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Pilibhit News: रुतबे में रहता था सिद्धू, युवाओं को दिखाता था विदेश जाने का सपना
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पूरनपुर। पुलिस मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकियों का इंग्लैंड में बैठा मददगार बब्बर खालसा से जुड़ा कुलबीर सिंह सिद्धू कोरोना काल में गांव गजरौला जप्ती में दबंगई और रुतबे से रहता था। विदेश जाने और भिजवाने का सपना दिखाकर युवाओं की टीम बना रखी थी। बताते हैं कि आतंकियों को होटल में ठहराने में मदद करने वाले जसपाल उर्फ सनी के व्यवहार में भी सिद्धू के संपर्क में आने के बाद काफी बदलाव आया।
कुलबीर सिंह सिद्धू कोरोना काल में गांव गजरौला जप्ती के पूर्व प्रधान के पुत्र और मौजूदा प्रधान के घर में रुका था। प्रधान का देवर कोरोना काल से पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर काम करता था। तभी उसकी सिद्धू से जान-पहचान हुई। गांव वालों के अनुसार सिद्धू अपनी कार से गांव गजरौला जप्ती आकर प्रधान के घर रुका था। उसने गांव और आसपास के युवकों से पहचान बढ़ाकर पूरी टीम बना ली। युवकोंं के साथ वह रोजाना क्रिकेट खेलता था। इसके अलावा गांव के आसपास युवकों की टोली बनाकर विदेश भिजवाने की बात कहता था। उन्हें सपने दिखाता था।
जसपाल उर्फ सनी के रहन-सहन में आया काफी बदलाव
बताते हैं कि कुलबीर सिंह सिद्धू के संपर्क में आने के बाद जसपाल सिंह सनी का रहन-सहन बदल गया। बेरोजगार होने के बाद भी उसने डेढ़ साल पहले बुलेट बाइक खरीदी थी। पखवाड़े भर पहले उसने करीब डेढ़ लाख रुपये कीमत का मोबाइल खरीद लिया था। घर की मरम्मत पर भी उसने खासा खर्चा किया था। ट्रैक्टर भी मॉडीफाई कराया। उसका बदला रहन-सहन गांव में चर्चा का विषय बना था। सनी के पिता के पास करीब डेढ़ एकड़ जमीन है। अपने बड़े पुत्र मेजर सिंह को ढाई साल पहले इंग्लैंड भेजने पर पिता ने जमीन गिरवीं रखी थी। जिसे बाद में छुड़ा लिया गया था।
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पोस्टर फाड़ने पर हुए विवाद में युवक से भिड़ गया था सिद्धू
विधायकी के चुनाव के प्रचार में गांव के समीप भाजपा नेता के पोस्टर लगाए गए थे। प्रधान का परिवार सपा प्रत्याशी का समर्थक रहा। प्रधान के देवर ने भाजपा प्रत्याशी का पोस्टर फाड़ दिया था। तब प्रधान के देवर का गांव निवासी जसवंत सिंह से विवाद हो गया था। तब कुलवीर सिंह सिद्धू ने मौके पर पहुंचकर जसवंत पर रौब दिखाते हुए उसे खरी-खोटी सुनाई थी।
युवकों को लुभा कर रखता था जसपाल
जसपाल सिंह सनी बेरोजगार होने के बाद भी गांव के युवकों पर खूब खर्च करता था। अक्सर गांव से बाहर निकलने पर गांव के युवकों को साथ लेकर जाता था। उनको खिलाने, पिलाने पर खर्च करता था। इससे अक्सर युवक भी जसपाल सिंह सनी के साथ गांव के बाहर जाने को तैयार हो जाते थे।
गांव के कई अन्य लोगों से पूछताछ
कोरोना काल में कुलबीर सिंह सिद्धू गजरौला गांव के जिन लोगों के घर में रुका और मित्रता रही, पुलिस उन सभी से पूछताछ कर रही है। इनमें गांव के अर्शदीप और सतवंत भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सिद्धू इन दोनों के घरों में ठहरा था। यहां रहकर ही उसने पूरा नेटवर्क बनाया। कई अन्य लोगों को भी जोड़ा। हरियाणा के नंगल में विहिप नेता विकास प्रभाकर की हत्या मामले में उसने यहीं एक युवक के खाते से रुपयों का लेनदेन किया। शनिवार को कोतवाली में सीओ सिटी, माधोटांडा एसओ, कोतवाली के इंस्पेक्टर क्राइम ने सिद्धू के सभी नजदीकियों से पूछताछ की।
होटल में सन्नाटा, किराए पर नहीं दिए जा रहे कमरे
