फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   suspicious police investigation

दो गोमांस तस्करों को बिलसंडा पुलिस ने विवेचना में दे दी क्लीनचिट

Fri, 16 Oct 2020 12:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2020 12:36 AM IST
विज्ञापन
suspicious police investigation
पीलीभीत/बिलसंडा। पुलिस के संरक्षण में गो तस्करी का खेल किसी तरह फल-फूल रहा है, इसकी बानगी बिलसंडा में देखी जा सकती है। यहां लंबे समय से इलाके के अलावा शाहजहांपुर के भी गोतस्कर सक्रिय हैं। गो तस्करी के एक मामले में आरोपी बनाए दो लोगों ने पुलिस ने विवेचना में क्लीन चिट दे है। पुलि ने इन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज करने में भी आनाकानी की थी। विरोध-प्रदर्शन के बाद रिपोर्ट दर्ज हुई थी। विवेचक के तबादले के बाद इस बात का खुलासा हुआ तो थाने में खलबली मच गई। फिलहाल मामले की विस्तृत रिपोर्ट एसपी ने मांगी है।
विज्ञापन

19 मई 2020 को शाहजहांपुर की सीमा से सटे बिलसंडा थाना क्षेत्र के हर्रई गांव में गो तस्करों ने कुछ गोवंशीय पशुओं की हत्या करने के बाद उनके अवशेष खेत में दफन कर दिए थे। 20 मई को जब मामले की छानबीन की गई तो गांव के चौकीदार इस्लाम नबी, इल्यास और शकील का नाम गोतस्करी में सामने आया था। उस वक्त एक स्थानीय संगठन के पदाधिकारी की तहरीर पर तीनों आरोपी के अलावा दो अज्ञात के नाम से एफआईआर दर्ज कराई गई। गोतस्करी के इस प्रकरण की विवेचना उस समय बिलसंडा में तैनात दरोगा आरके लहरी को दी गई थी। विवेचक दरोगा आरके लहरी ने 21 मई को चौकीदार इस्लाम नबी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर नौगवां अंबर गांव निवासी बन्ने खां और मिसरू खां को भी पकड़ा। पुलिस ने तीनों गोमांस तस्करों का चालान कर उन्हें जेल भेज दिया। लेकिन नामजद गोमांस तस्कर इल्यास और शकील उस समय तक फरार चल रहे थे। तभी नौ अक्टूबर को विवेचक दरोगा आरके लहरी का तबादला थाना जहानाबाद हो गया। 10 अक्टूबर को विवेचक ने गोमांस तस्करों से सौदेबाजी करके विवेचना में उन्हें क्लीनचिट दे दी। तबादले के बाद विवेचक ने तुरंत ही थाने से अपनी रवानगी करा ली। दरोगा आरके लहरी के थाने से जाने के बाद इस प्रकरण की विवेचना दरोगा सुंदर सिंह को दी गई। विवेचना मिलने के बाद दरोगा सुंदर सिंह 14 अक्टूबर को एफआईआर में नामजद दोनों गो तस्करों को पकड़कर थाने ले आए। जब गोमांस तस्करों को जेल भेजने के लिए अभिलेख देख गए, तो नए विवेचक दंग रह गए। गोमांस प्रकरण में तत्कालीन विवेचक आरके लहरी ने नामजद दोनों गोमांस तस्करों को क्लीनचिट देकर एफआईआर का फाइनल पर्चा भी काट दिया। पुलिस ने पकड़े गए दोनों गो तस्करों को उनके परिवार वालों को बुलाकर थाने से छोड़ दिया।
विज्ञापन

क्लीनचिट देते ही छोड़ा कार्यभार
गो तस्करों के मामले की विवेचना करने वाले तत्कालीन विवेचक आरके लहरी ने पहले ही तस्करों को छोड़ने की लिखा पढ़ी पूरी कर ली थी। जैसे ही तबादले का आदेश मिला, दरोगा ने चार्ज छोड़ने से पहले अंतिम पर्चा भी काट दिया। नौ अक्टूबर को दरोगा का तबादला हो गया। इस दौरान दरोगा हाईकोर्ट गया था। 10 अक्टूबर को थाने पहुंचने के बाद उसने सबसे पहले गो तस्करी वाले मामले में फाइनल पर्चा काटकर उसी दिन अपनी रवानगी करा ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

इंस्पेक्टर बोले- हमें कुछ नहीं पता
गोतस्करी मामले के विवेचक दरोगा आरके लहरी द्वारा दो गोमांस तस्करों को क्लीनचिट देने के मामले में कोतवाली इंस्पेक्टर विरजाराम का कहना है कि विवेचक ने इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं दी। न ही अन्य लंबित विवेचनाओं के बारे में दरोगा ने बताया। उनकी गैर मौजूदगी में विवेचक ने गोमांस तस्करों को क्लीनचिट देने का फाइनल पर्चा काटा और तुरंत थाने से रवानगी कराकर चले गए। मामले में एसपी को रिपोर्ट भेजी गई है।
कितने गोमांस तस्करों पर मामले दर्ज, इंस्पेक्टर नहीं जानते
हरेई गांव में गोवंशीय पशुओं की हत्या में शामिल गोमांस तस्कर इल्यास और शकील को तत्कालीन विवेचक द्वारा क्लीनचिट देने की बात में लापरवाही की बात तो इंस्पेक्टर स्वीकर कर रहे हैं। वह यह भी मानते हैं कि तत्कालीन विवेचक ने गोमांस तस्करों को क्लीनचिट गलत दी। मगर, इस प्रकरण के दो माह बीतने के बाद भी इंस्पेक्टर विरजाराम को यह नहीं पता कि उनके थाने में कितने गोमांस तस्करों पर किन धाराओं में मामले दर्ज हैं। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिलसंडा थाने की पुलिस की कार्यशैली किस स्तर की है। हाल ही में इसी थाने की चौकी में सांसद प्रतिनिधि के भतीजे से सिपाही द्वारा 500 रुपये रिश्वत लेने का ऑडियो भी वायरल हो चुका है। मगर, इंस्पेक्टर विरजाराम को वह भी नहीं पता चला। बिलसंडा थाना और उसकी चौकियों के सिपाही शाहजहांपुर और बरेली की सीमा तक चेकिंग की आड़ में वसूली करते हैं। उसकी शिकायतें मुख्यालय तक लगातार पहुंच रही हैं। मगर, इन सब के बारे में भी इंस्पेक्टर को जानकारी नहीं लगती।

‘विवेचना में गोतस्करों को क्लीनचिट देने संबंधी रिपोर्ट मांगी गई है। आखिर विवेचक ने किस आधार पर दोनों नामजद आरोपियों को क्लीनचिट दी गई थी। गहनता से जांच करने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।’ - जयप्रकाश, एसपी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed