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गन्ना मूल्य के भुगतान में देरी, तीन चीनी मिलों को नोटिस
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चीनी मिल। फाइल फोटो
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। चीनी मिलों ने किसानों के 426 करोड़ 32 लाख 37 हजार रुपये दबा रखे हैं। किसान भुगतान के लिए परेशान हैं। गन्ना क्रय अधिनियम के मुताबिक गन्ना खरीदे जाने की 14 दिन की अवधि में भुगतान हो जाना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। ऐसे में अब भुगतान में देरी पर तीन चीनी मिलों को नोटिस जारी किया गया है।
यहां बता दें कि एलएच शुगर मिल ही है जो भुगतान के मामले में सबसे आगे है। मिल अधिकतर भुगतान कर चुकी है। अब सिर्फ 67 करोड़ रुपये बकाया है। सबसे खराब स्थिति बरखेड़ा स्थित बजाज ग्रुप की चीनी मिल की है। मिल पर किसानों का 259 करोड़ 02 लाख 26 हजार रुपये बकाया है। चीनी मिल प्रबंधन का कहना है कि जैसे-जैसे चीनी बिकेगी वैसे-वैसे भुगतान हो पाएगा क्योंकि मिल की कैश क्रेडिट लिमिट ऐसी नहीं है जिससे भुगतान के लिए एडवांस धन मिल सके।
जिला गन्ना अधिकारी से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि चीनी बिक्री पर सरकार के मानक हैं। ऐसा नहीं है कि मिल चाहे तो अधिक चीनी बेच दे। उन्होंने कहा कि वे चीनी बिक्री के बाद भुगतान सुनिश्चित कराने पर पूरा ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीसलपुर और पूरनपुर में कोआपरेटिव की चीनी मिलें हैं। इनके भुगतान की स्थिति भी ठीक नहीं है। इस तरह तीन चीनी मिलों को नोटिस दिया है। पहला नोटिस जारी हो गया है। अगले पंद्रह दिन में दूसरा और इसके बाद तीसरा नोटिस जारी होगा। अगर तीनों नोटिस मिलने के बाद भी चीनी मिलों ने भुगतान नहीं किया तो रिकवरी सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा।
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किस चीनी मिल पर कितना है बकाया
पीलीभीत 6700.99
बरखेड़ा 25902.26
बीसलपुर 5596.77
पूरनपुर 4432.35
कुल बकाया 42632.37 (धनराशि लाख रुपये में)
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फोटो
भुगतान नहीं मिल रहा, इलाज कैसे कराएं
मेरे दोनों गुर्दे खराब हो गए हैं। लखनऊ से इलाज चल रहा है। आठवें दिन डायलिसिस कराना पड़ रहा है। मैंने आठ एकड़ खेत में गन्ना बोया था और पूरनपुर चीनी मिल को आपूर्ति दी थी मगर पूरा भुगतान नहीं हो सका। इससे मुझे इलाज कराने में दिक्कत आ रही है।
-गुरमीत सिंह, नवदिया सुंदरपुर
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फोटो
बरखेड़ा चीनी मिल पर तीन लाख हैं बकाया
मेरा बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा पर गन्ना मूल्य भुगतान का तीन लाख रुपये बाकी है। भुगतान न मिल पाने के कारण मेरे घर की आर्थिक स्थिति बुरी तरह से प्रभावित हो रही हैं। चीनी मिल के अधिकारी बार-बार कहने पर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
-अतुल कुमार दीक्षित, गांव रमभोजा
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चीनी मिलों से 14 दिन में भुगतान मिलना चाहिए। अगर चीनी मिलें देरी करती हैं तो किसान को ब्याज समेत भुगतान दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
-जितेंद्र कुमार मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी
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यहां बता दें कि एलएच शुगर मिल ही है जो भुगतान के मामले में सबसे आगे है। मिल अधिकतर भुगतान कर चुकी है। अब सिर्फ 67 करोड़ रुपये बकाया है। सबसे खराब स्थिति बरखेड़ा स्थित बजाज ग्रुप की चीनी मिल की है। मिल पर किसानों का 259 करोड़ 02 लाख 26 हजार रुपये बकाया है। चीनी मिल प्रबंधन का कहना है कि जैसे-जैसे चीनी बिकेगी वैसे-वैसे भुगतान हो पाएगा क्योंकि मिल की कैश क्रेडिट लिमिट ऐसी नहीं है जिससे भुगतान के लिए एडवांस धन मिल सके।
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जिला गन्ना अधिकारी से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि चीनी बिक्री पर सरकार के मानक हैं। ऐसा नहीं है कि मिल चाहे तो अधिक चीनी बेच दे। उन्होंने कहा कि वे चीनी बिक्री के बाद भुगतान सुनिश्चित कराने पर पूरा ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीसलपुर और पूरनपुर में कोआपरेटिव की चीनी मिलें हैं। इनके भुगतान की स्थिति भी ठीक नहीं है। इस तरह तीन चीनी मिलों को नोटिस दिया है। पहला नोटिस जारी हो गया है। अगले पंद्रह दिन में दूसरा और इसके बाद तीसरा नोटिस जारी होगा। अगर तीनों नोटिस मिलने के बाद भी चीनी मिलों ने भुगतान नहीं किया तो रिकवरी सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा।
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किस चीनी मिल पर कितना है बकाया
पीलीभीत 6700.99
बरखेड़ा 25902.26
बीसलपुर 5596.77
पूरनपुर 4432.35
कुल बकाया 42632.37 (धनराशि लाख रुपये में)
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फोटो
भुगतान नहीं मिल रहा, इलाज कैसे कराएं
मेरे दोनों गुर्दे खराब हो गए हैं। लखनऊ से इलाज चल रहा है। आठवें दिन डायलिसिस कराना पड़ रहा है। मैंने आठ एकड़ खेत में गन्ना बोया था और पूरनपुर चीनी मिल को आपूर्ति दी थी मगर पूरा भुगतान नहीं हो सका। इससे मुझे इलाज कराने में दिक्कत आ रही है।
-गुरमीत सिंह, नवदिया सुंदरपुर
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फोटो
बरखेड़ा चीनी मिल पर तीन लाख हैं बकाया
मेरा बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा पर गन्ना मूल्य भुगतान का तीन लाख रुपये बाकी है। भुगतान न मिल पाने के कारण मेरे घर की आर्थिक स्थिति बुरी तरह से प्रभावित हो रही हैं। चीनी मिल के अधिकारी बार-बार कहने पर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
-अतुल कुमार दीक्षित, गांव रमभोजा
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चीनी मिलों से 14 दिन में भुगतान मिलना चाहिए। अगर चीनी मिलें देरी करती हैं तो किसान को ब्याज समेत भुगतान दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
-जितेंद्र कुमार मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी
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