घटना के बाद से होटल हरजी में सन्नाटा पसरा है। हालांकि इस होटल में पहले भी कभी-कभार ही लोग रुकने पहुंचते थे। आतंकियों के मुठभेड़ में मारे जाने की घटना के बाद से होटल में किसी को नहीं ठहराया जा रहा है। होटल मैनेजर भी पूरे समय होटल में नहीं बैठ रहा है।
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कुलबीर सिंह सिद्धू कोरोना काल में गांव गजरौला जप्ती के पूर्व प्रधान के पुत्र और मौजूदा प्रधान के घर में रुका था। प्रधान का देवर कोरोना काल से पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर काम करता था। तभी उसकी सिद्धू से जान-पहचान हुई। गांव वालों के अनुसार सिद्धू अपनी कार से गांव गजरौला जप्ती आकर प्रधान के घर रुका था। उसने गांव और आसपास के युवकों से पहचान बढ़ाकर पूरी टीम बना ली। युवकोंं के साथ वह रोजाना क्रिकेट खेलता था। इसके अलावा गांव के आसपास युवकों की टोली बनाकर विदेश भिजवाने की बात कहता था। उन्हें सपने दिखाता था।
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जसपाल उर्फ सनी के रहन-सहन में आया काफी बदलाव
बताते हैं कि कुलबीर सिंह सिद्धू के संपर्क में आने के बाद जसपाल सिंह सनी का रहन-सहन बदल गया। बेरोजगार होने के बाद भी उसने डेढ़ साल पहले बुलेट बाइक खरीदी थी। पखवाड़े भर पहले उसने करीब डेढ़ लाख रुपये कीमत का मोबाइल खरीद लिया था। घर की मरम्मत पर भी उसने खासा खर्चा किया था। ट्रैक्टर भी मॉडीफाई कराया। उसका बदला रहन-सहन गांव में चर्चा का विषय बना था। सनी के पिता के पास करीब डेढ़ एकड़ जमीन है। अपने बड़े पुत्र मेजर सिंह को ढाई साल पहले इंग्लैंड भेजने पर पिता ने जमीन गिरवीं रखी थी। जिसे बाद में छुड़ा लिया गया था।
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पोस्टर फाड़ने पर हुए विवाद में युवक से भिड़ गया था सिद्धू
विधायकी के चुनाव के प्रचार में गांव के समीप भाजपा नेता के पोस्टर लगाए गए थे। प्रधान का परिवार सपा प्रत्याशी का समर्थक रहा। प्रधान के देवर ने भाजपा प्रत्याशी का पोस्टर फाड़ दिया था। तब प्रधान के देवर का गांव निवासी जसवंत सिंह से विवाद हो गया था। तब कुलवीर सिंह सिद्धू ने मौके पर पहुंचकर जसवंत पर रौब दिखाते हुए उसे खरी-खोटी सुनाई थी।
युवकों को लुभा कर रखता था जसपाल
जसपाल सिंह सनी बेरोजगार होने के बाद भी गांव के युवकों पर खूब खर्च करता था। अक्सर गांव से बाहर निकलने पर गांव के युवकों को साथ लेकर जाता था। उनको खिलाने, पिलाने पर खर्च करता था। इससे अक्सर युवक भी जसपाल सिंह सनी के साथ गांव के बाहर जाने को तैयार हो जाते थे।
गांव के कई अन्य लोगों से पूछताछ
कोरोना काल में कुलबीर सिंह सिद्धू गजरौला गांव के जिन लोगों के घर में रुका और मित्रता रही, पुलिस उन सभी से पूछताछ कर रही है। इनमें गांव के अर्शदीप और सतवंत भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सिद्धू इन दोनों के घरों में ठहरा था। यहां रहकर ही उसने पूरा नेटवर्क बनाया। कई अन्य लोगों को भी जोड़ा। हरियाणा के नंगल में विहिप नेता विकास प्रभाकर की हत्या मामले में उसने यहीं एक युवक के खाते से रुपयों का लेनदेन किया। शनिवार को कोतवाली में सीओ सिटी, माधोटांडा एसओ, कोतवाली के इंस्पेक्टर क्राइम ने सिद्धू के सभी नजदीकियों से पूछताछ की।
होटल में सन्नाटा, किराए पर नहीं दिए जा रहे कमरे
घटना के बाद से होटल हरजी में सन्नाटा पसरा है। हालांकि इस होटल में पहले भी कभी-कभार ही लोग रुकने पहुंचते थे। आतंकियों के मुठभेड़ में मारे जाने की घटना के बाद से होटल में किसी को नहीं ठहराया जा रहा है। होटल मैनेजर भी पूरे समय होटल में नहीं बैठ रहा है।