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खेतों में खड़ा है गन्ना फिर भी मिल रहा राहत चेक

Mon, 20 Apr 2015 12:07 AM IST
माधोटांडा/पीलीभीत।
माधोटांडा/पीलीभीत। Updated Mon, 20 Apr 2015 12:07 AM IST
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बारिश और ओलावृष्टि से फसलों के नुकसान से बर्बाद हुए किसान से हर कदम पर खिलवाड़ किया जा रहा है। पहले किसानों को काफी कम धनराशि के चेक दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है अब उन किसानों के नाम भी गेहूं के नुकसान की सूची में शामिल किए जाने की शिकायत हो रही है जिनके खेतों में गन्ने की फसल खड़ी है।
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आपदा में पीड़ित को राहत मिले इसके लिए सरकार पैसे भेजती है लेकिन राजस्व टीम द्वारा इसमें किए जाने वाले खेल के कारण असली पीड़ितों को इसका लाभ नहीं मिल पाता। इस बार बारिश और ओलावृष्टि से हुए फसलों के नुकसान के मामले में भी ऐसा ही हो रहा है। नुकसान के सर्वे के नाम पर शुरू से ही शिकायतें आ रही हैं। ऐसे में कुछ माह बाद होने वाले प्रधानी के चुनाव का भी इस पर असर दिख रहा है। गांव में प्रधानी के दावेदार लोग लेखपाल से मिलकर अपनों को लाभ दिलाने में जुटे हैं।
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माधोटांडा क्षेत्र में ऐसे कई लोगों को लाभ दिए जाने की शिकायत डीएम और एसडीएम की गई है जिसमें सूची में उन लोगों के नाम शामिल करने का आरोप है। बताया गया है कि जिनके खेतों में गन्ना खड़ा है, वहीं कुछ किसानों की फसल में अधिक नुकसान न होने के बाद भी 50 प्रतिशत से नुकसान दिखाकर लाभ दिया जा रहा है। इसके विपरीत कई किसान ऐसे हैं जिनका वास्तविक नुकसान होने के बाद भी सर्वे के बाद तैयार की गई सूची में नाम शामिल नहीं है।
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घरों पर बैठे हो रहे सर्वे
गेहूं के नुकसान की हकीकत परखने गांव पहुंच रहे लेखपालों खेतों से अधिक काम प्रधानी के दावेदारों के घर बैठक कर रहे हैं। एक गांव में अगर तीन प्रमुख दावेदार हैं तो लेखपाल तीनों के पास बैठकर किसानों की सूची बना रहे हैं।
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