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Pilibhit News: प्रशस्त ऐप से होगी दिव्यांग बच्चों की स्क्रीनिंग

Sat, 03 Oct 2026 01:30 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Sat, 03 Oct 2026 01:30 AM IST
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Screening of children with disabilities to be conducted via the Prashast app.
परिषदीय स्कूलों के साथ कॉलेज, मदरसे और मान्यता प्राप्त विद्यालय भी दायरे में
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शिक्षकों को पांच अक्तूबर तक 10 वीडियो देखने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। जिले के परिषदीय स्कूलों के साथ राजकीय व मान्यता प्राप्त कॉलेजों, मदरसों और अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं में दिव्यांगता की पहचान के लिए स्क्रीनिंग कराई जाएगी। इसके लिए शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को प्रशस्त ऐप के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्क्रीनिंग के बाद चिन्हित बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है।

समग्र शिक्षा अभियान की राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी के निर्देश पर विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को प्रशस्त ऐप डाउनलोड कराने के निर्देश दिए हैं। ऐप पर उपलब्ध करीब 40 मिनट के वीडियो के माध्यम से शिक्षकों को दिव्यांगता की विभिन्न श्रेणियों की पहचान और उनके प्रति समावेशी दृष्टिकोण की जानकारी दी जा रही है। पांच अक्तूबर तक शिक्षकों को ऐप पर उपलब्ध 10 वीडियो देखने और सुनने हैं। इनमें परिचय एवं समावेशी शिक्षा की दिशा में एक कदम, गतिशीलता संबंधी दिव्यांगता की समझ, अवलोकन एवं पहचान, दृष्टिबाधित की समझ, श्रवणबाधित की समझ, बौद्धिक दिव्यांगता की समझ और विशेष अधिगम अक्षमता समेत अन्य विषय शामिल हैं। भारत सरकार की ओर से तैयार किए गए इस ऐप का उद्देश्य स्कूल स्तर पर बच्चों की दिव्यांगता संबंधी जरूरतों की शुरुआती पहचान करना है। विभागीय समीक्षा में सामने आया कि बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कार्यरत करीब 97 प्रतिशत शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों ने प्रशस्त ऐप डाउनलोड कर वीडियो देखे-सुने हैं। माध्यमिक शिक्षा के राजकीय कॉलेजों में भी करीब 80 प्रतिशत शिक्षकों ने ऐप डाउनलोड कर प्रशिक्षण पूरा किया है। वहीं मान्यता प्राप्त विद्यालयों और मदरसों में ऐप डाउनलोड करने को लेकर अपेक्षित प्रगति नहीं मिली। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए ऐसे संस्थानों के शिक्षकों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला विद्यालय निरीक्षक विजय सिंह ने सभी कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को तीन दिन के भीतर प्रशस्त ऐप डाउनलोड कराने के निर्देश दिए हैं।
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बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मान्यता प्राप्त विद्यालयों में आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाए। साथ ही प्रतिदिन समीक्षा कर यह जानकारी जुटाई जाए कि किन विद्यालयों के शिक्षकों ने अभी तक ऐप डाउनलोड नहीं किया है। इसकी रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारियों से मांगी गई है। बीएसए रोशनी सिंह ने बताया कि स्क्रीनिंग के माध्यम से बच्चों में दिव्यांगता की पहचान करने में मदद मिलेगी। इसके बाद उनकी आवश्यकता के अनुसार शैक्षिक और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा सकेगा।
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