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पानी छोड़ने के कुछ देर बाद ही रजवाहा नहर कटी, फसलें डूबीं
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माधोटांडा इलाके में जलमग्न हुए खेत। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। रजवाहा नहर में पानी छोड़ने के चार घंटे बात ही कट गई। नहर कटने से किसानों की करीब पचासों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। जानकारी लगने के बाद शनिवार को सिंचाई कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर नहर की मरम्मत शुरू कराई। किसानों का आरोप है कि सिल्ट सफाई में लापरवाही बरती गई। इससे नहर पानी के बहाव की क्षमता को झेल नहीं सकी।
माधोटांडा क्षेत्र में हरदोई ब्रांच नहर के माध्यम से रजवाहा नहर को निकाला गया है। रजवाहा से देवीपुर, चांदूपुर समेत कई माइनरों में सिंचाई के लिए पानी मुहैया कराया जाता है। इस बार सिल्ट सफाई में देरी के चलते जल्दबाजी कर कार्य में औपचारिकताएं निभा दी गई। काफी दिनों तक नहर में पानी नहीं आने से किसानों ने खुद के खर्च पर फसलों में पहला पानी लगाना शुरू कर दिया। शुक्रवार को लंबे इंतजार के बाद शाम को रजवाहा नहर में पानी छोड़ा गया। नहर में पानी आने से किसानों को भी राहत मिली, मगर चार घंटे बाद ही माधोटांडा क्षेत्र के उगनपुर इलाके में नहर कट गई। इससे करीब पचास एकड़ गेहूं, सरसों की फसलें जलमग्न हो गई। इससे किसान झाझनलाल का दस बीघा, जयंत राम का दस बीघा, मुकेश का चार बीघा, राम पाल की डेढ़ एकड़ फसल समेत करीब एक दर्जन किसानों की पचास एकड़ गेहूं और सरसों की फसलें जलमग्न हो गई। सहायक अभियंता मुकेश चंद्रा ने बताया कि रजवाहा नहर कट गई थी। मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है।
किसान बोले - सिल्ट सफाई में लापरवाही से फटी नहर
18 पीबीटीपी 33
एक तो नहर में पानी छोड़ने में देरी की गई। पानी आने बाद ही नहर फट गई। खुद के खर्च पर फसल में सिंचाई की गई थी। अब जलमग्न होने से फसल डूब गई। लापरवाही से किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। - सर्वेश कुमार, किसान
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पानी छोड़े जाने के चंद घंटों बाद ही रजवाहा नहर कट गई। करीब पचास एकड़ फसलें बुरी तरह जलमग्न हो गई। किसी तरह पानी निकालने के प्रयास शुरू किए गए है। सिल्ट सफाई में लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। - रामकुमार, किसान
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माधोटांडा क्षेत्र में हरदोई ब्रांच नहर के माध्यम से रजवाहा नहर को निकाला गया है। रजवाहा से देवीपुर, चांदूपुर समेत कई माइनरों में सिंचाई के लिए पानी मुहैया कराया जाता है। इस बार सिल्ट सफाई में देरी के चलते जल्दबाजी कर कार्य में औपचारिकताएं निभा दी गई। काफी दिनों तक नहर में पानी नहीं आने से किसानों ने खुद के खर्च पर फसलों में पहला पानी लगाना शुरू कर दिया। शुक्रवार को लंबे इंतजार के बाद शाम को रजवाहा नहर में पानी छोड़ा गया। नहर में पानी आने से किसानों को भी राहत मिली, मगर चार घंटे बाद ही माधोटांडा क्षेत्र के उगनपुर इलाके में नहर कट गई। इससे करीब पचास एकड़ गेहूं, सरसों की फसलें जलमग्न हो गई। इससे किसान झाझनलाल का दस बीघा, जयंत राम का दस बीघा, मुकेश का चार बीघा, राम पाल की डेढ़ एकड़ फसल समेत करीब एक दर्जन किसानों की पचास एकड़ गेहूं और सरसों की फसलें जलमग्न हो गई। सहायक अभियंता मुकेश चंद्रा ने बताया कि रजवाहा नहर कट गई थी। मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है।
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किसान बोले - सिल्ट सफाई में लापरवाही से फटी नहर
18 पीबीटीपी 33
एक तो नहर में पानी छोड़ने में देरी की गई। पानी आने बाद ही नहर फट गई। खुद के खर्च पर फसल में सिंचाई की गई थी। अब जलमग्न होने से फसल डूब गई। लापरवाही से किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। - सर्वेश कुमार, किसान
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पानी छोड़े जाने के चंद घंटों बाद ही रजवाहा नहर कट गई। करीब पचास एकड़ फसलें बुरी तरह जलमग्न हो गई। किसी तरह पानी निकालने के प्रयास शुरू किए गए है। सिल्ट सफाई में लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। - रामकुमार, किसान