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प्रतिमा विसर्जन पर रोक, मैला डालने की छूट

Sat, 17 Sep 2016 11:19 PM IST
सुनील यादव पीलीभीत।
सुनील यादव पीलीभीत। Updated Sat, 17 Sep 2016 11:19 PM IST
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Stop at the statue immersion, pouring muddy discount
हाल देवाहुति गंगा का  - फोटो : अमर उजाला
फाइलों में गुम हो गई कूड़ा निस्तारण की योजना
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स्थाई डलावघर को जमीन खरीदने की कवायद भी बंद

देवाहुति गंगा (देवहा) नदी को निर्मल और अविरल बनाए रखने के लिए धार्मिक परंपरा प्रतिमा विसर्जन पर तो सख्ती से रोक लगा दी गई है, लेकिन इसमें कूड़ा डालने वालों और नाले का पानी बहाने वालों पर कोई रोक नहीं है। इसके लिए आज तक न तो जिला प्रशासन ने। नदी में रोजाना शहर भर का कूड़ा-करकट डाला जा रहा। नगर पालिका परिषद प्रशासन ने कूड़ा निस्तारण के लिए कुछ समय पहलेे योजना भी बनाई थी। इसके तहत पिछले साल जमीन खरीने के प्रयास भी हुए, लेकिन बाद में मामला फाइलों गुम होकर रह गया। 

रोजाना होता है आठ मीट्रिक टन कूड़ा
सवा दो लाख की आबादी वाले इस शहर में कूड़ा निस्तारण को करीब 34 अस्थाई डलावघर हैं। नगर पालिका परिषद के सफाई कर्मचारी 27 वार्डों से कूड़ा उठाकर इन्हीं अस्थाई डलावघरों में डालते हैं। इसकेे बाद ट्रैक्टर-ट्रालियों से रोजाना इस करीब आठ मीट्रिक टन कूड़े को उठाकर देवहा नदी की तलहटी में डाल दिया जाता है।
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अब तक नहीं हुई स्थायी डलावघर की व्यवस्था
कूड़ा निस्तारण की समस्या के समाधान को नगर पालिका परिषद प्रशासन ने स्थायी डलावघर बनाने के लिए जमीन की तलाश शुरू की थी। इसके लिए गांव खरुआ, प्यास, मीरगंज चौराहा और नाकूड़ में जमीन तलाशी गई। नगर पालिका प्रशासन ने नाकूड़ की जमीन को शहर के करीब होने के चलते सबसे उपयुक्त माना था, लेकिन कुछ लोगों के विरोध पर प्रस्ताव को ही जमींदोज कर दिया गया। तबसे आज तक इस मामले में कोई प्रगति नहीं हुई।
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वेस्ट ट्रीटमेंट को आई कंपनी का भी अतापता नहीं 
गुजरात की कदम इन्वायरमेंटल कॅंसलटेंट कंपनी ने दो साल पहले डेनमार्क की एक कंपनी के सहयोग से शहर में वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू की थी। कंपनी के विशेषज्ञों ने दो बार यहां पहुंचकर सैंपलिंग भी की थी। विशेषज्ञों का कहना था कि कूड़े की जांच के बाद उसके निस्तारण और कूड़े से बिजली बनाने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा, लेकिन यह मामला भी दबकर रह गया।


 
कूड़ा निस्तारण को लेकर कई जगह चिन्हित की गई थीं, लेकिन इन सभी जगहों पर कुछ न कुछ दिक्कतें आ रही थीं। अब एक अन्य स्थान पर भूमि चिन्हित की गई है। जल्द ही इसके अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- प्रभात जायसवाल, अध्यक्ष नगरपालिका परिषद
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