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जान बचाने के पेड़ पर चढ़े छह लोग निकले गए, 12 सुरक्षित

Fri, 22 Oct 2021 01:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 01:42 AM IST
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Six people climbed the tree to save lives, 12 were safe
पूरनपुर। चौतरफा बाढ़ का पानी भरने से शीशम के पेड़ पर शरण लिए छह लोग 74 घंटे बाद सुरक्षित निकल सके। जबकि छप्पर पर शरण लिए 12 लोग चौथे दिन पानी कम होने पर नीचे उतरे और परिवार को सुरक्षित होने की जानकारी दी। संभवत शुक्रवार को वह घर पहुंच जाएंगे।
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सोमवार शारदापार हरीपुर जंगल किनारे गौढ़ी बनाकर रहे रहे गांव नहरोसा के 18 लोग अलग-अलग बाढ़ में फंस गए थे। इसमें गांव बमनपुर भागीरथ के समीप छह लोग चार दिन से शीशम के पेड़ पर चढ़कर सहायता का इंतजार कर रहे थे। बाढ़ में छप्पर बहने पर गौढ़ी संचालकों ने शीशम के पेड़ पर शरण ले रखी थी। गौढ़ी के करीब पांच सौ पशु बहकर कहां चले गए। इसकी जानकारी नहीं हो रही है। पेड़ पर फंसे इन लोगों ने घटना की जानकारी मोबाइल पर परिवार और गांव के लोगों को दी। वीडियो क्लिप बनाकर भी भेजी। प्रधान से बाहर निकलवाने की गुहार की। इसके अलावा अफसरों से भी फोन पर बात कर बाहर निकलवाने की गुहार लगाई। मगर उनको बृहस्पतिवार अपरान्ह तक नहीं निकाला जा सका था। फंसे लोगों के मोबाइल बुधवार अपरान्ह को स्विच ऑफ होने पर उनका संपर्क परिवार और अन्य लोगों से कट गया। इसके अलावा इसी गांव के बमनपुर भागीरथ में गौढ़ी पर रह रहे 12 लोग भी चार दिन से फंसे हुए थे। ये लोग छप्परों पर शरण लिए हुए थे। इन लोगों ने भी मोबाइल पर अपने फंसे होने की जानकारी परिवार के लोगों के अलावा करीबियों, प्रधान को दी थी। इन लोगों की गौढ़ी के पशु भी लापता हो गए थे। बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए अफसरों ने उच्च अफसरों से संपर्क किया। बृहस्पतिवार को हेलिकॉप्टर को मौके पर फंसे लोगों को निकालने को भेजा गया। मगर फंसे लोग नहीं मिल सके। इसकी जानकारी पर फंसे लोगों के परिवार के लोग चिंतित है। अफसर असमंजस में पड़ गए थे।
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बारह घंटे के अभियान में थाने पहुंचे बाढ़ में पेड़ पर फंसे लोग
पूरनपुर। हजारा कोतवाल हरीशवर्धन सिंह ने बताया कि पेड़ पर बैठे लोगों को सुरक्षित लाने के लिए बृहस्पतिवार सुबह टीम के अलावा गांव के कुछ लोगों को लेकर ट्रैक्टर से रवाना हुए। संपूर्णानगर के समीप पहुंचने पर ट्रैक्टर के आगे न जाने पर कई किलोमीटर पैदल पानी में चले। इसके बाद फिर एक ट्रैक्टर से वमनपुर भागीरथ तक पहुंचे। यहां से पूर्व प्रधान की नाव लेकर मौके पर बृहस्पतिवार अपरान्ह तीन बजे फंसे लोगों तक पहुंच गए। उस समय सभी छह लोग पानी कम होने पर पेड़ से उतरकर खड़े थे। भूख से तड़प रहे लोगों को साथ ले जाए गए खाना खिलाने के बाद वापस लेकर लौटे। रात पौने आठ बजे थाने पहुंचे हैं।
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बाढ़ में पेड़ पर बैठे सभी छह लोग सुरक्षित टीम को मिल गए। जिनके रास्ते में होने की जानकारी लगी है। छप्पर पर जो लोग बैठे थे। पानी कम होने पर उन्होंने अपने परिवार वालों को सुुरक्षित होने की जानकारी दी है।
- समीउद्दीन खां शम्मू, प्रधानपति
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