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गन्ना सर्वे में राजस्व रिकार्ड से होगा क्षेत्रफल का मिलान
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Fri, 29 Apr 2016 11:40 PM IST
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बैठक।
- फोटो : pilibhit, beureu
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आगामी पेराई सीजन के लिए गन्ना सर्वे का कार्य दो मई से प्रारंभ होगा। इसके लिए डीसीओ ने बैठक कर शासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस बार गन्ना सर्वे में खेत के क्षेत्रफल का राजस्व रिकार्ड से मिलान भी किया जाएगा।
वर्तमान गन्ना सीजन सत्र समाप्त होने के साथ ही किसानों ने आगामी सीजन के लिए बुवाई का काम पूरा कर लिया है। अब गन्ना विभाग चीनी मिलों के सहयोग से गन्ना सर्वे करने की तैयारी कर रही है। इसको लेकर शुक्रवार को जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव ने गन्ना भवन में समिति व चीनी मिल अधिकारियों एवं सुपरवाइजरों के साथ बैठक की। डीसीओ ने कहा सर्वे में पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। छोटे छोटे किसानों के प्लाट भी सर्वे में न छूटे इसका पूरा ध्यान रहे। उन्होंने कहा कि पहले नीचली जमीनों का सर्वे किया जाएगा ताकि बारिश होने अथवा जलभराव की स्थिति में दिक्कत न हो। उन्होंने बताया कि पूरे जिले के 1313 गांव में गन्ना सर्वे होना है इसके लिए 127 सर्किल निर्धारित कर इतनी ही टीमें लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सह फसली खेत होंगे चिन्हित
गन्ना विभाग ने इस बार सहफसली खेती के विशेष जोर दिया है। जिले में बड़ी संख्या में किसानों ने इसे अपनाया भी है। इसलिए इस बार होने वाले सर्वे में गन्ने के साथ सह फसली खेती करने वालों को विशेष रूप से चिन्हित किया जाएगा।
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सहकारी मिलें भी मशीन से करेंगी सर्वे
जिले में अब तक प्राइवेट मिलें सर्वे मशीन और जीपीएस का प्रयोग कर रही थीं। इस बार दोनों सहकारी मिलें क्रमश: पूरनपुर व बीसलपुर द्वारा भी सर्वे कार्य मशीनों से किया जाएगा।
समिति और डीसीओ कार्यालय में बनेंगे कंट्रोलरूम
दो मई से शुरू हो रहे गन्ना सर्वे कार्य की निगरानी, सूचनाओं के आदान प्रदान एवं शिकायतें दर्ज कराने के लिए गन्ना समितियों में एससीडीआई एवं जिला स्तर पर डीसीओ कार्यालय पर कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे।
घोषणापत्र के साथ करें शिकायत
गन्ना सर्वे के दौरान रकबा कम होने, प्रजाति गलत होने, पेड़ी पौधा बदलने सहित तमाम शिकायतें दर्ज कराने के लिए किसानों को घोषणापत्र भरकर पहचानपत्र के साथ संलग्न करना होगा।
पहली मई को रविवार होने के कारण दो मई से गन्ना सर्वे कार्य प्रारंभ कराया जा रहा है। किसानों से अपील है कि सर्वे के समय खेत पर उपस्थित रहकर सही जानकारी देकर सर्वे कराएं ताकि गड़बड़ी की संभावना ही न रहे।
- राजेश्वर यादव, जिला गन्ना अधिकारी
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वर्तमान गन्ना सीजन सत्र समाप्त होने के साथ ही किसानों ने आगामी सीजन के लिए बुवाई का काम पूरा कर लिया है। अब गन्ना विभाग चीनी मिलों के सहयोग से गन्ना सर्वे करने की तैयारी कर रही है। इसको लेकर शुक्रवार को जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव ने गन्ना भवन में समिति व चीनी मिल अधिकारियों एवं सुपरवाइजरों के साथ बैठक की। डीसीओ ने कहा सर्वे में पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। छोटे छोटे किसानों के प्लाट भी सर्वे में न छूटे इसका पूरा ध्यान रहे। उन्होंने कहा कि पहले नीचली जमीनों का सर्वे किया जाएगा ताकि बारिश होने अथवा जलभराव की स्थिति में दिक्कत न हो। उन्होंने बताया कि पूरे जिले के 1313 गांव में गन्ना सर्वे होना है इसके लिए 127 सर्किल निर्धारित कर इतनी ही टीमें लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सह फसली खेत होंगे चिन्हित
गन्ना विभाग ने इस बार सहफसली खेती के विशेष जोर दिया है। जिले में बड़ी संख्या में किसानों ने इसे अपनाया भी है। इसलिए इस बार होने वाले सर्वे में गन्ने के साथ सह फसली खेती करने वालों को विशेष रूप से चिन्हित किया जाएगा।
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सहकारी मिलें भी मशीन से करेंगी सर्वे
जिले में अब तक प्राइवेट मिलें सर्वे मशीन और जीपीएस का प्रयोग कर रही थीं। इस बार दोनों सहकारी मिलें क्रमश: पूरनपुर व बीसलपुर द्वारा भी सर्वे कार्य मशीनों से किया जाएगा।
समिति और डीसीओ कार्यालय में बनेंगे कंट्रोलरूम
दो मई से शुरू हो रहे गन्ना सर्वे कार्य की निगरानी, सूचनाओं के आदान प्रदान एवं शिकायतें दर्ज कराने के लिए गन्ना समितियों में एससीडीआई एवं जिला स्तर पर डीसीओ कार्यालय पर कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे।
घोषणापत्र के साथ करें शिकायत
गन्ना सर्वे के दौरान रकबा कम होने, प्रजाति गलत होने, पेड़ी पौधा बदलने सहित तमाम शिकायतें दर्ज कराने के लिए किसानों को घोषणापत्र भरकर पहचानपत्र के साथ संलग्न करना होगा।
पहली मई को रविवार होने के कारण दो मई से गन्ना सर्वे कार्य प्रारंभ कराया जा रहा है। किसानों से अपील है कि सर्वे के समय खेत पर उपस्थित रहकर सही जानकारी देकर सर्वे कराएं ताकि गड़बड़ी की संभावना ही न रहे।
- राजेश्वर यादव, जिला गन्ना अधिकारी