फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Sharada Dam shabby by Peband Began water storage

जर्जर शारदा डैम में पेबंद लगाकर शुरू हुआ पानी का भंडारण

Tue, 03 Nov 2015 07:15 PM IST
Madotanda
Madotanda Updated Tue, 03 Nov 2015 07:15 PM IST
विज्ञापन
Sharada Dam shabby by Peband Began water storage

बजट के अभाव में अब एक बार पुन: शारदा डैम की मुख्य बाडी में पेबंद लगाकर सिंचाई विभाग ने रबी फसलों को पानी देने के लिए डैम में पानी का भंडार करना शुरू कर दिया है। भले ही डैम को लंबे समय तक न भर सके, लेकिन उखड़ी जर्जर पिचिंग व स्वीकृत छह करोड़ के प्रोजेक्ट पर एक धेला न मिलने के चलते विभाग को मजबूरन ऐसा करना पड़ रहा है।

विज्ञापन

शारदा डैम की हालत बजट के अभाव में दिनों दिन दयनीय होती जा रही है। मुख्य बॉडी के भीतरी हिस्से की ईंट व पत्थर की पिचिंग पानी के थपेड़ों से टूट चुकी है व बाडी में गहरे गड्ढे भी हो गए। इसको लेकर शारदा सागर खंड ने पूर्व में छह करोड़ का एक प्रोजेक्ट शासन को भेजा था। जिसे स्वीकृत तो मिली, लेकिन बजट के नाम पर एक धेला भी नहीं दिया जा सका। किसी तरह गत वर्ष डैम को भरकर रबी फसलों को पानी देने की खानापूरी की गई थी, इस बार भी ऐसा ही होने जा रहा है।
विज्ञापन


पेबंद लगाकर डैम भरने की तैयारी शुरू
सूखा पड़ने की स्थिति में डैम के स्टोर किए गए पानी से ही सिंचाई की भरपाई होती है। अधिशासी अभियंता जीवनराम कई बार मुख्य अभियंता व अधीक्षण अभियंता सहित अन्य अफसरों को डैम की स्थिति दिखा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद शासन की नींद नहीं खुली। चूंकि डैम को पानी से भरना था, इसलिए पुन: आरबीएम से गड्ढे भरने की कवायद शुरू की गई है। ताकि पानी भरा जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरबीएम डालकर शुरू हुई खानापूरी
डैम की बाडी में बड़े-बड़े गड्ढे हैं। नियम के मुताबिक गड्ढों को मिट्टी से भरकर उसके ऊपर रेत की पर्त बिछाने के बाद छोटी बजरी और उसके ऊपर मोटी बजरी की लेयर व उसके ऊपर ईंट व पत्थर की पिचिंग लगाई जाती है। अब 12.6 किमी से 15 किमी के मध्य गत वर्ष के पड़े आरबीएम को अभियंता बोरों में भरवाकर गड्ढों में भर रहे हैं। हालांकि इससे डैम पूरी क्षमता से भरकर रोक पाना मुश्किल है।

डैम भरना शुरू, नहीं हुई ड्रेनों की सफाई
इस समय डैम में पानी का लेबिल 619.15 फिट हो चुका है, लेकिन डैम के बाहरी हिस्से में सीपेज ड्रेनें की सफाई अभी तक नहीं की जा सकी है। सफाई इसलिए जरूरी है, ताकि ड्रेनों में बाउलिंग न हो सके।


अधिशासी अभियंता ने काफी प्रयास किया, लेकिन पिचिंग मरम्मत को बजट नहीं मिल सका। रबी फसलों की सिंचाई को पानी का भंडार किया जाना जरूरी था। इसी के चलते अधिकारियों से अनुमति लेकर जहां गहरे गड्ढे हो गए हैं, उसको भरवाकर डैम का भरना शुरू किया गया है।
-वीरेंद्र सिंह यादव, अभियंता शारदा सागर वाइफरकेशन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed