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Pilibhit News: छह हजार छुट्टा पशु गोआश्रय स्थलों में... फिर भी कदम-कदम पर खतरा

Wed, 25 Sep 2024 02:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 25 Sep 2024 02:00 AM IST
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Six thousand stray animals in cow shelters... yet there is danger at every step
पीलीभीत के स्टेडियम मार्ग पर घूमते छुटृा पशु। संवाद
पीलीभीत। कहने तो जिले में संचालित 58 गोआश्रय स्थलों में करीब छह हजार छुट्टा पशु संरक्षित हैं। बावजूद इसके सड़कों से लेकर खेतों तक इनके झुंड देखे जा सकते हैं। ऐसे में हर कदम पर खतरा बना रहता है। कितने छुट्टा गोवंश सड़कों पर हैं इस आशय की जानकारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) जानकारी नहीं दे सके, बोले-जल्द अभियान चलेगा।
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छुट्टा पशुओं के कारण हो रही घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री काफी गंभीर हैं। पशुओें को पकड़ने के लिए कड़े निर्देश भी दिए गए हैं। बावजूद इसके इन निर्देशों को लेकर अधिकारी और संबंधित विभाग के जिम्मेदार कितने गंभीर हैं यह आसानी से देखा जा सकता है। जिम्मेदारों का दावा है कि जिले में संचालित 58 गोआश्रय स्थलों में करीब छह हजार पशु संरक्षित हैं तो करीब पांच हजार पशुओं को तीन हजार पशुपालक योजना के तहत पाल रहे हैं, बावजूद इसके हर कदम पर पशुओं के झुंड उनके दावों को झुठलाने के लिए काफी हैं। हालत यह है है कि सूर्य अस्त होते ही हाईवे और अन्य सड़कों पर हर कदम पर यह पशु घूमते देखे जा सकते हैं। ऐसे में इनके कारण होने वाली घटनाएं आम हैं। जहां कई लोग चोटिल हो चुके हैं तो कई की जान भी जा चुकी है।
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इन मार्गों पर हैं सबसे अधिक पशु
असम हाईवे पर गांव बिठौरा, गजरौलाकलां, खाग सराय, असम चौराहा, मंडी समिति मार्ग, पूरनपुर का घुंघचाई चौराहा, बीसलपुर मार्ग पर बरखेड़ा के पास, ज्योहरा कल्याणपुर, जसौली दिवाली, जोगीठेर, बीसलपुर, माधोटांडा मार्ग पर बाइपास, कल्याणपुर, जमुनिया, नवदिया सुखदासपुर के अलावा टनकपुर हाईवे।
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ये भी जानें
कुल गोआश्रय स्थल- 58
कुल संरक्षित पशु- 6 हजार
योजना के तहत संरक्षित पशु- 4900



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छुट्टा पशुओं को पकड़कर गोआश्रय स्थल भेजा जाता है। जहां से भी जानकारी मिलती है वहां टीम भेजी जाती है। जिले में 13 गोआश्रय स्थलों का विस्तारीकरण किया जा रहा है। जल्द ही समस्या का बहुत हद तक समाधान हो जाएगा।
- डॉ. अरविंद कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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