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शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय घेरा, सिर मुंड़वाए
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Mon, 19 Feb 2018 07:47 PM IST
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Protest at BSA office
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बकाया मानदेय समेत विभिन्न देयकों का भुगतान न होने से गुस्साएं शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय में नारेबाजी कर धरना दिया। वहीं कुछ शिक्षामित्रों ने सिर मुंड़वाकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान आक्रोशित महिला शिक्षामित्रों ने लेखा कार्यालय में भी हंगामा किया। दोपहर में शिक्षामित्रों व बीएसए के बीच वार्ता हुई। वार्ता के दौरान बीएसए द्वारा 26 फरवरी तक बकाया देय के भुगतान का आश्वासन दिया गया। तब कहीं जाकर शिक्षामित्र शांत हुए।
आदर्श शिक्षामित्र/शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, प्राथमिक शिक्षामित्र संघ व दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के संयुक्त तत्वावधान में जिले भर के कई शिक्षामित्र सोमवार को बीएसए कार्यालय परिसर में एकत्र हुए। यहां शिक्षामित्रों ने सात माह का बकाया मानदेय, डीए, सातवें वेतनमान का अंतर भुगतान आदि को लेकर बीएसए कार्यालय गेट को बंद कर नारेबाजी कर धरना शुरू कर दिया। धरनास्थल पर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल वर्मा ने कहा कि बीएसए, लेखाधिकारी व लिपिकों की लापरवाही के चलते शिक्षामित्र आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। प्रदेश में 429 समायोजित शिक्षकों की मौत इसका उदाहरण है। कहा कि यदि जिले में ऐसी कोई अप्रिय घटना हुई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। शिक्षामित्र संघ के मंडल उपाध्यक्ष राम सिंह राठौर ने कहा कि शासन के निर्देशों के बावजूद बीएसए व लेखाधिकारी द्वारा बकाया भुगतान नहीं किया गया। प्रत्येक शिक्षामित्र का विभाग पर सवा-सवा लाख से अधिक धनराशि बकाया है। जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते ही शिक्षामित्र धरना प्रदर्शन को मजबूर हुए हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अमरदीप ने कहा कि समायोजन निरस्त होने के बाद जो समायोजित शिक्षक काल का शिकार हुए हैं, उनके परिवार वालों को 20-20 लाख का मुआवजा व मृतक आश्रितों को नौकरी दी जाए। कुछ महिला शिक्षामित्रों ने कार्यालय के प्रथम तल पर स्थित लेखा कार्यालय में पहुंचकर हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस भी पहुंच गई और शिक्षामित्रों से शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करने की हिदायत दी। इस बीच कुछ शिक्षामित्रों ने धरना स्थल पर ही सिर मुंड़वाकर विरोध दर्ज कराया। दोपहर करीब दो बजे बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति भी कार्यालय पहुंच गए। कार्यालय में शिक्षामित्रों व बीएसए के बीच वार्ता हुई। शिक्षामित्रों का कहना था कि पहले समायोजन रद्द किया गया और अब उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उनके परिवार आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। इस पर बीएसए ने 26 फरवरी तक बकाया देयकों का भुगतान कराने का आश्वासन दिया। संगठन पदाधिकारियों ने निर्धारित तिथि तक निस्तारण न होने पर पुन: धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
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आदर्श शिक्षामित्र/शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, प्राथमिक शिक्षामित्र संघ व दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के संयुक्त तत्वावधान में जिले भर के कई शिक्षामित्र सोमवार को बीएसए कार्यालय परिसर में एकत्र हुए। यहां शिक्षामित्रों ने सात माह का बकाया मानदेय, डीए, सातवें वेतनमान का अंतर भुगतान आदि को लेकर बीएसए कार्यालय गेट को बंद कर नारेबाजी कर धरना शुरू कर दिया। धरनास्थल पर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल वर्मा ने कहा कि बीएसए, लेखाधिकारी व लिपिकों की लापरवाही के चलते शिक्षामित्र आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। प्रदेश में 429 समायोजित शिक्षकों की मौत इसका उदाहरण है। कहा कि यदि जिले में ऐसी कोई अप्रिय घटना हुई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। शिक्षामित्र संघ के मंडल उपाध्यक्ष राम सिंह राठौर ने कहा कि शासन के निर्देशों के बावजूद बीएसए व लेखाधिकारी द्वारा बकाया भुगतान नहीं किया गया। प्रत्येक शिक्षामित्र का विभाग पर सवा-सवा लाख से अधिक धनराशि बकाया है। जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते ही शिक्षामित्र धरना प्रदर्शन को मजबूर हुए हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अमरदीप ने कहा कि समायोजन निरस्त होने के बाद जो समायोजित शिक्षक काल का शिकार हुए हैं, उनके परिवार वालों को 20-20 लाख का मुआवजा व मृतक आश्रितों को नौकरी दी जाए। कुछ महिला शिक्षामित्रों ने कार्यालय के प्रथम तल पर स्थित लेखा कार्यालय में पहुंचकर हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस भी पहुंच गई और शिक्षामित्रों से शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करने की हिदायत दी। इस बीच कुछ शिक्षामित्रों ने धरना स्थल पर ही सिर मुंड़वाकर विरोध दर्ज कराया। दोपहर करीब दो बजे बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति भी कार्यालय पहुंच गए। कार्यालय में शिक्षामित्रों व बीएसए के बीच वार्ता हुई। शिक्षामित्रों का कहना था कि पहले समायोजन रद्द किया गया और अब उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उनके परिवार आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। इस पर बीएसए ने 26 फरवरी तक बकाया देयकों का भुगतान कराने का आश्वासन दिया। संगठन पदाधिकारियों ने निर्धारित तिथि तक निस्तारण न होने पर पुन: धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
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