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बाघ देखकर मचान छोड़कर भागे ग्रामीण
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बीसलपुर। गांव पिपरईया के किसान रविवार को देर रात खेत पर बाग देखकर मचान छोड़कर भाग गए। वन विभाग की टीम रात में ही पहुंची। वन विभाग के रेंजर का दावा है कि बाघ नहीं कोई और जानवर रहा होगा।
गांव पिपरईया के एक दर्जन से अधिक किसान जंगल किनारे स्थित खेतों में खड़ी फसलों की मचान पर रहकर रखवाली करते हैं। रविवार को रात लगभग आठ बजे किसान रोज की तरह मचान पर बैठकर खेतों में खड़ी फसलों की रखवाली कर रहे थे। गीता देवी के मचान की ओर जंगल से निकलकर एक बाघ आने लगा। पड़ोस में ही वेद राम वर्मा भी खेत पर बने खेत पर बने मचान पर बैठकर रखवाली कर रहे थे। दोनों लोगों ने बाघ को देखा तो डर गए।
शोर मचाना शुरू दिया तभी खेतों की रखवाली कर रहे किसानों ने भी शोर मचाना शुरू कर दिया फिर भी बाघ ने अपना रास्ता नहीं बदला और किसानों के मचान की ओर अपना रुख बनाए रहा। खतरा भांपकर सभी किसान शोर मचाते हुए गांव गए। गांव वालों को बताया उसके बाद ड्रम पीटते हुए सभी लोग खेतों की ओर आए तब तक बाघ जंगल की ओर चला गया। गांव में रहने वाले पूर्व जिला पंचायत सदस्य शंकर लाल वर्मा ने उसी समय फोन पर रेंजर बीके गुप्ता को सूचना दी। रेंजर ने अपनी टीम भेजी। टीम से जानकारी लेने के बाद रेंजर का कहना है कि बाघ नहीं कोई जानवर रहा होगा।
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गांव पिपरईया के एक दर्जन से अधिक किसान जंगल किनारे स्थित खेतों में खड़ी फसलों की मचान पर रहकर रखवाली करते हैं। रविवार को रात लगभग आठ बजे किसान रोज की तरह मचान पर बैठकर खेतों में खड़ी फसलों की रखवाली कर रहे थे। गीता देवी के मचान की ओर जंगल से निकलकर एक बाघ आने लगा। पड़ोस में ही वेद राम वर्मा भी खेत पर बने खेत पर बने मचान पर बैठकर रखवाली कर रहे थे। दोनों लोगों ने बाघ को देखा तो डर गए।
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शोर मचाना शुरू दिया तभी खेतों की रखवाली कर रहे किसानों ने भी शोर मचाना शुरू कर दिया फिर भी बाघ ने अपना रास्ता नहीं बदला और किसानों के मचान की ओर अपना रुख बनाए रहा। खतरा भांपकर सभी किसान शोर मचाते हुए गांव गए। गांव वालों को बताया उसके बाद ड्रम पीटते हुए सभी लोग खेतों की ओर आए तब तक बाघ जंगल की ओर चला गया। गांव में रहने वाले पूर्व जिला पंचायत सदस्य शंकर लाल वर्मा ने उसी समय फोन पर रेंजर बीके गुप्ता को सूचना दी। रेंजर ने अपनी टीम भेजी। टीम से जानकारी लेने के बाद रेंजर का कहना है कि बाघ नहीं कोई जानवर रहा होगा।
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