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सपा-कांग्रेस से लड़ती दिखाई दी भाजपा
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Thu, 16 Feb 2017 12:15 AM IST
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पिछले चुनाव में जिले की सिर्फ एक सीट जीती भाजपा इस बार चारों सीटों पर मजबूती से लड़ती नजर आई। बसपा पिछले चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी, बरखेड़ा को छोड़कर इस बार भी हाथी की रफ्तार कहीं कोई खास उम्मीद नहीं जगा पाई। सपा ने जरूर भाजपा को हर सीट पर जोरदार टक्कर दी। एक-दूसरे के वोट बैंक में सेंधमारी भी खूब हुई, हालांकि इसका क्या अंजाम होगा यह मतगणना बाद ही पता लग पाएगा।
पीलीभीत: भाजपा और सपा का मुकाबला
पीलीभीत शहर सीट पर चुनाव मैदान में 12 उम्मीदवार हैं। मतदान होने के बाद माना जा रहा है कि बसपा की रणनीति के मुताबिक मुस्लिम मतों का विभाजन तो हुआ लेकिन बसपा के प्रत्याशी अरशद खां उम्मीद के मुताबिक मुस्लिम वोटों में सेंध नहीं लगा पाए। उधर बसपा के दलित वोटों में भी भाजपा सेंधमारी करती दिखी लिहाजा यहां सपा प्रत्याशी हाजी रियाज और भाजपा प्रत्याशी संजय गंगवार के बीच सीधे मुकाबले की तस्वीर बन गई है।
बरखेड़ा: अभी तीनों की उम्मीदें कायम
बरखेड़ा में भी ज्यादातर मुस्लिम मतदाता साइकिल चलाते दिखे, कुछ स्थानों पर जरूर बसपा ने सेंधमारी की। लोध किसान वोट अपनी बिरादरी के सपा, भाजपा और रालोद तीनों प्रत्याशियों में बंटे। बंगाली समुदाय के अधिकांश मतदाता कमल खिलाते दिखे। कुछ बंगाली वोट सपा को भी झटकने में सफलता मिली। रालोद के नल से कुछ स्थानों पर खूब पानी निकला। यही एकमात्र विधानसभा क्षेत्र रहा जहां बसपा थोड़ी बहुत हर जगह रही।
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पूरनपुर: दलित वोट भाजपा में चला गया
सपा के विधायक और प्रत्याशी पीतमराम, भाजपा प्रत्याशी बाबूराम कुशवाहा और बसपा प्रत्याशी केके अरविंद समेत समेत इस सीट पर आठ उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। शायदा नए चेहरे का असर था कि यहां लगभग सभी स्थानों पर हाथी की चाल सुस्त दिखी। यहां सपा और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला बताया जा रहा है। यहां मुस्लिम मतों का ध्रुवीकरण सपा के पक्ष में हुआ तो अधिकांश दलित वोट भाजपा के साथ नजर आया।
बीसलपुर: कहीं कमल, कहीं हाथी से लड़ा पंजा
कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मंत्री अनीस अहमद फूल बाबू, भाजपा के पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा और बसपा प्रत्याशी दिव्या गंगवार समेत नौ उम्मीदवार यहां किस्मत आजमा रहे हैं। कुछ स्थानों पर कमल खिलता दिखा तो कुछ स्थानों पर हाथी की चाल तेज नजर आई। पंजा दोनों से लड़ता नजर आया। सपा से गठबंधन के साथ कांग्रेस प्रत्याशी के मुस्लिम होने के कारण मुस्लिम मतों का ध्रुवीकरण कांग्रेस के पक्ष में होता दिखाई दिया। कुर्मी व लोध मतदाता बंटे नजर आए।
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पीलीभीत: भाजपा और सपा का मुकाबला
पीलीभीत शहर सीट पर चुनाव मैदान में 12 उम्मीदवार हैं। मतदान होने के बाद माना जा रहा है कि बसपा की रणनीति के मुताबिक मुस्लिम मतों का विभाजन तो हुआ लेकिन बसपा के प्रत्याशी अरशद खां उम्मीद के मुताबिक मुस्लिम वोटों में सेंध नहीं लगा पाए। उधर बसपा के दलित वोटों में भी भाजपा सेंधमारी करती दिखी लिहाजा यहां सपा प्रत्याशी हाजी रियाज और भाजपा प्रत्याशी संजय गंगवार के बीच सीधे मुकाबले की तस्वीर बन गई है।
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बरखेड़ा: अभी तीनों की उम्मीदें कायम
बरखेड़ा में भी ज्यादातर मुस्लिम मतदाता साइकिल चलाते दिखे, कुछ स्थानों पर जरूर बसपा ने सेंधमारी की। लोध किसान वोट अपनी बिरादरी के सपा, भाजपा और रालोद तीनों प्रत्याशियों में बंटे। बंगाली समुदाय के अधिकांश मतदाता कमल खिलाते दिखे। कुछ बंगाली वोट सपा को भी झटकने में सफलता मिली। रालोद के नल से कुछ स्थानों पर खूब पानी निकला। यही एकमात्र विधानसभा क्षेत्र रहा जहां बसपा थोड़ी बहुत हर जगह रही।
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पूरनपुर: दलित वोट भाजपा में चला गया
सपा के विधायक और प्रत्याशी पीतमराम, भाजपा प्रत्याशी बाबूराम कुशवाहा और बसपा प्रत्याशी केके अरविंद समेत समेत इस सीट पर आठ उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। शायदा नए चेहरे का असर था कि यहां लगभग सभी स्थानों पर हाथी की चाल सुस्त दिखी। यहां सपा और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला बताया जा रहा है। यहां मुस्लिम मतों का ध्रुवीकरण सपा के पक्ष में हुआ तो अधिकांश दलित वोट भाजपा के साथ नजर आया।
बीसलपुर: कहीं कमल, कहीं हाथी से लड़ा पंजा
कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मंत्री अनीस अहमद फूल बाबू, भाजपा के पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा और बसपा प्रत्याशी दिव्या गंगवार समेत नौ उम्मीदवार यहां किस्मत आजमा रहे हैं। कुछ स्थानों पर कमल खिलता दिखा तो कुछ स्थानों पर हाथी की चाल तेज नजर आई। पंजा दोनों से लड़ता नजर आया। सपा से गठबंधन के साथ कांग्रेस प्रत्याशी के मुस्लिम होने के कारण मुस्लिम मतों का ध्रुवीकरण कांग्रेस के पक्ष में होता दिखाई दिया। कुर्मी व लोध मतदाता बंटे नजर आए।