पास कर चुके हैं।
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अध्यापक पात्रता परीक्षा का शासनादेश शिक्षामित्रों की नियुक्ति होने के बाद जारी किया था। समायोजन प्रक्रिया उचित है। फिलहाल इसके लिए संघर्ष जारी रखा जाएगा। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी जाएगी।
महेंद्रपाल वर्मा, जिलाध्यक्ष, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन
शिक्षामित्रों की तैनाती वर्ष 2001 से 2009 के बीच हुई है, जबकि टीईटी संबंधी शासनादेश एक वर्ष बाद जारी किया गया है। ऐसे में इन सभी शिक्षामित्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए।
राम सिंह राठौर, जिलाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षामित्र शिक्षक संघ
- वर्ष 2001 में इंटरमीडिएट शिक्षामित्र संविदा पर नियुक्त
- 2009 में नगरीय क्षेत्रों में की गई नियुक्तियां
- कुल 1854 शिक्षामित्रों की दी गई नियुक्तियां
- 1664 शिक्षामित्र हो चुके हैं समायोजित
- 204 शिक्षामित्र कर रहैं प्रशिक्षण प्राप्त
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जिले में जिला प्राथमिक शिक्षक कार्यक्रम के तहत वर्ष 2001 में बतौर संविदा शिक्षामित्रों की तैनाती की गई थी। वर्ष 2001-02 में सर्व शिक्षा अभियान शुरू होने के बाद इन शिक्षामित्रों को इससे सम्बद्ध कर दिया गया। वर्ष 2009 में नगरक्षेत्र में शिक्षामित्रों की भर्ती की गई थी। अब तक जिले में कुल 1854 शिक्षामित्रों की भर्ती की गई थी।
1664 शिक्षामित्र हो चुके हैं समायोजित
जिले में समायोजन प्रक्रिया के तहत अब तक दो चरणों में 1664 शिक्षामित्र सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किए जा चुके हैं। इसमें गत वर्ष अगस्त में प्रथम बैच के 550 व इस वर्ष जनवरी से शुरू हुए द्वितीय चरण में 1094 शिक्षामित्रों का समायोजन कर सहायक अध्यापक पर तैनाती दी जा चुकी है। सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद इन समायोजित शिक्षकों में खलबली मची हुई है।
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204 शिक्षामित्र अधर में फंसे
बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके प्रथम और द्वितीय बैच के शिक्षामित्र तो शिक्षक बन गए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद तृतीय बैच के प्रशिक्षण प्राप्त 204 शिक्षामित्रों की पक्की नौकरी पाने की संभावनाओं पर ग्रहण लग गया है। चार सेमेस्टर में होने वाले प्रशिक्षण में तीसरे बैच के शिक्षामित्र दो सेमेस्टर पास कर चुके हैं।
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अध्यापक पात्रता परीक्षा का शासनादेश शिक्षामित्रों की नियुक्ति होने के बाद जारी किया था। समायोजन प्रक्रिया उचित है। फिलहाल इसके लिए संघर्ष जारी रखा जाएगा। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी जाएगी।
महेंद्रपाल वर्मा, जिलाध्यक्ष, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन
शिक्षामित्रों की तैनाती वर्ष 2001 से 2009 के बीच हुई है, जबकि टीईटी संबंधी शासनादेश एक वर्ष बाद जारी किया गया है। ऐसे में इन सभी शिक्षामित्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए।
राम सिंह राठौर, जिलाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षामित्र शिक्षक संघ
- वर्ष 2001 में इंटरमीडिएट शिक्षामित्र संविदा पर नियुक्त
- 2009 में नगरीय क्षेत्रों में की गई नियुक्तियां
- कुल 1854 शिक्षामित्रों की दी गई नियुक्तियां
- 1664 शिक्षामित्र हो चुके हैं समायोजित
- 204 शिक्षामित्र कर रहैं प्रशिक्षण प्राप्त