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Pilibhit News: अस्पताल में टोटा, मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीद रहे मरीज

Sat, 19 Apr 2025 10:46 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 19 Apr 2025 10:46 PM IST
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Shortage in hospital, patients buying medicines from medical stores
मुकेश
पीलीभीत। जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं सिर्फ कागजों पर ही चकाचक हैं। पर्चा, चिकित्सक से परामर्श और जांच के लिए तो मरीज दिक्कत झेल ही रहे हैं। अस्पताल में दवाओं की कमी से मजबूरन मेडिकल स्टोर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रहीं हैं। पेट दर्द से लेकर शरीर में कमजोरी समेत गंभीर बीमारियों में दी जाने वाली दवाओं का भी अभाव है।
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मेडिकल कॉलेज के अधीन जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज मिलने का दावा बेमानी है। अस्पताल में दवाओं का टोटा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकारी दवाओं की तय सूची में 269 तरह की ओपीडी व आईपीडी दवाएं शामिल हैं। इसके आधार पर जिला अस्पताल के चिकित्सक मरीजों को दवाएं लिख रहे हैं। मगर उस सूची में से भी 30 प्रतिशत दवाएं वितरण केंद्र पर उपलब्ध नहीं हैं।
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इन दवाओं में नियमित पेट दर्द, अपच, शरीर में कमजोरी, दस्त के सिरप, शरीर, मांसपेशियों में दर्द आदि की दवाएं औषधि भंडार में नहीं हैं। रोजाना जिला अस्पताल के चिकित्सक इलाज के लिए मरीज के पर्चे पर जो दवाएं लिखते हैं, उनमें से कई अस्पताल में मिलती ही नहीं हैं। मजबूरी में मरीज को मेडिकल पर जाकर दवाएं खरीदनी पड़ती हैं।
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इन महत्वपूर्ण दवाओं का है अभाव
जिला अस्पताल के दवा वितरण केंद्र व औषधि भंडार में दस्त का लैपटोस्पीरा सिरप, त्वचा संबंधित विटामिन सी, हड्डी कमजोरी के लिए विटामिन डी-थ्री, साप्ताहिक कैल्शियम की कॉलेकैल्सिफेरॉल, मांसपेशियों के दर्द की प्रेगालिन 75, पेट में गैस की एक्टिव चारकोल, पेट समस्या की बिसाकोडाइल, उल्टी के लिए ओन्डेन्सेट्रॉन, एलर्जी की लूयूपिस, गठिया के लिए डेक्सामेथासोन जैसी महत्वपूर्ण दवाएं उपलब्ध नहीं हैं।




काउंटर पर नहीं मिलीं सभी दवाएं
चिकित्सक ने पेट की समस्या को लेकर जो दवाएं पर्चे पर लिखी थीं। वह सभी अस्पताल के दवा काउंटर से मिल नहीं सकी हैं। - अजय कुमारी, दीननगर मझोला



पेट में दर्द की समस्या व शरीर में कमजोरी को लेकर अस्पताल आया था। चिकित्सक ने परामर्श के बाद पेट में कीड़े की दवा बताई थी, जो दवा काउंटर उपलब्ध नहीं थी। - मुकेश, अमरिया




दवाओं को लेकर सरकार की तय सूची में 269 दवाएं शामिल हैं। नियमित उपचार व अन्य दवाएं लगभग अस्पताल औषधि भंडार में उपलब्ध हैं। -डा. रमाकांत सागर, अधीक्षक जिला अस्पताल

मुकेश

मुकेश

मुकेश

मुकेश

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