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Pilibhit News: शारदा का जलस्तर बढ़ा, आबादी में घुसने लगा पानी
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पूरनपुर क्षेत्र के गांव चंदिया हजारा के समीप उफनाई शारदा नदी।स्रोत: ग्रामीण
पूरनपुर। जलस्तर बढ़ने से शारदा नदी उफना गई है। बाढ़ से बचाव के लिए लगाए गए जियो बैग भी पानी में डूब गए हैं। इसके अलावा हराधन के खेत के समीप और गणेश के खेत के समीप से नदी का पानी आबादी में घुसने लगा है। बाढ़ की आशंका पर आसपास के लोगों में खलबली मच गई है।
शारदा नदी की बाढ़ से बचाने के लिए लाखों रुपये से बाढ़ खंड की ओर से जियो बैग लगाए गए थे। इसके अलावा करोड़ों रुपये की लागत से चैनेलाइजेशन का कार्य चल रहा है। बुधवार शाम को शारदा नदी का अचानक जलस्तर ब़ढने से नदी उफना गई। बाढ़ से बचाव के लिए 1500 मीटर में लगाए गए जिओ बैग भी पानी में डूब गए हैं। जियो बैग लगाने की दो और परियोजना का प्रस्ताव भेजा गया है।
चंदिया हजारा के समीप 1500 मीटर में तो जियो बैग लगा दिए गए हैं, लेकिन गांव राहुलनगर के समीप जियो बैग लगाने की स्वीकृत नहीं हो सकी। बुधवार को नदी उफनाने से जियो बैग डूब गए और पानी आबादी की ओर घुसना शुरू हो गया। इसके अलावा हराधन के खेत और जिस स्थान तक जियो बैग लगाए गए उसके समीप गणेश के खेत से भी आबादी में पानी घुस रहा है।
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चैनेलाइजेशन के चल रहे काम से बाढ़ से कुछ बचाव तो हुआ, लेकिन नदी के उफनाने से 25 प्रतिशत से अधिक पानी आबादी की ओर घुसने लगा है। गांव चंदिया हजारा के प्रधान बासुदेव कुंडू ने बताया कि बाढ़ से बचाव के लिए लगाए गए अधिकांश जियो बैग नदी के उफनाने से डूब चुके हैं। अगर नदी का जलस्तर शीघ्र कम नहीं हुआ तो आबादी में बाढ़ के हालात बनना तय हैं।
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शारदा नदी की बाढ़ से बचाने के लिए लाखों रुपये से बाढ़ खंड की ओर से जियो बैग लगाए गए थे। इसके अलावा करोड़ों रुपये की लागत से चैनेलाइजेशन का कार्य चल रहा है। बुधवार शाम को शारदा नदी का अचानक जलस्तर ब़ढने से नदी उफना गई। बाढ़ से बचाव के लिए 1500 मीटर में लगाए गए जिओ बैग भी पानी में डूब गए हैं। जियो बैग लगाने की दो और परियोजना का प्रस्ताव भेजा गया है।
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चंदिया हजारा के समीप 1500 मीटर में तो जियो बैग लगा दिए गए हैं, लेकिन गांव राहुलनगर के समीप जियो बैग लगाने की स्वीकृत नहीं हो सकी। बुधवार को नदी उफनाने से जियो बैग डूब गए और पानी आबादी की ओर घुसना शुरू हो गया। इसके अलावा हराधन के खेत और जिस स्थान तक जियो बैग लगाए गए उसके समीप गणेश के खेत से भी आबादी में पानी घुस रहा है।
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चैनेलाइजेशन के चल रहे काम से बाढ़ से कुछ बचाव तो हुआ, लेकिन नदी के उफनाने से 25 प्रतिशत से अधिक पानी आबादी की ओर घुसने लगा है। गांव चंदिया हजारा के प्रधान बासुदेव कुंडू ने बताया कि बाढ़ से बचाव के लिए लगाए गए अधिकांश जियो बैग नदी के उफनाने से डूब चुके हैं। अगर नदी का जलस्तर शीघ्र कम नहीं हुआ तो आबादी में बाढ़ के हालात बनना तय हैं।