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Pilibhit News: उत्तराखंड जा रहा जिले का गेहूं, केंद्र सूने... आढ़तें गुलजार
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शहर के मंडी समिति परिसर के यूपीएसएस के खरीद केंद्र पर पसरा सन्नाटा संवाद
पीलीभीत। बाजार और उत्तराखंड में गेहूं का भाव अधिक होने से अफसरों की नींद गायब है। खरीद का लक्ष्य कैसे पूरा हो, इसके लिए जिला प्रशासन हर जतन कर रहा हैं। अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों को समझा रहे हैं। सीमाओं पर नाकेबंदी भी लगाई गई है। इसके बाद भी अधिकांश क्रय केंद्रों पर सन्नाटा है। किसान अपनी फसल लेकर चोरी-छिपे उत्तराखंड जा रहे हैं। जहां उन्हें 150 से 200 रुपये प्रति क्विंटल भाव अधिक मिल रहा है।
गेहूं खरीद के लक्ष्य को पूरा करने में सरकारी तंत्र फेल होता नजर आ रहा है। जिले में 17 मार्च से खाद विभाग सहित सभी क्रय एजेंसियों ने गेहूं की खरीद शुरू कर दी थी। जिले में गेहूं खरीद के लिए 138 सरकारी केंद्र खोले गए हैं। सभी क्रय केंद्रों पर खरीद संसाधन, वारदाना, नमी मापन मशीन आदि की व्यवस्था है। शुरुआती दौर में तो गेहूं में नमी होने के चलते जिले की मंडियों में गेहूं की आवक कम रही। मगर, अप्रैल के पहले सप्ताह से गेहूं की आवक बढ़ गई है।
खरीद केंद्रों पर भी किसान पहुंचने लगे हैं। मगर बाजार मूल्य अधिक होने से आढ़तियों के पास रौनक अधिक रही। किसानों ने आढ़तियोंं के साथ ही उत्तराखंड का रुख किया। जिले के किसानों को उत्तराखंड जाने से रोकने के लिए प्रशासन ने चार-चार सदस्यीय तीन निगरानी टीमें बनाईं। जिले की सीमा पर वाहनों की जांच में कुछ किसानोंं का गेहूं पकड़ा भी गया। बाद में किसानों को समझाकर क्रय केंद्रों पर गेहूं तुलवाने के लिए प्रेरित किया गया।
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इस वजह से बाहर का रुख कर रहे किसान
खुले बाजार सहित उत्तराखंड के बाजार में गेहूं के दाम 150 से 175 रुपये तक बढ़ गए हैं। अब पीलीभीत की मंडी में ही भाव 2525 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं सितारगंज के खुले बाजार में भाव 2600 रुपये तक पहुंच गया है। प्रशासन की टीमें भी निगरानी में सुस्ती बरत रही हैं। उधर, बारिश की वजह से गेहूं को नुकसान भी पहुंचा है।
1.15 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य, अब तक खरीदा गया 14783
जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य 1.15 लाख मीट्रिक टन है। अब तक जिले में 14783.35 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। यह खरीद लक्ष्य का 12.80 प्रतिशत है।
कम खरीद पर आठ केंद्र प्रभारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि
गेहूं खरीद में कमी पर प्रशासन सख्त है। केंद्र प्रभारियों पर कार्रवाई भी हो रही है। एडीएम ऋतु पूनिया ने सभी खरीद एजेंसियों के जिला प्रबंधक को पत्र भेजकर 300 क्विंटल से कम खरीद वाले आठ केंद्रों के केंद्र प्रभारियों को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने का निर्देश दिया है। इनमें तीन केंद्र यूपीएसएस, पीसीएफ का एक, पीसीयू का एक और भारतीय खाद्य निगम के तीन केंद्रों के केंद्र प्रभारी शामिल हैं।
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गेहूं खरीद के लक्ष्य को पूरा करने में सरकारी तंत्र फेल होता नजर आ रहा है। जिले में 17 मार्च से खाद विभाग सहित सभी क्रय एजेंसियों ने गेहूं की खरीद शुरू कर दी थी। जिले में गेहूं खरीद के लिए 138 सरकारी केंद्र खोले गए हैं। सभी क्रय केंद्रों पर खरीद संसाधन, वारदाना, नमी मापन मशीन आदि की व्यवस्था है। शुरुआती दौर में तो गेहूं में नमी होने के चलते जिले की मंडियों में गेहूं की आवक कम रही। मगर, अप्रैल के पहले सप्ताह से गेहूं की आवक बढ़ गई है।
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खरीद केंद्रों पर भी किसान पहुंचने लगे हैं। मगर बाजार मूल्य अधिक होने से आढ़तियों के पास रौनक अधिक रही। किसानों ने आढ़तियोंं के साथ ही उत्तराखंड का रुख किया। जिले के किसानों को उत्तराखंड जाने से रोकने के लिए प्रशासन ने चार-चार सदस्यीय तीन निगरानी टीमें बनाईं। जिले की सीमा पर वाहनों की जांच में कुछ किसानोंं का गेहूं पकड़ा भी गया। बाद में किसानों को समझाकर क्रय केंद्रों पर गेहूं तुलवाने के लिए प्रेरित किया गया।
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इस वजह से बाहर का रुख कर रहे किसान
खुले बाजार सहित उत्तराखंड के बाजार में गेहूं के दाम 150 से 175 रुपये तक बढ़ गए हैं। अब पीलीभीत की मंडी में ही भाव 2525 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं सितारगंज के खुले बाजार में भाव 2600 रुपये तक पहुंच गया है। प्रशासन की टीमें भी निगरानी में सुस्ती बरत रही हैं। उधर, बारिश की वजह से गेहूं को नुकसान भी पहुंचा है।
1.15 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य, अब तक खरीदा गया 14783
जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य 1.15 लाख मीट्रिक टन है। अब तक जिले में 14783.35 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। यह खरीद लक्ष्य का 12.80 प्रतिशत है।
कम खरीद पर आठ केंद्र प्रभारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि
गेहूं खरीद में कमी पर प्रशासन सख्त है। केंद्र प्रभारियों पर कार्रवाई भी हो रही है। एडीएम ऋतु पूनिया ने सभी खरीद एजेंसियों के जिला प्रबंधक को पत्र भेजकर 300 क्विंटल से कम खरीद वाले आठ केंद्रों के केंद्र प्रभारियों को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने का निर्देश दिया है। इनमें तीन केंद्र यूपीएसएस, पीसीएफ का एक, पीसीयू का एक और भारतीय खाद्य निगम के तीन केंद्रों के केंद्र प्रभारी शामिल हैं।

शहर के मंडी समिति परिसर के यूपीएसएस के खरीद केंद्र पर पसरा सन्नाटा संवाद